विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वोटर बनने के लिए नहीं पड़ेगा भटकना, फेसबुक में होगी यह सुविधा

By sunil negiEdited By:
Updated: Sun, 09 Oct 2016 02:30 AM (IST)

उत्तराखंड में अब युवाओं को वोटर बनने के लिए इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा। फेसबुक इसके लिए आठ अक्टूबर को फेसबुक विशेष बटन 'रजिस्टर टू वोट' एक्टिवेट करने जा रहा है।

News Article Hero Image

देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: उत्तराखंड में अब युवाओं को वोटर बनने के लिए इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा। बस एक क्लिक के जरिये ही वे वोटर बनने की कवायद शुरू कर सकते हैं। ऐसा सोशल मीडिया साइट फेसबुक के जरिए संभव हो पाएगा। फेसबुक इसके लिए आठ अक्टूबर को फेसबुक विशेष बटन 'रजिस्टर टू वोट' एक्टिवेट करने जा रहा है। फेसबुक इस्तेमाल करने वाले युवा इस बटन को क्लिक करते ही नेशनल वोटर्स सर्विस पोर्टल पर पहुंच जाएंगे। यहां से वे स्वयं को पंजीकृत करने की अगली कार्यवाही कर सकते हैं।

चुनावों में अमूमन यह देखा जाता है कि कई बार युवा वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने की लंबी प्रक्रिया के कारण इसमें रुचि नहीं लेते हैं। युवाओं का अधिकतर समय विभिन्न सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर ही बीतता है। ऐसे में सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने मतदाता पंजीकरण अभियान के लिए अपना सहयोग देने का निर्णय लिया है। इस कड़ी में फेसबुक विधानसभा चुनावों की दहलीज पर खड़े पांचों राज्यों में मतदाता पंजीकरण अभियान के लिए विशेष बटन 'रजिस्टर टू वोट' एक्टिवेट करने जा रहा है। इसके तहत छह से नौ अक्टूबर तक फेसबुक अलग-अलग राज्यों के लिए यह बटन एक्टिवेट करेगा।

पढ़ें: इस बार प्रतिकूल मौसम में भी महक रही फूलों की घाटी

उत्तराखंड में यह बटन आठ अक्टूबर को एक्टिवेट होगा। उत्तराखंड की मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने फेसबुक की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे युवा मतदाताओं में वोटर बनने के प्रति रुझान बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि एक जनवरी 2017 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवाओं को वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

पढ़ें:-सैलानियों को भारत-चीन सीमा की सैर कराएगा पर्यटन विभाग

युवाओं को जोड़ने तथा लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए उत्तराखंड निर्वाचन कार्यालय ने फेसबुक व ट्विटर अकाउंट भी प्रारंभ किया है। उन्होंने कहा कि आयोग पारंपरिक व आधुनिक माध्यमों का प्रयोग कर मतदाताओं से संपर्क करने के लिए प्रतिबद्ध है।

पढ़ें:-सौ साल से नहीं दिखी तितलियों की 64 प्रजातियां