देहरादून में बाड़े में घुसे खूंखार कुत्ते, 33 भेड़ों को नोचकर मार डाला
देहरादून के कुड़कावाला बस्ती में आवारा कुत्तों के झुंड ने एक पशुपालक के बाड़े में घुसकर 33 भेड़ों को मार ...और पढ़ें
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कुत्तों ने भेड़ों को मार डाला।
HighLights
देहरादून में आवारा कुत्तों ने 33 भेड़ों को मार डाला।
पशुपालक की आजीविका छिन गई, आर्थिक संकट गहराया।
नगर पालिका की आवारा पशु नियंत्रण पर उठे सवाल।
संवाद सहयोगी, देहरादून। कुड़कावाला बस्ती में आवारा खूंखार कुत्तों के झुंड ने एक पशुपालक के बाड़े में घुसकर 33 छोटी-बड़ी भेड़ों को नोचकर मार डाला। आजीविका का सहारा छिन जाने से पशुपालक को बड़ा नुकसान हुआ है। घटना के बाद नगर पालिका प्रशासन हरकत आया। नगर क्षेत्र में घूम रहे आवारा कुत्तों को पकड़कर बध्याकरण के लिए ले जाया गया। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी आवारा कुत्ते राहगीरों को काट कर जख्मी कर चुके हैं।
घटना रविवार देर रात की है। सोमवार सुबह पशुपालक जानी पाल जब अपने बाड़े में पहुंचा तो वहां का दृश्य देखकर दंग रह गया। 12 से अधिक आवारा कुत्ते बाड़े को तोड़कर घुसे थे और भेड़ों को नोच रहे थे। चारों ओर मृत व घायल भेड़ें पड़ी थीं। उन्होंने कुत्तों को भगाने का प्रयास किया, लेकिन झुंड उन पर भी हमलावर हो गया। किसी तरह उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई।
पशुपालन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। डोईवाला की पशु चिकित्साधिकारी डा. पूजा पांडे ने बताया कि विभाग में इस प्रकार की घटना पर मुआवजे का कोई प्रविधान नहीं है। जानी पाल ने बताया कि परिवार की यही आजीविका का एकमात्र सहारा था। अब परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से नुकसान का आकलन कर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
पालिका प्रशासन की सक्रियता पर उठे सवाल
इस घटना ने आवारा कुत्तों और पशुओं पर नियंत्रण को लेकर नगर पालिका प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। नगर क्षेत्र के विभिन्न बाजारों, मुख्य मार्गों और आवासीय क्षेत्रों में निराश्रित गोवंश और कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। आमजन का कहना है कि पालिका प्रशासन समय-समय पर निराश्रित पशुओं को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजने के दावे तो करता है, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके विपरीत नजर आती है।
लोगों का कहना है कि नगर क्षेत्र में आवारा कुत्ते पूर्व में भी कई लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुके हैं। हालांकि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एमएल शाह का दावा है कि निराश्रित गोवंश व आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
खुले स्थानों पर डाले जा रहे मांस के अपशिष्ट
नदी-नालों और खुले स्थानों पर मांस के अपशिष्ट फेंके जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों का हिंसक होने का यह भी बड़ा कारण है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से खुले में मांस और अन्य पशु अपशिष्ट फेंकने पर सख्ती से रोक लगाने, कूड़ा निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था करने के लिए अभियान चलाने की मांग की है।
