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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lockdown in Dehradun: बाजार में कम होने लगी भीड़, सड़कों पर बरकरार

By Bhanu Prakash SharmaEdited By:
Updated: Sun, 29 Mar 2020 12:20 PM (IST)

देहरादून में लॉकडाउन के दौरान बाजारों में भीड़ कुछ नियंत्रित दिख रखी है। सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक लोग अलग-अलग समय पर सब्जी और राशन खरीदते रहे हैं।

Lockdown in Dehradun: बाजार में कम होने लगी भीड़, सड़कों पर बरकरार
Lockdown in Dehradun: बाजार में कम होने लगी भीड़, सड़कों पर बरकरार

देहरादून, जेएनएन। देहरादून में लॉकडाउन के दौरान बाजारों में भीड़ कुछ नियंत्रित दिख रखी है। सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक लोग अलग-अलग समय पर सब्जी और राशन खरीदते रहे हैं। हालांकि, तड़के मंडी में और दोपहर बाद आढ़त बाजार में निर्धारित समय के दौरान रिटेल व्यापारियों का तांता लगा रहा।

सुबह सड़कों पर सामान्य चहल-पहल थी। निरंजनपुर मंडी में जरूर फुटकर व्यापारियों की भीड़ रही, जिन्हें नियंत्रित करने में मंडी समिति और पुलिस को भी खासी मशक्कत करनी पड़ी। इसके अलावा दोपहर एक बजे तक लोग रिटेल दुकानों पर खरीदारी करते रहे, एकसाथ ज्यादा भीड़ नहीं रही। 

इसके विपरीत सड़कों पर इस दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। दुपहिया वाहन दो-दो, तीन-तीन सवारी लेकर चलते दिखे, जबकि बड़ी संख्या में चौपहिया वहां भी फर्राटा भरते रहे। जिसकी तरफ किसी ने भी ध्यान नहीं दिया।

उधर, दोपहर आढ़त बाजार और हनुमान चौक में रिटेल व्यापारियों का हुजूम उमड़ा रहा। यहां लोडर वाहनों के साथ पहुंचे व्यापारी अपनी दुकानों के लिए खरीदारी करते रहे, इस दौरान सड़कों पर जाम जैसे हालात बन गए।वहीं गलियों में शाम को कुछ दुपहिया वाहनों के आने-जाने का सिलसिला लगा रहा। जबकि शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहन बेहद कम नजर आए। जिससे राहत की उम्मीद नजर आ रही है।

परेशानी कम करने को सरकार ने उठाया कदम 

लॉकडाउन की वजह से हो रही परेशानी को कम करने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाया है। अब राशन, खाद्यान्न, फल-सब्जी के साथ ही किराने (ग्रोसरी) से संबंधित 77 सामान का सूचीबद्ध कर इनकी दुकानों को खुलने की अनुमति दी गई है। 

खाद्य सचिव सुशील कुमार ने उक्त संबंध में सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को आदेश जारी किया है। आदेश में राशन, खाद्य पदार्थ एवं किराना से संबंधित सूझावात्मक सूची में दर्ज सामान के निर्माण, परिवहन और बिक्री में लगी इकाइयों को आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।

किराने का 77 सामान आवश्यक सूची में दर्ज

आटा, चावल, दाल, खाद्य तेल, चीनी, चायपत्ती, कॉफी, बिस्किट, नमकीन, दूध, दही, पनीर, पापड़, नमक, बैड-बेकरी का सामान, रस, भुना चना, आलू, प्याज, न्यूडल्स, मक्खन, जूस, गुड़, मसाला, बेसन, सूजी, फल, सब्जी, दूथपेस्ट, टूथब्रश, साबुन, शैंपू, हेयल ऑयल, डिटजेर्ंट, बैट्री सेल, बल्ब, टार्च, मोमबत्ती, माचिस, सेनेट्री नेपकिन, मास्क, सेनिटाइजर, सेविंग क्रीम, सेविंग ब्रश, बार्नवीटा, कॉन्फ्लेक्स, फेस क्रीम, डियोड्रेंट, परफ्यूम, ऑल आउट, गुडनाइट-मच्छर रिपेलर, शू ब्रश, शू पॉलिस, कंघा, शीशा, मिल्क पाउडर, अगरबत्ती-पूजा का सामान-हवन सामग्री, पोहा, दलिया, फूल सप्लीमेंट, पेय पदार्थ, पानी, पेंसिल, पैन, कॉपी, रबर, कटर, अंडा, पोल्ट्री-मीट प्रोडक्ट, नारियल, फिनाइल, लाईजोल-सफाई का सामान, बर्तन साफ करने का साबुन, प्लेन पेपर व कंप्यूटर कार्टेज।

मुख्य मार्गो पर ही दौड़ी ठेलियां

फल-सब्जी की अधिकांश ठेलियां मुख्य मार्गो पर ही घूमती रहीं। उनके कॉलोनियों में न घुसने से लोगों को मजबूर होकर मुख्य मार्ग पर आना पड़ा। इस दौरान उन्हें पुलिस पुलिस की फटकार भी सहनी पड़ी। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जरूरत का सामान लोगों को घरों के सामने ही मिल जाए। 

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लॉकडाउन में सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे के बीच मिल रही ढील में फल-सब्जी के ठेली वालों की मनमानी से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दरअसल, ठेली वाले कॉलोनियों और मोहल्लों में जाने के बजाए मुख्य मार्ग पर ही खड़े हो गए। ग्राहकों ने भी यहीं घेर लिया और सब्जी खरीदने लगे। इसके चलते तमाम लोगों को कॉलोनियों और मोहल्लों से निकल कर बाहर आना पड़ा। यह नजारा सहारनपुर रोड, जीएमएस रोड, चकराता रोड समेत शहर के अन्य हिस्सों में रहा।

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