यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 09, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UPCL: 42 लाख के गबन की जांच को बनी कमेटी, अब उठेगा पूरे खेल से पर्दा
जूनियर इंजीनियर पर लगे 42 लाख के गबन मामले में यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्र ने लेवल-2 की जांच कमेटी गठित कर दी है।

देहरादून, जेएनएन। नैनीताल में जूनियर इंजीनियर पर लगे 42 लाख के गबन मामले में यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्र ने लेवल-2 की जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी इस गबन के पीछे के पूरे खेल से पर्दा उठाने के साथ उन चेहरों को भी बेनकाब करेगी, जो इस गोलमाल में शामिल हैं। एमडी ने कहा कि जांच में जिन लोगों की भी भूमिका प्रकाश में आएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बता दें, नैनीताल के धौलाखेड़ा उपकेंद्र में तैनात रहे विद्युत वितरण खंड हल्द्वानी ग्रामीण के अवर अभियंता बीसी भट्ट पर बीती 31 मई को 42 लाख रुपये के गबन का मुकदमा दर्ज हुआ। विद्युत वितरण उपखंड, लालकुआं के एसडीओ मनोज पांडेय की तहरीर पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि हल्दूचौड़ निवासी बीसी भट्ट ने वर्ष 2009 से माप पुस्तिका और टूएस रजिस्टर लालकुआं उपखंड में जमा नहीं किया। प्रकरण संज्ञान में आया तो प्रारंभिक जांच के लिए फरवरी में कमेटी गठित की गई, जिसमें 42 लाख रुपये के गबन की बात सामने आई। जिसके बाद निगम की ओर से एफआईआर दर्ज करा दी गई।
बिना मास्क घूमने पर दो पर मुकदमा
प्रेमनगर थाना पुलिस ने बिना मास्क घूम रहे दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। एसओ धर्मेद्र रौतेला ने बताया कि दो व्यक्ति बिना मास्क पहने शोर मचाते घूमे रहे थे। दोनों ने अपना नाम संदीप और पंकज बताया।
पुलिस से उलझे कार सवार
बिना पास कार में घूम रहे एक व्यक्ति को पुलिस ने रोका तो वह अपने साथी के साथ पुलिस से उलझ गया। रायपुर थाना पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, कार में धूम रहे वीरेंद्र सिंह को रोककर पास दिखाने को कहा तो उसके पास कोई पास नहीं था। वह वाहन के कागज भी नहीं दिखा पाया तो उसका चालान कर दिया। कुछ देर बाद वीरेंद्र का साथी क्रांति मौके पर पहुंचा तो चालान करने को लेकर पुलिस से उलझने लगे। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
दीपक जोशी पर हो एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा
उत्तराखंड एससी-एसटी इंप्लाइज फेडरेशन ने सोमवार को डीआइजी अरुण मोहन जोशी को ज्ञापन दिया। फेडरेशन ने कहा कि उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष दीपक जोशी के खिलाफ तहरीर दिए तीन महीने बीत गए हैं, लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। दीपक जोशी पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
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फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष करमराम ने कहा कि ज्ञापन डीआइजी के कार्यालय में रिसीव करा दिया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि मार्च में बिना आरक्षण पदोन्नति बहाली के आंदोलन के दौरान जनरल ओबीसी एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष ने अनुसूचित जाति व जनजाति के कर्मचारियों को लेकर भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी की थी। इस मामले में छह मार्च को ही फेडरेशन की ओर से तहरीर दी गई थी, लेकिन अभी तक एफआइआर दर्ज नहीं की गई है।

