यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Chardham Yatra 2023: चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण शुरू, इन चार तरीकों से घर बैठे कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन
Chardham Yatra 2023 आगामी 22 अप्रैल से उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का आगाज हो जाएगा। वहीं चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। प्रथम च ...और पढ़ें

टीम जागरण, देहरादून: Chardham Yatra 2023: आगामी 22 अप्रैल से उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का आगाज हो जाएगा। इसे लेकर सरकार ने कसरत शुरू कर दी है। गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट 22 अप्रैल, केदारनाथ के 25 व बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य
वहीं चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। 21 फरवरी सुबह सात बजे से आनलाइन व आन काल माध्यमों से पंजीकरण शुरू हो गए हैं। आप भी यात्रा पर जाना चाहते हैं तो जल्दी करें।
आप चार तरीकों से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। प्रथम चरण में केदारनाथ और बदरीनाथ धामों के लिए पंजीकरण किए जाएंगे। दोनों धामों के लिए प्रतिदिन 55 से 60 प्रतिशत पंजीकरण होंगे। प्रथम चरण में केदारनाथ व बदरीनाथ के लिए प्रतिदिन क्रमश: नौ हजार व 10000 पंजीकरण किए जाएंगे।
इन माध्यमों से पंजीकरण
- वेबसाइट:- registrationandtouristcare.uk.gov.in
- वाट्सएप नंबर 91-8394833833 (Yatra टाइप करें)
- टोल फ्री नंबर 0135-1364
- एप touristcareuttrakhand
श्रद्धालुओं से उन्हीं की भाषा में बात करेगी पुलिस
चार धाम यात्रा ड्यूटी में तैनात पर्यटन पुलिस को इस बार विभिन्न राज्यों की भाषाओं का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि दक्षिण भारत क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं को भाषायी आधार पर समस्या का सामना न करना पड़े।
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पर्यटन पुलिस में नियमित पुलिस के ही कार्मिकों को शामिल किया जाएगा। इससे पूर्व इन्हें रिजर्व पुलिस लाइन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसकी तिथि जल्द घोषित की जाएगी।
हर वर्ष तमिलानाडू, आंध्र प्रदेश, केरल आदि राज्यों के श्रद्धालु यहां चार धाम यात्रा के लिए आते हैं, लेकिन इनमें ज्यादातर हिंदी व अंग्रेजी का ज्ञान नहीं होता है। वहीं, उनकी क्षेत्रीय भाषा का ज्ञान यहां पुलिसकर्मियों को नहीं होता है। ऐसे में बातचीत के दौरान पुलिसकर्मी भी उन्हें सही से गाइड नहीं कर पाते हैं।
इसी समस्या को देखते हुए पुलिस विभाग ने चार धाम यात्रा में तैनात पुलिसकर्मियों को कुछ क्षेत्रीय भाषा सिखाने की योजना बनाई है। वहीं वर्ष 2022 में यात्रा के दौरान 70 कार्मिकों की तैनाती पर्यटन पुलिस के लिए तौर पर की गई थी। इस बार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात करने की तैयारी की जा रही है।
पर्यटन पुलिस का बनेगा अलग ढांचा
उत्तराखंड में गोवा व केरल की तर्ज पर पर्यटन पुलिस का अलग ढांचा बनाने की भी योजना बनाई जा रही है। इसके लिए अलग एसओपी तैयार की जाएगी।
पर्यटन पुलिस में एसपी से लेकर कांस्टेबल तक शामिल होंगे और उन्हें समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली में आयोजित पर्यटक पुलिस के राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद यह निर्णय लिया गया है।
चार धाम यात्रा में तैनात होने वाली पर्यटन पुलिस को कुछ राज्यों की क्षेत्रीय भाषा का ज्ञान दिया जाएगा। यात्रा में ऐसे पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिन्हें चार धाम के साथ ही पर्यटक स्थलों के बारे में जानकारी हो और वह पर्यटन पुलिस के रूप में काम करने में दिलचस्पी हो। पर्यटन पुलिस का अलग ढांचा तैयार करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
- डा. वी मुरुगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड