चारधाम यात्रा को लेकर बड़ा फैसला संभव, श्रद्धालुओं के लिए शुरू हो सकते हैं रात्रिकालीन दर्शन
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस वर्ष भी सभी धामों में रात्रिकालीन दर ...और पढ़ें

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ रही है संख्या।

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राज्य ब्यूरो, देहरादून। प्रदेश में चल रही चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ रही संख्या को देखते हुए इस वर्ष भी सभी धामों में रात्रिकालीन दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने चारों धामों में श्रद्धालुओं को सुगमता व सरलता से दर्शन कराने के लिए सभी आवश्यक उपाय अपनाने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही उन्होंने यात्रा के विभिन्न पड़ावों के निचले क्षेत्रों में होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं को रखने के निर्देश देते हुए इनमें सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शनिवार को आईटी पार्क स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
मुख्य सचिव ने कहा कि चारों धामों में श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए जिला प्रशासन, बदरी-केदार मंदिर समिति और अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने यात्रा मार्गों पर बनाए गए सभी होल्डिंग एरिया को तत्काल सक्रिय करने के निर्देश देते हुए कहा कि वहां पेयजल, शौचालय, भोजन, स्वास्थ्य सुविधा और विश्राम जैसी सभी बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए सभी जिलों में पहले से निकासी योजना तैयार रहनी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
बैठक में उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (युकाडा) को भी आपात स्थिति में एयरलिफ्ट संबंधी तैयारियां पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संबंधित जिलों में राशन, दवाइयों और अन्य जरूरी सामग्री का पर्याप्त भंडारण बनाए रखने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा पंजीकरण के साथ स्वास्थ्य जांच को भी अनिवार्य रूप से प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों, गंभीर बीमारियों से पीडि़त श्रद्धालुओं तथा छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वालों को यात्रा से जुड़े जोखिमों के प्रति जागरूक किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर यात्रा टालने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में सचिव शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, सचिव विनोद कुमार सुमन, धीराज गर्ब्याल तथा एडीजी डा वी मुरूगेशन सहित संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।
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