चारधाम यात्रा में नया कीर्तिमान, 94 दिनों में 45 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा ने 94 दिनों में 45 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड बनाया है। ...और पढ़ें

पिछले वर्ष के मुकाबले चारधाम यात्रा में साढ़े तीन लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे।
HighLights
94 दिनों में 45 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
बद्रीनाथ में सर्वाधिक 15 लाख से अधिक यात्रियों ने दर्शन किए
मुख्यमंत्री धामी ने सुरक्षित यात्रा हेतु व्यापक इंतजाम किए
राज्य ब्यूरो, देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की चारधाम यात्रा इस वर्ष नए रिकार्ड की ओर बढ़ रही है।
यात्रा शुरू होने के 94 दिनों में चारों धामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 45,01,204 पहुंच गई है।
पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 41,47,540 थी। इस तरह इस बार अब तक 3,53,664 अधिक श्रद्धालु चारधाम पहुंचे हैं।
सबसे अधिक श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचे हैं, जहां अब तक 15,27,936 यात्रियों ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए।
यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 12,19,744 श्रद्धालुओं की तुलना में 3,08,192 अधिक है।
केदारनाथ में 14,11,861, गंगोत्री में 7,03,064 और यमुनोत्री में 6,47,447 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं हेमकुंट साहिब में भी 2,10,896 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।
मानसून सक्रिय होने के बावजूद यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है। राज्य सरकार ने सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं यात्रा और आपदा प्रबंधन की लगातार निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा तैयारियों का आकलन करने के लिए राज्य स्तरीय माक ड्रिल भी आयोजित की गई है, जिससे यात्रा संचालन को और अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाया जा सके।
‘चारधाम यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। मौसम खराब होने के बावजूद चारों धामों में यात्रियों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। यात्रा से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू हो सके। भूस्खलन या अन्य किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के निर्देश दिए गए हैं। भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर पुलिस जवानों की तैनाती की गई है।’
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
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