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    दिव्यांशु हत्याकांड: देहरादून में राकेश टिकैत, बोले- 'सीएम करें मुलाकात, वरना जारी रहेगा धरना'

    Updated: Fri, 03 Apr 2026 12:15 PM (IST)

    राकेश टिकैत दिव्यांशु हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर देहरादून के आशारोड़ी चेक पोस्ट पर महापंचायत में पहुंचे। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री से ...और पढ़ें

    भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी देहरादून पहुंचे। Jagran

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    जागरण संवाददाता, देहरादून। दिव्यांशु को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आशारोड़ी चेक पोस्ट में आयोजित महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत)के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पहुंचे।

    बड़ी संख्या में किसान यूनियन के नेता व अन्य लोग पहुंचे। शोकसभा में दिव्यांशु के बाबा फूट-फूट कर रोने लगे। लोगों ने उन्हें ढांढ़स बंधाया। शुक्रवार को दून-सहारनपुर सीमा स्थित आशारोड़ी चेकपोस्ट पर किसानों की पंचायत हुई। 

    एसपी सिटी प्रमोद कुमार महापंचायत स्थल पर पहुंचे। निर्णय लिया गया कि वह 11 सदस्यीय कमेटी की मुलाकात शीघ्र मुख्यमंत्री से करवाएंगे। इस दौरान राकेश टिकैत ने कहा जब तक मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो जाती तब तक वह धरनास्थल पर डटे रहेंगे।

    रणवीर हत्याकांड की तरह हुआ दिव्यांशु हत्याकांड

    पत्रकारों से बातचीत करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि दिव्यांशु हत्याकांड भी रणवीर हत्याकांड की तरह हुआ है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में हालात और खराब हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि देहरादून में नशे का कारोबार बहुत तेजी से फैल रहा है। सरकार को इस पर संज्ञान लेना चाहिए यह देवभूमि सबकी है।

    उन्होंने कहा कि यहां पर हालात यह है कि यदि कोई बदमाश किसी को धमकी देता है तो पुलिस का यह कहना होता है कि आपको गनर मिल जाएगा लेकिन बदमाशों को हम ठीक नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जिन्होंने हत्या की घटना को अंजाम दिया है उनके खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई हो। कहा कि पुलिस और नेता प्रॉपर्टी के धंधों में शामिल हो गई है। ऐसे में अपराध बढ़ता जा रहा है।

    चार की गिरफ्तारी 

    गत 23 मार्च की रात मुजफ्फरनगर निवासी दिव्यांशु जटराना की हत्या छात्र गुटों के बीच हुए हिंसक संघर्ष में हुई थी। इस मामले में पुलिस ने 15 आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें से चार की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है, जबकि सात अन्य की तलाश जारी है।

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    गिरफ्तारी की धीमी रफ्तार को लेकर जाट समाज में लगातार नाराजगी बनी हुई है। इसी मामले में अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने भी इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा था कि यदि सभी नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी में तेजी नहीं लाई गई तो बड़ा आंदोलन होगा।

    अब इस पूरे घटनाक्रम के बीच शुक्रवार को आशारोड़ी चेकपोस्ट पर होने वाली पंचायत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां किसान संगठनों और जाट प्रतिनिधियों की मौजूदगी में अगले चरण की रणनीति तय की जाएगी। पंचायत में विधानसभा कूच, धरना या बड़े प्रदर्शन जैसे विकल्पों पर चर्चा हो सकती है।

    पुलिस व जिला प्रशासन ने पंचायत को देखते हुए सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने और भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त बल तैनात करने के निर्देश दिए। आशारोड़ी और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया ।

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