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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 28, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Coronavirus Quarantine News: उत्‍तराखंड में मंत्रियों के क्वारंटाइन पर महकमें की सेहत नासाज, पढ़िए पूरी खबर

By Sunil NegiEdited By:
Updated: Thu, 28 May 2020 08:06 AM (IST)

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के आवासीय परिसर को आंशिक होम क्वारंटाइन जबकि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक को क्वारंटाइन करने को लेकर प्रशासन असमंजस की स्थिति में है।

Uttarakhand Coronavirus Quarantine News: उत्‍तराखंड में मंत्रियों के क्वारंटाइन पर महकमें की सेहत नासाज, पढ़िए पूरी खबर
Uttarakhand Coronavirus Quarantine News: उत्‍तराखंड में मंत्रियों के क्वारंटाइन पर महकमें की सेहत नासाज, पढ़िए पूरी खबर

देहरादून, जेएनएन। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के सर्कुलर रोड स्थित आवास पर दिल्ली से तीन लोगों के आने के बाद आवासीय परिसर को आंशिक होम क्वारंटाइन किए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कहा जा रहा है कि जब दिल्ली जैसे रेड जोन से लोग उनके आवास पर आए तो पूरे परिसर को होम क्वारंटाइन जोन क्यों नहीं बनाया गया। सतपाल महाराज के आवास पर 21 मई को दिल्ली से उनके चालक व गनर समेत तीन लोग आए थे।

हालांकि, होम क्वारंटाइन का पर्चा मंगलवार को पांच दिन बाद लगाया गया। इस विलंब को लेकर भी तरह-तरह के सवाल किए जा रहे हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि सिर्फ सर्कुलर रोड की तरफ खुलने वाले गेट के हिस्से को होम क्वारंटाइन जोन बनाया गया है। म्यूनिसिपल रोड की तरफ खुलने वाले गेट के भाग को इससे मुक्त रखा गया है। स्वयं काबीना मंत्री सपताल महाराज पर भी क्वारंटाइन होने की बंदिश नहीं है। राजनीतिक गलियारों से छनकर यह बात भी आ रही है कि यदि इस परिसर में बाहर से लोग आए हैं तो दोनों गेट पर होम क्वारंटाइन का पर्चा चस्पा किया जाना चाहिए था। एहतियात के तौर पर काबीना मंत्री को भी होम क्वारंटाइन का पालन करना चाहिए। 

जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव के मुताबिक पुलिस व स्वास्थ्य विभाग से जो रिपोर्ट मिली, उसी के आधार पर सर्कुलर रोड की तरफ वाले भवन को होम क्वारंटाइन बनाया गया है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि सतपाल महाराज म्यूनिसिपल रोड की तरफ खुलने वाले गेट से आवागमन करते हैं। जहां वह निवास करते हैं, वह भवन भी अलग है। नियमों के मुताबिक ही पिछले गेट से संबंधित भवन को होम क्वारंटाइन जोन बनाया गया है।

बोले मंत्री जी

सतपाल महाराज (पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री) का कहना है कि मेरे आवासीय परिसर में गेस्ट हाउस व ऑफिस के लिए अलग भवन है और मेरे रहने का अलग। दिल्ली से जो लोग आए थे, उन्हें गेस्ट हाउस में होम क्वारंटाइन किया गया है। मेरे घर से इसका कोई जुड़ाव नहीं है। यह अच्छी बात है कि प्रशासन ने गेस्ट हाउस की तरफ वाले हिस्से को क्वारंटाइन जोन बनाया है। सुभाष रोड स्थित सरकारी आवास पर ऑफिस पहले ही शारीरिक दूरी के मानकों के मद्देनजर शिफ्ट किया जा चुका है। 

कौशिक के होम क्वारंटाइन को लेकर असमंजस में प्रशासन

एक कार्यक्रम में कोरोना पॉजिटिव युवक की मौजूदगी के बाद इसमें कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और अन्य संतों के शामिल होने पर इन्हें क्वारंटाइन करने को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग असमंजस की स्थिति में है। सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने मंगलवार को जहां सभी को होम क्वारंटाइन करने की बात कही थी, वहीं बुधवार तक भी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कोई निर्णय नहीं ले पाया था। बाद में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि उन्हें क्वारंटाइन नहीं किया जाएगा। 

सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए व्यक्ति के नजदीकी लोगों को अपने स्तर से क्वारंटाइन करने की है। सेकेंडरी सस्पेक्टेड लोगों को क्वारंटाइन करने के लिए प्रशासन उन्हें रिपोर्ट देता है, जिसका उन्हें इंतजार है। अब तक रिपोर्ट नहीं मिली है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि प्रशासन की रिपोर्ट प्राप्त होते ही स्वास्थ्य विभाग नियमानुसार सभी लोगों को होम क्वारंटाइन करने की कार्रवाई करेगा। उधर, समिति जब तक अपनी रिपोर्ट देती है, तब तक कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक को स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई हिदायत नहीं दी गई है। इस मामले में जिलाधिकारी सी. रविशंकर से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन लगातार उनका फोन व्यस्त रहा।

बोले मंत्री जी

मदन कौशिक (कैबिनेट मंत्री उत्तराखंड सरकार) का कहना है कि  हरिद्वार में जिस कार्यक्रम में शामिल हुए व्यक्ति का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया, उस कार्यक्रम में मैं महज कुछ वक्त के लिए गया। कार्यक्रम में मैंने राशन का वितरण भी नहीं किया और सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन करते हुए वापस आ गया। जिस व्यक्ति के बारे में कहा जा रहा है, वह कार्यक्रम से लगभग दो घंटे पहले वापस जा चुका था। मुझे सरकार के प्रतिनिधि के रूप में रोज इस तरह के कार्यक्रमों में शामिल होना पडता है। अन्य राज्यों से प्रवासियों को लेकर आ रही ट्रेनों के यात्रियों का स्वागत करने के लिए भी मुझे रेलवे स्टेशन जाना पडता है, लेकिन इस दौरान किसी से हाथ मिलाने या किसी वस्तु को छूने जैसे संपर्क का सवाल ही नहीं। मास्क के साथ पर्याप्त शारीरिक दूरी रखते हुए मौजूदगी दर्ज कराता हूं। मैं मंगलवार को ही देहरादून लौट आया था। मुझे स्वास्थ्य विभाग ने इस बारे में अब तक कुछ नहीं कहा है। स्वास्थ्य विभाग जो व्यवस्था देगा, उसका अनुपालन करूंगा।

मदन कौशिक नहीं होंगे क्वारंटाइन 

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक क्वारेंटाइन नहीं होंगे। जिलाधिकारी सी. रविशंकर का कहना है कि इस मामले में प्रशासनिक समिति की पहली रिपोर्ट के अनुसार उन्हें क्वारेंटाइन किया जाना था। बाद में मंत्री मदन कौशिक के बयान के साथ ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की जांच में पता चला कि कोरोना पाजीटिव व्यक्ति उनके आने से काफी पहले ही चला गया था। मंत्री मदन कौशिक उससे सीधे संपर्क में नहीं आए थे।  इस आधार पर बुधवार देर रात को उन्हें क्वारेंटाइन नहीं किए जाने का निर्णय लिया गया। 

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भाजपा मुख्यालय पर भी चस्पा रहा क्वारंटाइन का पर्चा

लॉकडाउन के दौरान प्रदेश भाजपा कार्यालय पर भी होम क्वारंटाइन का पर्चा चस्पा रहा, मगर इसकी किसी को जानकारी नहीं हुई। बाद में पर्चा खुरच भी दिया गया। बुधवार को ये बात खुली तो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में स्वीकारा कि पार्टी के प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय सहारनपुर से लौटने के बाद 14 दिन अपने आवास पर होम क्वारंटाइन में रहे। ये अपै्रल के आखिर का मामला है। क्वारंटाइन की अवधि भी 10 मई के आसपास खत्म हो गई थी।

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