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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    विदेशी परिंदे बने उत्तराखंड के मेहमान, पहुंचे अपने इस पसंदीदा स्थान पर

    By Raksha PanthariEdited By:
    Updated: Wed, 09 Oct 2019 08:24 PM (IST)

    आसन वेटलैंड में प्रवासी परिंदों का आगमन शुरू हो गया है। अभी तक सुर्खाब ग्रे लेग गीज कारमोरेंट कामन पोचार्ड प्रजातियों के परिंदे उत्तराखंड के मेहमान बन ...और पढ़ें

    विदेशी परिंदे बने उत्तराखंड के मेहमान, पहुंचे अपने इस पसंदीदा स्थान पर
    विदेशी परिंदे बने उत्तराखंड के मेहमान, पहुंचे अपने इस पसंदीदा स्थान पर

    विकासनगर, जेएनएन। देश के पहले कंजरवेशन रिजर्व आसन वेटलैंड में प्रवासी परिंदों का आगमन शुरू हो गया है। अभी तक सुर्खाब, ग्रे लेग गीज, कारमोरेंट, कामन पोचार्ड प्रजातियों के परिंदे उत्तराखंड के मेहमान बने हैं। विदेशी परिंदों के आगमन को देखते हुए को चकराता वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी दीप चंद आर्य ने आसन कंजरवेशन का निरीक्षण किया। डीएफओ ने रेंजर और पूरी टीम को प्रवासी परिंदों की सुरक्षा को गश्त लगाने के निर्देश दिए। 

    बता दें कि आसन नमभूमि क्षेत्र में हर साल अक्टूबर शुरुआत में ही ठंडे देशों से प्रवासी परिंदे उत्तराखंड आने शुरू हो जाते हैं, जो मार्च तक प्रवास करते हैं। अभी तक यहां चार प्रजातियों के विदेशी परिंदे प्रवास पर पहुंचे हैं। इनके आने से पक्षी प्रेमियों के चेहरे भी खिल उठे हैं। परिंदों के प्रवास पर आने से जीएमवीएन के आसन पर्यटन स्थल पर भी पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। आसन नमभूमि में सबसे पहले सुर्खाब के चार परिंदों ने दस्तक दी। उसके बाद ग्रे लेग गीज, कारमोरेंट, कामन पोचार्ड प्रजातियों के परिंदे यहां के मेहमान बने।

    देशी और विदेशी परिंदों के एक साल मड टापू में बैठने का नजारा पक्षी प्रेमियों को खूब भा रहा है। इस साल भी सबसे पहले सुर्खाब ही आए। सुर्खाब समेत अन्य प्रवासी परिंदों को कलकल बहती यमुना, हरे भरे पहाड़ बेहद भाते हैं। पानी से निकलकर जब सुर्खाब मड टापू पर धूप सेकने के लिए बैठते हैं तो, उनके सोने से दमकते पंखों पर पड़ने वाली सूरज की किरणें विहंगम नजारा पेश करती हैं। मंगलवार को डीएफओ आर्य ने कंजरवेशन रिजर्व क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। आसन रेंजर जवाहर सिंह तोमर भी इस दौरान मौजूद रहे। 

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    आसन में ये परिंदे आते हैं प्रवास पर 

    आसन नमभूमि क्षेत्र में वूली नेक्टड, पेंटेड स्टार्क, रुडी शेलडक, ब्लैक आइबीज नया नाम रेड कैप्ट आइबीज, पलास फिश ईगल, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रेब, ग्रे लेग गूज, रुडी शेलडक, गैडवाल, इरोशियन विजन, मैलार्ड, स्पाट बिल्ड डक, कामन पोचार्ड, टफ्ड डक, पर्पल स्वेप हेन, कामन मोरहेन, कामन कूट, ब्लैक विंग्ड स्किल्ड, रीवर लोपविंग, ब्लैक हेडेड गल, पलास फिश ईगल, इरोशियन मार्क हेरियर, लिटिल ग्रेब, डारटर, लिटिल कोरमोरेंट, लिटिल इ ग्रेट, ग्रेट इ ग्रेट, ग्रे हेरोन, पर्पल हेरोन कामन किंगफिशर, व्हाइट थ्रोटेड किंगफिशर, पाइज्ड किंगफिशर आदि प्रजातियों के परिंदे प्रवास पर आते हैं। 

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