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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 03, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने संभाला मोर्चा, पढ़िए पूरी खबर

By Raksha PanthariEdited By:
Updated: Fri, 03 Jan 2020 05:04 PM (IST)

अब प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने मोर्चा संभाल लिया है। इसका एक्शन प्लान भी तैयार कर लिया गया है।

प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने संभाला मोर्चा, पढ़िए पूरी खबर
प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने संभाला मोर्चा, पढ़िए पूरी खबर

देहरादून, जेएनएन। खाद्य सुरक्षा विभाग ने अब प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ भी मोर्चा संभाल लिया है। इसका एक्शन प्लान भी तैयार कर लिया गया है। जिसके तहत विभाग पहले सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध के लिए लोगों को जागरूक करेगा, जिससे लोग अपने स्तर पर ही प्लास्टिक की जगह अन्य विकल्पों का इस्तेमाल करने लगें। कचरे के निस्तारण को एक कुशल प्रबंधन तंत्र विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।   

प्लास्टिक और दूसरे प्रकार के कचरे के निस्तारण का कुशल प्रबंधन तंत्र हम अब भी नहीं खोज पाए हैं। वहीं, दूसरी ओर प्लास्टिक कचरे का बढ़ता अंबार देशभर में एक बड़े संकट के रूप में उभर रहा है। ऐसे में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) के साथ भारतीय मानक ब्यूरो, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं की एक विशेषज्ञ समिति गठित की गई थी। इस समिति ने जो संस्तुतियां दी हैं, उनका अनुपालन कराने की जिम्मेदारी राज्यों को दी गई है। जिसमें प्रथम चरण में जन जागरूकता पर फोकस किया जाएगा। 

राज्यों से कहा गया है कि वह सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर जन जागरूकता अभियान चलाएं और लोगों को इससे होने वाले नुकसान के प्रति आगाह करें। कहा गया है कि आम जनमानस को जूट और कपड़े के थैले, बांस और लकड़ी की कटलरी, पत्ता प्लेट, ग्लास के साथ ही धातु की बोतल आदि इस्तेमाल करने को प्रेरित किया जाए। कूड़ा प्रबंधन यानि प्लास्टिक कचरे के संग्रह, सूखे और गीले कचरे का पृथकीकरण, रिसाइकिलिंग आदि को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाया जाना है। 

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एफएसएसएआइ ने क्लस्टर/समूह बनाकर और स्वयं या संस्थाओं की मदद से एनर्जी रिकवरिंग सिस्टम स्थापित करने का भी सुझाव दिया है। ताकि प्लास्टिक कचरे से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके। जिला अभिहित अधिकारी जीसी कंडवाल ने बताया कि इस बाबत निर्देश मिले हैं। जल्द ही अभियान की शुरुआत की जाएगी। जिसमें होटल, कम्युनिटी हॉल, वेडिंग प्वाइंट, स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय, ई-कॉमर्स ग्रुप, कॉर्पोरेट हाउस, सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं को शामिल किया जाएगा। 

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