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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Lockdown: बाजार में आटे की कमी से निपटने को एफसीआइ देगा गेहूं

By Bhanu Prakash SharmaEdited By:
Updated: Sat, 04 Apr 2020 10:25 AM (IST)

देहरादून बाजार में आटे की कमी पूरी करने के लिए खाद्य विभाग ने बेहतर पहल की है। आटा मिल और आटे के थोक विक्रेता सीधे एफसीआइ के गोदामों से गेहूं की खरीद कर सकेंगे।

Uttarakhand Lockdown: बाजार में आटे की कमी से निपटने को एफसीआइ देगा गेहूं
Uttarakhand Lockdown: बाजार में आटे की कमी से निपटने को एफसीआइ देगा गेहूं

देहरादून, जेएनएन। देहरादून बाजार में आटे की कमी पूरी करने के लिए खाद्य विभाग ने बेहतर पहल की है। आटा मिल और आटे के थोक विक्रेता सीधे एफसीआइ के गोदामों से गेहूं की खरीद कर सकेंगे। इसके लिए खरीदारों को पहले एफसीआइ को अपनी डिमांड देनी होगी।

जिला पूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी ने बताया कि अफवाहों के चलते लोगों ने भारी मात्र में अपने घरों में राशन जमा कर लिया है। जिसके चलते बाजार में आटे का स्टॉक असंतुलित हो गया है। बाजार में आटे का स्टॉक बढ़ाने के लिए आटा मिलों और थोक व्यापारियों को एफसीआइ के गोदामों से गेहूं खरीदने की छूट दी गई है। यहां से उचित दामों पर गेहूं खरीद कर आटा मिल संचालक और थोक विक्रेता आटा पीस कर बाजार में उपलब्ध करवा सकते हैं। 

बता दें कि जनता कर्फ्यू के बाद से दून के बाजारों से लगभग 10000 किलो आटे की खरीद हुई है। बाजार से एकाएक इतने आटे की खरीद होने से बाजार का स्टॉक गड़बड़ा गया है। इसे सामान्य करने के लिए एफसीआइ ने आटा मिलों और थोक विकेताओं को गेहूं बेचना तय किया है। एफसीआइ के खाते में रुपये जमा करने के बाद खरीदार को गेहूं उपलब्ध करवाया जाएगा।

वर्तमान में देहरादून मंडी में गेंहू की उपलब्धता

-श्री गणोश फलोर मिल 6571 कुंतल

-श्रीगंगा किशन एंड संस 102 कुंतल

-मै. सदाराम साधुराम 300 कुंतल

-मै. बाबूराम रामकिशन 160 कुंतल

-मै. ओमप्रकाश जसवंत राय 58 कुंतल

-मै. फूलचंद हर्ष कुमार 240 कुंतल

-विकास नगर मंडी में 575 कुंतल

-ऋषिकेश मंडी में 290 कुंतल

बाजार में खाद्य पदार्थो की आवक बढ़ी, हालात में हुआ सुधार

देहरादून में खाद्य पदार्थों की आवक में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं लॉक डाउन की शुरुआत की तुलना में खाद्य पदाथोर्ं की खपत भी लगातार घटती जा रही है। इससे बाजार में खाद्य पदाथोर्ं का स्टॉक संतुलित हो रहा है। राशन को लेकर हो रही मारामारी घटने से कालाबाजारी पर भी लगाम लगने लगी है।

दून के बाजार में खाद्य पदाथोर्ं की सप्लाई बढ़ने से थोक विक्रेता और आम लोगों को राहत मिलनी शुरू हुई है। चावल, दाल, तेल पर्याप्त मात्र में उपलब्ध हो गए हैं। आटे का संकट भी खत्म होने लगा है। दून मंडी में रोजाना 700 कुंतल आटे की आवक हो रही है। हालांकि इसी अनुपात में आटे की खपत अब भी जारी है। 

जिला आपूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी ने बताया कि देहरादून आढ़त बाजार मंडी में राशन पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। बाहरी मंडियों से भी हर दिन राशन की खेप पहुंच रही है। इसके अलावा देहरादून की आटा मिलों से भी उचित दामों पर आटा मुहैया हो रहा है। इससे बाजार में संतुलन आ गया है। दून में भारी मात्र में खाद्य पदार्थ की उपलब्धता है। उन्होंने आम लोगों से बिना वजह राशन स्टॉक न करने की अपील की है।

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घरेलू सिलेंडर का भी पर्याप्त स्टॉक

देहरादून में घरेलू सिलेंडर भी पर्याप्त मात्र में उपलब्ध है। गैस कंपनियों ने एक बुकिंग से दूसरी बुकिंग के बीच न्यूनतम दो हफ्ते का गैप लागू कर दिया है। इससे गैस बुकिंग में भी संतुलन बना हुआ है। जल्द घरेलू गैस का बैकलॉग खत्म हो जाएगा। जिला पूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी ने बताया कि शुक्रवार को दून में 18774 सिलेंडर लोगों को उपलब्ध करवाए गए। बताया कि आइओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल तीनों कंपनियों को मिलाकर अभी 20 हजार 100 सिलेंडरों का स्टॉक दून में मौजूद है।

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