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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Dehradun Car Accident: उत्‍तराखंड नहीं भूल पा रहा भयावह हादसा, सड़क पर बिखरे पड़े थे कटे-फटे शव

    Updated: Fri, 15 Nov 2024 07:11 PM (IST)

    Dehradun Car Accident देहरादून में एक भयावह कार दुर्घटना में छह युवक-युवतियों की मौत हो गई। ओएनजीसी चौक पर हुई इस घटना में एक इनोवा कार क्षतिग्रस्त हो ...और पढ़ें

    Dehradun Car Accident: इनोवा हादसे में बुझ गए छह घरो के दीपक। जागरण
    Dehradun Car Accident: इनोवा हादसे में बुझ गए छह घरो के दीपक। जागरण

    HighLights

    1. पार्टी करने के बाद रात को शहर का नजारा लेने निकले थे
    2. जिंदगी अगले ही पल में हो गई खत्म

    जागरण संवाददाता, देहरादून। Dehradun Car Accident: रात को हंसी खुशी पार्टी कर रहे छह युवक-युवतियों को क्या पता था कि अगले ही पल उनकी जिंदगी खत्म होने वाली है। जिसने भी यह भयावह हादसा देखा उसके पैरों तले जमीन निकल गई।

    जाखन क्षेत्र में पार्टी करने के बाद नई इनोवा कार में घूमने निकले थे। ओएनजीसी चौक पर हादसा होने के कारण एक झटके में छह घरों के दीपक बुझ गए। जिन घरों के चिराग बुझे हैं, वह अब भी सदमें में हैं।

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    सड़क पर जगह-जगह पड़े थे क्षत-विक्षत शव

    ओएनजीसी चौक पर जहां यहां हादसा हुआ, वह नजारा बेहद डरावना था। जगह-जगह क्षत-विक्षत शव पड़े थे। जिसने भी यह नजारा देखा वह हैरान रह गया। रात को पहुंचे पुलिसकर्मियों ने राहगीरों के साथ सड़क से क्षत-विक्षत शव हटाए और सफाई कराई। सुबह तक वाहन को देखने वालों की भीड़ जुटी रही।

    कार के अंदर बिखरा हुआ था खून ही खून

    इसके बाद वाहन को कैंट कोतवाली ले जाया गया। वहां भी नजारा खौफनाक था। क्षतिग्रस्त वाहन के अंदर कहीं सेंडिल तो कहीं पर्स पड़ा हुआ था। कार के अंदर खून ही खून बिखरा हुआ था और पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कार हादसे की कहानी बयां कर रही थी।

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    सिद्धेश वेंटिलेटर पर, हालत स्थिर

    हादसे में एकमात्र जीवित युवक सिद्देश की हालत अब स्थिर है। सिनर्जी अस्पताल में वेंटीलेटर पर उसका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार सिद्धेश पिछली सीट पर था। लिहाज़ा सिद्धेश की जान बच गई। रास्ते से गुजर रहे एक फार्मेसिस्ट दीपक पांडे ने सिद्धेश को देखकर उसे अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

    हाथ में फ्रैक्चर, फेश्यिल इंजरी भी

    सिनर्जी अस्पताल के एमडी कमल गर्ग ने बताया कि फिलहाल सिद्धेश का वेंटिलेटर पर इलाज चल रहा है। उसके सिर में चोट है। इसके अलावा हाथ में फ्रैक्चर, फेश्यिल इंजरी भी है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उसका उपचार कर रही है। फिलहाल वह खतरे से बाहर है।

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    दुर्घटना से पहले ही बेलगाम हुई थी इनोवा की गति

    ओएनजीसी चौक पर बेलगाम इनोवा कार की दुर्घटना में छह युवाओं की मौत के तीन दिन बाद पुलिस ने दावा किया है कि दुर्घटना से पहले युवाओं की कार शहर में पुलिस चेकपोस्टों पर सामान्य गति से गुजरी थी। पुलिस ने यह दावा भी किया है कि युवाओं की कार की गति बल्लूपुर चौक के बाद तेज हुई थी।