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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बार एसोसिएशन चुनाव की सरगर्मियां तेज, वोटरों को लुभाने में जुटे दावेदार Dehradadun News

By Raksha PanthariEdited By:
Updated: Wed, 12 Feb 2020 04:33 PM (IST)

दून बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कहीं चाय पर चर्चा के बहाने तो कहीं फोन कर वोटरों को लुभाने की कोशिश की जा रही है।

बार एसोसिएशन चुनाव की सरगर्मियां तेज, वोटरों को लुभाने में जुटे दावेदार Dehradadun News
बार एसोसिएशन चुनाव की सरगर्मियां तेज, वोटरों को लुभाने में जुटे दावेदार Dehradadun News

देहरादून, जेएनएन। 27 फरवरी को होने जा रहे दून बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कहीं चाय पर चर्चा के बहाने, तो कहीं फोन कर वोटरों को लुभाने की कोशिश की जा रही है। संभावित दावेदार प्रैक्टिस और नॉन प्रैक्टिस मतदाताओं से संपर्क करने में जुट गए हैं। 

संभावित दावेदारों ने सोशल मीडिया को प्रचार का हथियार बनाया हुआ है। अपने पक्ष में मतदान करने के लिए वॉट्सएप समेत अन्य सोशल साइट पर संदेश भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा हैंडकार्ड बंटने भी शुरू हो गए हैं। दूसरी ओर चुनाव को लेकर चुनाव आचार संहिता कमेटी भी तैयार है। आचार संहिता अनुपालन कमेटी के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन भट्ट ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आचार संहिता प्रभावी हो गई है। आचार संहिता का उल्लंघन करने पर चुनाव में भाग लेने अथवा मतदान के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। आचार संहिता उल्लंघन में कमेटी स्वत: या किसी भी सदस्य की ओर से साक्ष्य सहित की गई शिकायत का संज्ञान ले सकेगी। दूरभाष से की गई शिकायत मान्य नहीं होगी। 

इन पदों पर होगा चुनाव 

अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सेक्रेटरी, ज्वाइंट सेक्रेटरी, लाइब्रेरियन, ऑडिटर और एग्ज्यूकेटिव मेंबर 

कुल मतदाता: 3000 

नए मतदाता: 137 

नामांकन: 17 फरवरी 

नाम वापसी: 18 फरवरी 

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चुनाव आचार संहिता कमेटी ने सूचना की जारी 

-चुनाव प्रचार के लिए एसएमएस, फोन, व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जा सकता है। 

-चुनाव प्रचार के लिए किसी भी तरह के पंफलेट, बैनर, पोस्टर और कैलेंडर से प्रचार करना अथवा डाक से उसे मतदाता या सदस्यों को वितरित करना प्रतिबंधित है। 

-चुनाव प्रचार के लिए लाउड स्पीकर आदि का प्रयोग करना, किसी भी प्रकार से मतदाता को प्रभावित करने की घोषणा करना और प्रलोभन देना निषेध है। 

-चुनाव प्रचार के लिए निर्धारित से अधिक साइज के विजिटिंग कार्ड नहीं बांटे जाएंगे। 

-मतदाता को प्रभावित करने के लिए किसी भी सदस्य, प्रत्याशी की ओर से उपहार, प्रलोभन, पार्टी का आयोजन कचहरी प्रांगण या कहीं बाहर करना और उसमें सदस्यों को शामिल होना निषेध है। 

-विजिटिंग कार्ड, प्रचार कार्ड आदि की माला अथवा पिनअप कर पोस्टर बनाकर और कार्ड दीवार या अधिवक्ताओं की मेज पर चिपकाकर प्रचार करना निषेध है। 

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-मतदान दिवस पर बैरीकेडिंग से मतदान स्थल तक जाने वाले मतदाता का प्रचार के आशय से रास्ता रोकना, मतदाताओं को शोर कर प्रभावित करने का प्रयत्न करना प्रतिबंधित है। 

-मतदान स्थल पर नशीले पदार्थ का सेवन कर मतदान करना या करवाना निषेध है। 

-मतदान स्थल पर प्रत्याशी या समर्थक का शस्त्र लेकर आना प्रतिबंधित रहेगा। 

-बाहरी व्यक्तियों का कचहरी प्रांगण में चुनाव प्रचार करना निषेध है। 

ये हैं चुनाव अधिकारी 

चुनाव अधिकारियों में वरिष्ठ अधिवक्ता एलबी गुरुंग, चितरंजन त्रिवेदी और दीपक अहलुवालिया शामिल हैं। 

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