डा. तन्वी खुदकुशी मामला: देहरादून पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी, मोबाइल की तलाश जारी
पुलिस ने देहरादून की पीजी डॉक्टर तन्वी की खुदकुशी मामले में श्री महंत इंदिरेश अस्पताल और पथरीबाग के सीसीटीवी फुटेज जब्त किए हैं। ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, देहरादून। श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एंड हेल्थ साईंसेज की पीजी डाक्टर तन्वी खुदकुशी के मामले में पुलिस ने श्री महंत इंदिरेश अस्पताल व पथरीबाग के निकट घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करेगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि डा. तन्वी अस्पताल से बाहर कब निकली और पथरीबाग के निकट कब पहुंची। इससे यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि वह कार के अंदर कितनी देर रही।
इस मामले में पुलिस अब तक मृतका का मोबाइल भी बरामद नहीं कर पाई है। क्योंकि सबसे पहले डा. तन्वी को उनके पिता ललित मोहन ने ही देखा और उसे कार से बाहर निकालकर गुरुवार प्रात: 3:30 बजे श्री महंत इंदिरेश अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया।
यहां चिकित्सक ने डा. तन्वी को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के पास अस्पताल से डेथ मेमो गुरुवार सुबह 10:30 बजे मिला। इतनी देर में स्वजन ने घटना से कार को भी हटा दिया और टीएचडीसी कालोनी ले गए।
ऐसे में पुलिस ने घर जाकर ही कार से फारेंसिक साक्ष्य एकत्रित किए। फारेंसिक टीम को कार से कुछ इंजेक्शन व अन्य सामग्री मिली है, जिन्हें सील किया गया है।
पुलिस के अनुसार, वह अभी तक मोबाइल कब्जे में नहीं लिया जा सका है। डा. तन्वी के पिता मोबाइल को अपने साथ ही ले गए। ऐसे में पुलिस ने उन्हें मोबाइल लाने को कहा है। पुलिस को आशंका है कि मोबाइल से कुछ साक्ष्य मिल सकेंगे।
मेडिकल स्टाफ से दोबारा हुई पूछताछ
पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने एक बार फिर मेडिकल स्टाफ से पूछताछ की। इसके अलावा मेडिकल कालेज में बनी वेलफेयर कमेटी में शामिल टीम से भी पूछताछ की। हालांकि, अभी तक विभागाध्यक्ष डा. प्रिंयका गुप्ता की ओर से किसी तरह से परेशान करने का तथ्य सामने नहीं आया है।
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यह मामला पुलिस-प्रशासन और एसजीआरआर मेडिकल कालेज प्रशासन की जांच के अधीन है। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन की ओर से उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया जा चुका है। जांच समिति सभी तथ्यों और साक्ष्यों का निष्पक्ष अध्ययन करेगी। समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मामला जांचाधीन है, इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सभी से मीडिया ट्रायल से बचने का अनुरोध किया जाता है। अपुष्ट और भ्रामक जानकारी न फैलाएं। सही तथ्यों के साथ जांच में सहयोग करें। यह विषय अत्यंत संवेदनशील है। डा. तन्वी पूर्व में भी दो बार आत्महत्या का प्रयास कर चुकी थीं। उनका मानसिक स्वास्थ्य का उपचार चल रहा था। ऐसे में बिना तथ्यों को जाने समझें किसी एक व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं है। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के आधार पर ही होगा। इसलिए आप सभी से सहयोग की अपेक्षा की जाती है।
- डा. उत्कर्ष शर्मा, प्राचार्य श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज देहरादून
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