देहरादून में 160 लोगों से ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर 12 करोड़ की ठगी, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
देहरादून में क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 12 करोड़ की ठगी के मामले में लविश चौधरी के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज हुआ है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग में 12 करोड़ की ठगी।
आरोपी लविश चौधरी के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से 5-10% रिटर्न का झांसा दिया।
जागरण संवाददाता, देहरादून। क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 12 करोड़ की ठगी के मामले में आरोपित लविश चौधरी के खिलाफ एक ओर मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में रायपुर निवासी अनूप सिंह ने अपर सिविल जज देहरादून की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया।
न्यायालय के आदेश पर रायपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। ट्रेडिंग के नाम पर करीब 160 लोगों से 12 करोड़ से ज्यादा की ठगी की गई है। इससे पहले भी आरोपित लविश चौधरी के खिलाफ रायपुर थाने में ही 25 करोड़ की ठगी के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था।
रायपुर के नत्थूवाला निवासी पीड़ित अनूप सिंह ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर के घासीपुरा निवासी लविश चौधरी उर्फ नवाब अली बोटब्रो, यार्कर एफएक्स, यार्कर कैपिटल, बोट अल्फा नाम से विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म संचालित कर निवेश कराता था।
आरोप है कि वह हर महीने पांच से छह प्रतिशत तक रिटर्न देने का दावा करता था। आरोपित ने तीन साल पहले वेबसाइट और अन्य माध्यमों से निवेश कराने के लिए लोगों को जोड़ा। बड़ी संख्या में लोगोंं से निवेश के नाम पर रकम जमा कराई गई और अक्टूबर में निकासी रोक दी गई।
आरोप है कि आरोपित इसके बाद गायब हो गया उन्होंने बताया कि 12 करोड़ की इस ठगी में देहरादून क्षेत्र से ही करीब 160 लोग प्रभावित हुए हैं। पीड़ित ने पत्र में कहा कि अक्टूबर 2025 के बाद से मार्च 2026 तक रायपुर थाने सहित अधिकारियों को शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। अब पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बताया जा रहा है आरोपित कई साल पहले विदेश भाग चुका है।
देशभर में बड़े निवेश नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा घोटाला
ट्रेडिंग के नाम पर 12 करोड़ की ठगी से पहले भी 25 करोड़ की ठगी का मामला सामने आ चुका है। इस मामले में रायपुर थाने में पहले भी मुकदमा दर्ज हो चुका है। इस मामले ही जांच भी एसटीएफ कर रही है। ये घोटाला देशभर में तीन हजार करोड़ से बड़े निवेश नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, लविश चौधरी ही इस ठगी का मास्टरमाइंड है।
पांच से 10 फीसदी तक रिटर्न का झांसा
आरोपित बोटब्रो, बोट अल्फा, क्रास मार्केट और माइन क्रिप्टो जैसी कंपनियों के नाम पर निवेश कराता था। पीड़ितों को झांसा दिया जाता था कि हर महीने पांच से 10 फीसदी तक रिटर्न मिलेगा। निवेशक भी झांसे में आकर निवेश करने के लिए रकम लगाते रहे।
