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    चारधाम हेली सेवाओं की सुरक्षा होगी पुख्ता, डीजीसीए कर रहा हेलीपैड का गहन निरीक्षण

    Updated: Sat, 18 Apr 2026 09:50 AM (GMT+05:30)

    चारधाम यात्रा के लिए हेली सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। डीजीसीए की टीमें 21 अप्रैल तक सभी धामों के हेलीपैड का निरीक्षण करेंगी, ताकि ...और पढ़ें

    इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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    विकास गुसाईं, देहरादून। प्रदेश में शुरू होने वाली चारधाम यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस वर्ष यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने हेली सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

    इसके तहत डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन (डीजीसीए) कार्यालय की ओर से दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में सुरक्षा के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इस कड़ी में अब डीजीसीएस की टीमों ने केदारनाथ धाम समेत सभी धामों में बने हेलीपैड का निरीक्षण करना शुरू कर दिया है।

    यह प्रक्रिया 21 अप्रैल तक जारी रहेगी। खासतौर पर केदारनाथ धाम के लिए संचालित होने वाली हेली शटल सेवाओं को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं।

    पिछले साल हुई थी पांच दुर्घटनाएं

    प्रदेश में हर वर्ष हेली सेवाओं से हजारों यात्री केदारनाथ धाम समेत अन्य धाम तक पहुंचे थे। यद्यपि, गत वर्ष पांच हेली दुर्घटनाएं भी हुई थी। जिनमें 13 व्यक्तियों की मौत हुई थी। 15 जून को हुई हेली दुर्घटना के बाद यह सेवाएं बंद हो गई थी। दूसरे चरण की सेवाएं सितंबर में शुरू की गई। इस चरण में उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने इसमें मानकों को काफी सख्त भी किया।

    अब केदारनाथ धाम के लिए इस वर्ष 21 अप्रैल से हेली सेवाएं शुरू होंगी। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू की गई हैं। इसे लेकर कई मानक बनाए गए हैं। हेली सेवाओं के संचालन में 30 प्रतिशत कमी की गई है। इससे यात्री किराया कुछ बढ़ा है। हेलीकाप्टर से बेस में बात करने के लिए छह वेरी हाई फ्रीक्वेंसी सेट खरीदे गए हैं। पांच आटोमेटिक वेदर आब्जर्विंग सिस्टम खरीदे गए हैं।

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    साथ ही मौसम संबंधी जानकारी के लिए मौसम विभाग से संपर्क किया जा रहा है। 27 पीटीजेड कैमरे लगाए जा रहे हैं। सहस्रधारा के साथ ही सिरसी, बदरीनाथ और केदारनाथ में एयर ट्रैफिक कंट्रोल स्थापित किए जा रहे हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। साथ ही प्रांतीय रक्षक दलों के जवानों को भी इसमें तैनात करने की तैयारी है।

    इन सभी कार्यों की प्रगति जांचने को डीजीसीए की टीम पहुंच चुकी है। यह टीम चारों धाम में स्थापित हेलीपैड का गहन निरीक्षण करेगी। यह निरीक्षण तकनीकी मानकों, सुरक्षा उपायों, मौसम संबंधी परिस्थितियों और आपातकालीन व्यवस्था के आधार पर किया जाएगा। टीम यह सुनिश्चित करेगी कि सभी हेलीपैड उड़ान संचालन के लिए पूरी तरह सुरक्षित और सक्षम हों।

    निरीक्षण के दौरान रहेगी पैनी नजर

    ये टीमें निरीक्षण के दौरान हेलीपैड की संरचना, लैंडिंग और टेकआफ जोन, फायर सेफ्टी, संचार व्यवस्था, और रेस्क्यू आपरेशन की तैयारियों को बारीकी से परखेंगी। यदि किसी भी स्तर पर कमी पाई जाती है तो संबंधित एजेंसियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए जाएंगे। सभी व्यवस्था संतोषजनक पाए जाने के बाद ही हेली कंपनियों को संचालन की अनुमति प्रदान की जाएगी।

    ‘यात्रा की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। डीजीसीए की टीमें हेलीपैड का निरीक्षण कर रिपोर्ट महानिदेशालय को सौंपेगी। उनकी अनुमति के बाद ही हेली सेवाओं का संचालन होगा।’ - आशीष चौहान, सीईओ यूकाडा

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