उत्तराखंड में आशारोड़ी-झाझरा बाईपास से बदलेगी देहरादून की रफ्तार, 2027 तक होगा तैयार
देहरादून में 716 करोड़ की लागत से बन रही 12 किमी लंबी आशारोड़ी-झाझरा ग्रीनफील्ड बाईपास परियोजना अप्रैल 2027 तक पूरी होगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
716 करोड़ की लागत से 12 किमी बाईपास निर्माण।
परियोजना अप्रैल 2027 तक पूरी होने की उम्मीद।
डीएम ने गुणवत्ता, सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, देहरादून। दिल्ली-देहरादून आर्थिक कारिडोर को नई गति देने वाली आशारोड़ी-झाझरा 12 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड चार लेन बाईपास परियोजना का निर्माण कार्य अब प्रशासन की सीधी निगरानी में होगा। गुरुवार को जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने निर्माणाधीन परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को काम में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने और सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्माणाधीन विभिन्न स्थलों का जायजा लिया और कार्यों की प्रगति, निर्माण गुणवत्ता, मशीनरी, मानव संसाधन तथा उपलब्ध संसाधनों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह परियोजना देहरादून की यातायात व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इसके पूरा होने पर शहर में भारी व ट्रांजिट वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे जाम से राहत मिलने के साथ स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को सुगम व सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
डा. चौहान ने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को पर्याप्त मशीनरी, संसाधन और श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक चरण की नियमित मानिटरिंग करने व सभी निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कराने को कहा।
निरीक्षण के दौरान एनएचएआई अधिकारियों ने जिलाधिकारी को परियोजना की वर्तमान प्रगति, शेष कार्यों व आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, तहसीलदार सदर सुरेंद्र देव तथा एनएचएआई के अधिकारी भी मौजूद रहे।
सुरक्षा व्यवस्था के साथ किया जाए काम
डीएम ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावी यातायात प्रबंधन, पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा, ताकि निर्माण के दौरान आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना की नियमित समीक्षा की जाए। भूमि अधिग्रहण, तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर यदि कोई बाधा आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए, ताकि निर्माण कार्य बिना किसी रुकावट के तय समय सीमा में पूरा हो सके।
दिल्ली व पांवटा राजमार्ग को जोड़ेगी परियोजना
करीब 716 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह 12 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड चार लेन बाईपास झाझरा से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-7 के नए पांवटा साहिब-बल्लूपुर खंड को जोड़ते हुए आशारोड़ी चेक पोस्ट के पास दिल्ली-देहरादून आर्थिक कारिडोर से जुड़ेगी। परियोजना के अप्रैल 2027 तक पूरा होने की संभावना है।