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मुनिकीरेती मेंखाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को देखकर प्रतिष्ठान बंद कर निकल गए कई दुकानदार, 10 नमूने लिए गए

Published: Wed, 12 Aug 2026 11:53 PM (IST)

खाद्य सुरक्षा विभाग ने मुनिकीरेती और तपोवन में होटलों व प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया, जिससे कई दुकानदार प्रतिष्ठान बंद कर निकल गए।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. खाद्य सुरक्षा टीम ने मुनिकीरेती-तपोवन में किया औचक निरीक्षण।

  2. कई दुकानदारों ने टीम को देख प्रतिष्ठान बंद कर दिए।

  3. गुणवत्ता जांच के लिए 10 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए।

जागरण संवाददाता, मुनिकीरेती। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मुनिकीरेती और तपोवन क्षेत्र में होटल-रेस्तरां और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। टीम के पहुंचते ही कुछ दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। वहीं, होटलों की रसोई और स्टोर में रखी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, रखरखाव और स्वच्छता की जांच की गई।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडे के निर्देश पर चलाए गए अभियान में एनालाग पनीर (कृत्रिम या नकली पनीर) के इस्तेमाल को रोकने पर विशेष जोर रहा। टीम ने होटलों और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले दुग्ध पदार्थों का स्रोत पूछा और उनकी खरीद से संबंधित बिलों की जांच की।

इसके साथ ही खाद्य पदार्थों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल और अन्य सामग्री के बारे में भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने खाद्य उत्पादों की लेबलिंग और पैकेजिंग की जांच की। उत्पादों पर बैच नंबर, निर्माण तिथि और अन्य जरूरी घोषणाएं दर्ज हैं या नहीं, इसकी पड़ताल की गई।

होटलों के किचन और स्टोर खंगाले

मुनिकीरेती और तपोवन क्षेत्र में लेमन ट्री, डिवाइन रिजार्ट, स्टर्लिंग और पाम ब्लिस समेत विभिन्न होटलों के किचन और स्टोर का निरीक्षण किया गया। टीम ने किचन की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रखरखाव और स्वच्छता व्यवस्था देखी। होटल संचालकों को एफआइएफओ व्यवस्था अपनाने के निर्देश दिए गए।

इसके तहत पहले खरीदे गए खाद्य पदार्थ का इस्तेमाल पहले किया जाता है, ताकि पुरानी सामग्री खराब होने से बच सके। खाना बनाने वाले कर्मचारियों के चिकित्सीय परीक्षण से संबंधित अभिलेख भी जांचे गए। टीम में विभाग के गढ़वाल मंडल के उपायुक्त राजेंद्र सिंह रावत, टिहरी के सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा प्रमोद रावत, वरिष्ठ खाद्य अधिकारी शारदा शर्मा आदि मौजूद रहे।

10 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए

जांच के दौरान बेकरी उत्पाद, दाल, पकी सब्जी, ग्रेवी, चावल, स्प्रिंग रोल, भुना चना, जीरा और चिप्स समेत कुल 10 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।