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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

साइबर ठगों के गैंग का पर्दाफाश, दो महिला समेत पांच गिरफ्तार Dehradun News

By BhanuEdited By:
Updated: Fri, 06 Dec 2019 11:00 AM (IST)

दिल्ली के एक कॉल सेंटर में बैठकर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एसटीएफ ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।

साइबर ठगों के गैंग का पर्दाफाश, दो महिला समेत पांच गिरफ्तार Dehradun News
साइबर ठगों के गैंग का पर्दाफाश, दो महिला समेत पांच गिरफ्तार Dehradun News

देहरादून, जेएनएन। दिल्ली के एक कॉल सेंटर में बैठकर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एसटीएफ ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। गिरोह के कब्जे से 52 सिमकार्ड, सात कंप्यूटर, एक लैपटॉप और 19 फोन बरामद आदि बरामद किए गए हैं।

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में करीब एक महीने पहले कोलकाता के रहने वाले मलिनदास ने खाते से दस लाख रुपये की साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। मलिन की देहरादून के आइटी पार्क में एक कंपनी है। इस मामले की विवेचना के दौरान जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी, उनकी डिटेल निकलवाने पर पता चला कि गिरोह दिल्ली के एक कॉल सेंटर से वारदात को अंजाम दे रहा है। 

एसटीएफ के अनुसार, कॉल सेंटर पर दबिश देकर वहां मिलीं दो महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपितों की पहचान तुषार कांडा, मयंक कांडा, मोनू मिश्रा, खुशबू त्यागी व सिम्मी धवन निवासी दिल्ली के रूप में हुई है। 

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पूछताछ में सामने आया कि वे सभी ऑनलाइन जॉब पोर्टल से लोगों की डिटेल लेकर उन्हें अपना शिकार बनाते थे। खुशबू व सिम्मी की जिम्मेदारी लोगों को फोन कर उन्हें फंसाने की थी। जब लोग झांसे आकर खाते से जुड़ी जानकारी दे देते या महिलाओं के भेजे लिंक पर पांच या दस रुपये ट्रांसफर कर देते तो तुषार, मयंक और मोनू मिश्रा खाते में पड़ी रकम पर हाथ साफ कर देते थे।

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