प्रेमनगर जंगल में कट्टे में मिली महिला का शव, पहचान बनी चुनौती
देहरादून के प्रेमनगर स्थित बाला सुंदरी मंदिर के पास जंगल में प्लास्टिक के कट्टे में मिली महिला के शव की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस एक साल के ग ...और पढ़ें

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, देहरादून। प्रेमनगर क्षेत्र स्थित बाला सुंदरी मंदिर के निकट जंगल में प्लास्टिक कट्टे के अंदर मिली मृतक महिला की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस की ओर से पहचान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस को सफलता हाथ नहीं लग पाई।
मृतक का चेहरा पूरी तरह से क्षत विक्षत अवस्था में था, ऐसे में पहचान करने में और भी दिक्कत पैदा हो रही है। पुलिस की जांच में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पर टिकी है। एक सप्ताह की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि पता चला कि महिला को कट्टे के अंदर पैक करके किसने फेंका। घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरे न होने के कारण पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
प्रेमनगर थाना पुलिस ने एक साल के अंदर गुम हुई महिलाओं के बारे में जानकारी जुटाते हुए उनके स्वजनों को फोटो दिखाई, वहीं प्रदेश के सभी थानों में फोटो से पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। बुधवार सुबह प्रेमनगर थाने में किसी व्यक्ति ने सूचना दी कि मंदिर के निकट एक प्लास्टिक कट्टे पर मक्खियां लगी हुई हैं। उसके ऊपर रजाई रखी हुई है।
कट्टे से काफी बदबू आ रही है, जोकि संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने कट्टा खोलकर देखा तो उसके अंदर महिला का शव था। पुलिस ने किसी तरह से शव को बाहर निकाला और आसपास पहचान करने का प्रयास किया तो कोई पता नहीं लग पाया। मृतक के हाथ पर त्रिशूल गुदा हुआ है जबकि पैर में पायजेब पहनी हुई थी।