देहरादून में रातभर की बारिश से सब बेहाल, सड़कें बहीं; खतरे में मकान
मूसलाधार बारिश से देहरादून में आपदा जैसे हालात बन गए हैं, सड़कें बह गईं, पुलों की अप्रोच रोड धंस गईं और कई इलाकों में जलभराव व भूस्खलन हुआ। शहर से गां ...और पढ़ें

सालावाला में भारी बारिश के कारण घरों में घुसा पानी। जागरण
HighLights
देहरादून में भारी बारिश से सड़कें टूटीं, पुलों की अप्रोच रोड धंसी।
शहर और ग्रामीण इलाकों में जलभराव, भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित।
यातायात, पेयजल, बिजली व्यवस्था बाधित, कई मकानों पर खतरा।
जागरण संवाददाता, देहरादून। मानसून देहरादून के लिए आफत बन गया है। सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश ने राजधानी के अधिकांश हिस्सों में आपदा जैसे हालात बना दिए। शहर में जगह-जगह सड़कें टूट गईं, पुल की अप्रोच रोड धंस गई, कई कालोनियां जलमग्न हो गईं और नदी-नालों के उफान से मकानों पर खतरा मंडराने लगा। बारिश के कारण यातायात, पेयजल और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई, जिससे लोगों को दिनभर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
नंदा की चौकी के समीप पुराने पांवटा हाईवे पर हाल ही में तैयार किए गए नए पुल की अप्रोच रोड धंस गई। पहली ही तेज बारिश में सड़क धंसने से पुल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से क्षेत्र में आवाजाही सीमित कर दी और मरम्मत कार्य शुरू कराया। वहीं, शहर के हाथीबड़कला क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था ध्वस्त नजर आई।
कई कालोनियों में बारिश का पानी घरों तक पहुंच गया और कीचड़ कमरों में भर गया। लोगों को रातभर जागकर सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा। कई वाहन भी पानी में फंस गए। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था की मांग की। डांडा लखौंड स्थित स्वास्थ्य महानिदेशालय जाने वाले मार्ग पर बरसाती नाले का पुश्ता ढह गया।

वर्षा के चलते न्यू कैंट रोड शक्ति कालोनी के पास गिरा पेड़। इस दौरान पेड़ के नीचे दबा लोडर। साभार- क्षेत्रवासी
इसके साथ ही महानिदेशालय का साइन बोर्ड भी क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने मार्ग पर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। दूसरी ओर देहरादून से बिहारीगढ़ जाने वाले मार्ग पर मोहंड के पास एक विशालकाय पेड़ धराशायी हो गया, जिससे काफी देर तक यातायात बाधित रहा।
गब्बर बस्ती में सड़क बह गई
गब्बर बस्ती में नाले के किनारे बनी करीब 20 मीटर सड़क तेज बहाव में बह गई। सड़क टूटने से स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया। प्रशासन ने क्षेत्र की घेराबंदी कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की।
खबरें और भी
काठबंगला में तीन मकानों की दीवार ढही
काठबंगला क्षेत्र में नदी किनारे बना पुश्ता तेज बहाव में ढह गया, जिससे तीन मकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। मकान गिरने की स्थिति में पहुंच गए, हालांकि समय रहते परिवारों को बाहर निकाल लिया गया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन प्रभावित परिवारों में दहशत का माहौल है।

स्वास्थ्य महानिदेशालय का गिरा बोर्ड व बहा पुश्ता। जागरण
कैनाल रोड से सटी बारीगाड़ बस्ती में नदी किनारे बना सुरक्षा पुश्ता ढह गया। इससे कई मकानों की नींव कमजोर पड़ गई और भवनों पर खतरा मंडराने लगा। स्थानीय लोगों ने समय रहते सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया। प्रशासन ने क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति पर नजर रखी हुई है।
सहस्रधारा रोड और आइटी पार्क मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त
सहस्रधारा रोड पर आईटी पार्क के समीप हाल ही में किया गया पैचवर्क बारिश में पूरी तरह बह गया। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सहस्रधारा हेलीपैड मार्ग भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा।

वार्ड-63 लाडपुर कैलाश विहार में संजय शर्मा व गुरविंदर सिंह के मकान की सुरक्षा दीवार गिरी और आई दरार। जिस कारण मकान को भी खतरा बना हुआ है। जागरण
मसूरी और एलकेडी रोड पर भूस्खलन
मसूरी मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास लगातार भूस्खलन से यातायात बार-बार प्रभावित होता रहा। वहीं दून-मसूरी के वैकल्पिक एलकेडी रोड पर भी भारी मलबा आने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य जारी रहा।
ग्रामीण क्षेत्रों में खौफनाक मंजर
मालदेवता, बाल्दी और सौंग नदी के उफान से आसपास के क्षेत्रों में तेज भू-कटाव हुआ। कई ग्रामीण संपर्क मार्ग बह गए और धनोल्टी जाने वाला वैकल्पिक मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया। इससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ।
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में स्मार्ट विद्युत मीटर अब घर की सुरक्षा का भी बनेगा प्रहरी, हादसों की रोकथाम में मिलेगी मदद
पेयजल संकट गहराया
पुरकल स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ी मुख्य पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से शहर के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। जल संस्थान ने मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन आपूर्ति सामान्य होने में समय लग सकता है।