Delhi-Doon Expressway पर हादसों का हॉट स्पॉट बना मोहब्बेवाला, जिस कंटेनर से हुआ हादसा उसके 25 चालान
दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर मोहब्बेवाला में भीषण हादसे में सहारनपुर के जीएसटी अधिवक्ता सहित चार लोगों की मौत हो गई। अनियंत्रित ...और पढ़ें

HighLights
मोहब्बेवाला में भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत
अनियंत्रित कंटेनर ने कार को कुचला, छह वर्षीय बेटा सकुशल बचा
हादसे वाली जगह पर डेढ़ घंटे पहले ही हुआ था निरीक्षण
जागरण संवाददाता, देहरादून। दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर मोहब्बेवाला में बुधवार दोपहर एक बार फिर भीषण हादसे ने चार जिंदगियां छीन लीं। सहारनपुर की ओर से आ रहा यूरिया से भरा अनियंत्रित कंटेनर आगे चल रहे लोडर को टक्कर मारते हुए डिवाइडर पर चढ़ गया और रेलिंग तोड़कर बायीं ओर चल रही कार पर पलट गया। कार कंटेनर के नीचे बुरी तरह दब गई।
हादसे में सहारनपुर निवासी जीएसटी अधिवक्ता विश्ववेश कपूर (40), उनकी पत्नी निशा आनंद (38), मां किरण कपूर (63) और चालक नीरज की मौत हो गई। कार में सवार विश्ववेश के छह वर्षीय बेटे माहेर को सकुशल सुरक्षित निकाल लिया गया। वह इस हादसे में अपने पिता, मां और दादी को खो बैठा।
साईं मंदिर के पास हुआ हादसा
हादसा दोपहर करीब 3:30 बजे साईं मंदिर के पास हुआ। सहारनपुर के मिशन कंपाउंड स्थित खेमका सदन निवासी विश्ववेश परिवार और चालक के साथ दून आ रहे थे। उनके भाई दीपेश कपूर चमन विहार फेज-दो में रहते हैं। दीपेश की पत्नी गर्भवती हैं और एक-दो दिन में उनकी डिलीवरी होनी है।
इसी कारण बड़ा भाई परिवार और मां के साथ देहरादून आ रहा था। इसी दौरान सहारनपुर की ओर से आ रहे नागालैंड नंबर के यूरिया लदे कंटेनर ने आगे चल रहे लोडर को टक्कर मारी और अनियंत्रित होकर कार पर पलट गया। पुलिस और बचाव दल ने तत्काल रेस्क्यू शुरू किया। कार इतनी बुरी तरह पिचक गई थी कि दरवाजों से लोगों को निकालना संभव नहीं था।
करीब डेढ़ घंटे तक चले अभियान में कटर से कार काटकर पहले बच्चे को सुरक्षित निकाला गया, फिर चारों के शव बाहर निकाले गए। उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। करीब ढाई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। कंटेनर चालक मौके से फरार हो गया।
डेढ़ घंटे पूर्व टीम ने किया था निरीक्षण
जिस जगह हादसा हुआ, वहां डेढ़ घंटे पहले सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआइ) और एनएचएआई की टीम ने निरीक्षण किया था। टीम लगातार हो रहे हादसों की जांच को आई थी। वहीं, जिस कंटेनर से हादसा हुआ, उसके यातायात नियमों के उल्लंघन में 25 चालान लंबित हैं।
भाई के नाम है कार
परिवार जिस आइ-20 कार से आ रहा था, वह विश्ववेश के भाई दीपेश के नाम पंजीकृत है। देहरादून में किराये पर रह रहे दीपेश बिल्डर हैं व उनके परिवार में डिलीवरी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इस हादसे ने खुशियों के इंतजार को मातम में बदल दिया।
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