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    गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड: साजिशकर्ता सहारनुपर से गिरफ्तार, पांच अब भी फरार

    Updated: Thu, 14 May 2026 10:35 AM (IST)

    देहरादून के चर्चित गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या की साजिश में शामिल 1 लाख के इनामी यशराज सिंह को सहारनपुर से ...और पढ़ें

    13 फरवरी को जिम से बाहर निकलते ही गोली मारकर की गई थी गैंगस्टर विक्रम की हत्या। फाइल

    13 फरवरी को जिम से बाहर निकलते ही गोली मारकर की गई थी गैंगस्टर विक्रम की हत्या। फाइल

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    जागरण संवाददाता, देहरादून। देहरादून के चर्चित गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में दून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

    पुलिस और उत्तराखंड एसटीएफ की संयुक्त टीम ने हत्या की साजिश में शामिल एक लाख रुपये के इनामी आरोपित यशराज सिंह को सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित घटना के बाद से फरार चल रहा था। आरोपित का पिता भी इस मामले में पूर्व में गिरफ्त में आ चुका है।

    कोतवाली डालनवाला में मुकदमा दर्ज

    एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बुधवार को पत्रकार वार्ता कर कार्रवाई की जानकारी दी। बताया कि 13 फरवरी को राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी के पास जिम से बाहर निकलते समय बदमाशों ने विक्रम शर्मा पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी।

    कोतवाली डालनवाला में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस को हत्याकांड में झारखंड का कनेक्शन मिला और साजिश में शामिल दो आरोपितों को तभी गिरफ्तार किया गया। मामले में छह आरोपित फरार थे और उन पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

    एसपी सिटी ने बताया कि मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर सहारनपुर, उत्तर प्रदेश में दबिश देकर यशराज सिंह निवासी बागबेड़ा जमशेदपुर झारखंड को गिरफ्तार कर लिया गया।

    वह अपने पिता के केस के सिलसिले में वकीलों से मिलने हरिद्वार और सहारनपुर आया था। एसपी सिटी ने बताया कि यशराज सिंह के पिता राजकुमार को भी पुलिस बीते फरवरी में ही जमशेदपुर से गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि, नोएडा निवासी अक्षत भी तभी गिरफ्त में आ गया था। अब तक इस प्रकरण में तीन गिरफ्तारी हो चुकी हैं और पांच आरोपित फरार हैं।

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    पांच आरोपित फरार

    पूछताछ में यशराज सिंह ने बताया कि अपने साथी विशाल सिंह, आकाश प्रसाद, अंकित वर्मा और जितेंद्र साहू के साथ मिलकर विक्रम शर्मा की हत्या की योजना बनाई थी। आरोपित अंकित वर्मा को कई बार देहरादून भेजकर विक्रम शर्मा की दिनचर्या और आने-जाने के रास्तों की रेकी कराई गई।

    विक्रम शर्मा रोज सुबह जिम अकेले जाते थे, जिसके बाद जिम के बाहर हत्या की योजना बनाई गई। एसपी सिटी ने बताया कि यशराज सिंह ने वारदात में शामिल आरोपितों की यात्रा, होटल और वाहनों के खर्च के लिए फंडिंग भी की थी। उसने यूपीआइ के जरिए फ्लाइट टिकट, होटल और किराये के वाहन का भुगतान कराया था। घटना के बाद मुख्य आरोपित विशाल सिंह ने उसे हत्या करने की जानकारी दी, जिसके बाद वह फरार होकर बंगाल अपनी बुआ के घर जाकर छिप गया था।

    दिल्ली और नोएडा में भी किया था हत्या का प्रयास

    आरोपित यशराज सिंह ने बताया कि पहले विक्रम शर्मा की हत्या का प्रयास दिल्ली और नोएडा में भी किया गया। तब वहां भीड़ और घटना को अंदाम देकर भागने की परिस्थितियां न बन पाने के कारण वह पीछे हट गए। इसके बाद देहरादून में उन्होंने घटना को अंजाम दिया।

    दोस्ती की खातिर सलाखों के पीछे पहुंचा यशराज

    यशराज सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह टाटानगर रेलवे स्टेशन जमशेदपुर पर नमकीन-बिस्किट सप्लाई करता था। उसका विक्रम शर्मा से कोई लेना-देना नहीं था। केवल अपने दोस्त विशाल सिंह के कहने पर वह विक्रम शर्मा की हत्या की योजना में शामिल हो गया।

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