यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Dehradun-Mussoorie Ropeway निर्माण कार्य में तेजी, ज्यादातर टावरों का फाउंडेशन कार्य पूरा
देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना में 26 में से 24 टावरों का फाउंडेशन पूरा हो चुका है। बारिश के कारण काम धीमा है लेकिन 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। पुर ...और पढ़ें

HighLights
- 24 टावरों का फाउंडेशन कार्य पूर्ण
- बारिश से निर्माण कार्य प्रभावित
- 2026 तक निर्माण पूर्ण होने का लक्ष्य
जागरण संवाददाता, देहरादून। बहुप्रतिक्षित दून-मसूरी रोपवे परियोजना में अधिकांश टावरों का फाउंडेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है। परियोजना के 26 टावरों में से 24 का फाउंडेशन कार्य पूर्ण है। अब उनमें नट-बाेल्ड और पोल लगाए जाएंगे।
मसूरी में अपर टर्मिनल स्टेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। पुरकुल में लोअर टर्मिनल स्टेशन का कार्य 90 प्रतिशत तक पूर्ण हो गया है। जल्द ही लोअर टर्मिनल स्टेशन का फिनिशिंग कार्य शुरू होगा। इसके अलावा पुरकुल स्थित पार्किंग में चौथी मंजिल पर निर्माण चल रहा है।
उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (यूटीडीबी) ने पर्यटन के लिहाज से मसूरी की यात्रा को सरल बनाने के लिए साल 2024 की शुरूआत में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड के अंतर्गत मसूरी स्काइवार कंपनी के माध्यम से 300 करोड़ रुपये की लागत से दून-मसूरी रोप-वे परियोजना का निर्माण शुरू कराया।
रोप-वे का लोअर टर्मिनल स्टेशन पुरकुल गांव में बन रहा है, जबकि अपर टर्मिनल स्टेशन मसूरी के गांधी पार्क में बनेगा। पुरकुल में पर्यटकों को वाहन खड़ा करने के लिए 10 मंजिला पार्किंग बनाई जा रही है। जहां एक बार में करीब दो हजार से अधिक वाहन खड़े हो सकेंगे। साथ ही यहां पर्यटकों को तरोताजा होने के लिए कैफेटेरिया, शौचालय आदि की सुविधा मिलेगी। इ
न दिनों तेज बारिश होने के कारण निर्माण कार्य कुछ हद तक प्रभावित हो रहा है। पानी में निर्माण सामग्री टिक नहीं पा रही और लेबर भी कार्य करने में असमर्थ हैं। लेकिन बारिश थमने के बाद फिर से कार्य गति पकड़ेगा। पर्यटन विभाग का दावा है कि वर्ष 2026 के अंत तक निर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा।
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वन विभाग की अनुमति में फंसे टावर 22 व 23
दून-मसूरी रोप-वे परियोजना के टावर 22 व 23 के क्षेत्र में पेड़-पौधे आ रहे हैं। जिसे काटने के लिए पर्यटन विभाग ने वन विभाग से अनुमति ली है। विभाग का दावा है कि अनुमति मिलने के बाद पेड़-पाैधे काटकर जल्द ही टावर 22 व 23 का फाउंडेशन कार्य शुरू होगा।
रोप-वे में लगाए जाएंगे 55 केबिन
रोप-वे के माध्यम से पर्यटक मात्र 15 मिनट में मसूरी पहुंच सकेंगे। रोप-वे के रोप और केबिन फ्रांस से मंगाये जा रहे हैं। एक केबिन में एक साथ 10 लोगों के बैठने की क्षमता होगी। शुरुआत में 55 केबिन आएंगे और भविष्य में केबिन की संख्या बढ़ायी जाएगी।
रोपवे के केबिन की अधिकतम रफ्तार छह मीटर प्रति सेकेंड होगी। रोपवे से मसूरी का सफर पर्यटकों के लिए अत्यधिक रोमांच और खूबसूरत नजारों से भरा होगा। रोप-वे से पर्यटन विभाग के राजस्व में इजाफा होगा। इसके साथ ही पुरकुल गांव में स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
दून-मसूरी रोप-वे का निर्माण तेजी से चल रहा है। अधिकांश टावरों के फाउंडेशन का कार्य पूर्ण हो गया है। सिर्फ दो टावर का निर्माण वन विभाग की अनुमति के कारण रुका है। जल्द ही उनका निर्माण शुरू होगा। साल 2026 के अंत तक निर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा।
- दीपक खंडूड़ी, संयुक्त निदेशक, इंफ्रा, यूटीडीबी