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Chardham Yatra 2025: आपदाओं पर आस्था भारी, इस बार चारधाम पहुंचे 1.87 लाख अधिक श्रद्धालु

Published: Sat, 22 Nov 2025 02:08 PM (IST)

इस साल की चारधाम यात्रा में पिछले साल के मुकाबले 1.87 लाख ज़्यादा श्रद्धालु आए। उत्तराखंड में होने वाली प्राकृतिक ...और पढ़ें

धराली आपदा के कारण गंगोत्री व यमुनोत्री में श्रद्धालुओं की रही कमी, बदरी-केदार में उमड़े श्रद्धालु. File

धराली आपदा के कारण गंगोत्री व यमुनोत्री में श्रद्धालुओं की रही कमी, बदरी-केदार में उमड़े श्रद्धालु. File

HighLights

  1. 1.87 लाख अधिक श्रद्धालु पहुंचे

  2. आपदाओं के बावजूद अटूट आस्था

  3. भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग

सोबन सिंह गुसांई, देहरादून। बीते अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच पैदा हुए तनाव का सीधा असर हेमकुंड साहिब समेत चारधाम यात्रा पर भी पड़ा। इसके बाद वर्षाकाल में आपदा के हालात पैदा हो गए, लेकिन तमाम चुनौतियों के बाद भी श्रद्धालुओं के कदम डगमगाए नहीं और चारों धाम में वर्ष 2024 की तुलना में 1.87 लाख श्रद्धालु अधिक पहुंचे। जबकि, हेमकुंड साहिब में यह वृद्धि लगभग 91 हजार रही। हालांकि, उत्तरकाशी में धराली आपदा के कारण गंगोत्री व यमुनोत्री पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या थोड़ा कम रही।

इस वर्ष गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट 30 अप्रैल, केदारनाथ के दो मई, बदरीनाथ के चार मई और हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को खोले गए। इससे पहले ही पहलगाम में आतंकी हमले के चलते भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल बन गया था। ऐसे में सुरक्षित यात्रा चलाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती रहा। इसके बाद 15 जून से वर्षा का दौर शुरू हो गया। केदारनाथ व गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर बड़ी संख्या में भूस्खलन जोन उभरने के कारण कदम-कदम पर खतरा बना रहा।

इसी बीच पांच अगस्त को आई धराली आपदा ने भारी तबाही मचाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पूरा सुरक्षा अमला बचाव कार्य में जुट गया, लेकिन बदरीनाथ, केदारनाथ व हेमकुंड साहिब की यात्रा को सुचारू ढंग से चलाया गया। यही कारण रहा कि आपदाओं के बावजूद बदरी-केदार समेत हेमकुंड साहिब में रिकार्ड श्रद्धालु पहुंचे।

पहली बार कंट्रोल रूप से हुई पूरी यात्रा की मानिटरिंग

हेमकुंड साहिब समेत चारधाम में इस वर्ष रिकार्ड श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद थी, इसलिए पुलिस विभाग की ओर से शुरुआत में ही रेंज कार्यालय में यात्रा कंट्रोल रूम बना दिया गया। इसके नोडल अधिकारी का जिम्मा संभाला पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप ने। सभी धामों के सीसीटीवी कैमरों से लाइव फीड लेकर कंट्रोल रूम के माध्यम से मानिटरिंग की गई। कहीं भी समस्या दिखने पर तत्काल टीमों को भेजा गया। जगह-जगह यात्रा मार्गों पर पुलिस बल, एसडीआरएफ, जल पुलिस, फायर सर्विस, आतंकवादी रोधी दस्ता, बम निरोधक दस्ता व पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात की गई।

यात्रियों का तुलनात्मक विवरण

  • धाम - वर्ष 2024 - वर्ष 2025 - कमी/बढ़ोतरी
  • यमुनोत्री - 7,14,755 - 6,44,637 - कमी 70,118
  • गंगोत्री - 8,15,273 - 7,58,249 - कमी 57,024
  • केदारनाथ - 16,52,076 - 17,68,795 - बढ़ोतरी 1,16,719
  • बदरीनाथ - 14,35,341 - 16,32,981 - बढ़ोतरी 1,97,640
  • हेमकुंड साहिब - 1,83,722 - 2,74,441 - बढ़ोतरी 90,719

(नोट : बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को बंद होने हैं)

तमाम चुनौतियों के बीच इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में रिकार्ड वृद्धि हुई है। विभाग ने पूर्व में ही यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी थीं। कंट्रोल रूम के साथ-साथ व्यवस्था बनाने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया और योजनाबद्ध तरीके से यात्रा को चलाया गया। भविष्य में यात्रा के और बेहतर संचालन के लिये अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जहां भी कमियां दिखेंगी, उन्हें समय रहते दूर किया जाएगा। - राजीव स्वरूप, आइजी/नोडल अधिकारी, चारधाम यात्रा

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