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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आसन वेटलैंड में विदेशी परिंदों की सुरक्षा को सतर्क हुआ वन विभाग

By BhanuEdited By:
Updated: Mon, 31 Oct 2016 05:10 AM (IST)

आसन में वर्तमान में प्रवासी परिंदों की संख्या करीब 1500 पहुंच गयी है, ऐसे में बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए वन महकमा सतर्क हो गया।

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विकासनगर, [जेएनएन]: देश के पहले कंजरवेशन रिजर्व आसन वेटलैंड में देशी विदेशी 16 प्रजातियों के परिंदे उत्तराखंड के मेहमान बन चुके हैं। पंजाब व दिल्ली में बर्ड फ्लू के कई मामले मिलने के बाद चकराता वन प्रभाग ने आसन नमभूमि क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है।

आसन में वर्तमान में प्रवासी परिंदों की संख्या करीब 1500 पहुंच गयी है, ऐसे में बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रभाग अधिकारी पशु चिकित्साधिकारी से जांच कराएंगे, ताकि किसी भी पक्षी में बर्ड फ्लू की शिकायत दिखने पर तुरंत प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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उत्तराखंड के मेहमान बने पङ्क्षरदे आसन नमभूमि क्षेत्र के पास कलकल बहती यमुना, उत्तराखंड व हिमाचल के समीपी पहाड़ों में झरने, हरेभरे पहाड़, नमभूमि क्षेत्र में पटेरा घासों व झाडिय़ों के झुरमुट और शांत वातावरण का आनंद ले रहे हैं।

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मध्य अक्टूबर से मार्च माह तक आसन वेटलैंड में प्रवास करने वाले पक्षियों की अभी तक 16 प्रजातियां आ चुकी हैं। प्रवास पर आए नार्दन पिनटेल, इरोशियन विजन, कामन पोचार्ड, रुडीशेलडक यानि सुर्खाब, ब्लैक ङ्क्षवग्ड स्टिल, कामनकूट, मलार्ड, गैडवाल, ग्रे हेरोन, लिटिल ग्रेब, स्पाट बिलडक, पर्पल स्वैप हेन, ङ्क्षकगफिशर, कामन मोरहेन, इंडियन कोरमोरेंट, ग्रेट कोरमोरेंट की संख्या 1500 के करीब आंकी गयी है।

पंजाब व दिल्ली में बर्ड फ्लू के केस सामने आने पर प्रभाग के डीएफओ डॉ. दिवाकर सिन्हा ने सतर्कता बढ़ा दी है। नमभूमि क्षेत्र में प्रभाग द्वारा करायी जा रही लोकल गणना व दिन रात की गश्त के दौरान वन कर्मियों की सशस्त्र टीम को बर्ड फ्लू पर गौर करने के निर्देश दिए गए हैं।

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प्रवास पर आए पङ्क्षरदों में सुर्खाब की संख्या करीब पांच सौ पहुंच गयी है। विदेशों से परिंदों के आने के कारण बर्ड फ्लू की आशंका प्रबल हो जाती है, दिल्ली व पंजाब में मामले सामने आने के चलते प्रभाग सोमवार को पशुचिकित्साधिकारी से नमभूमि क्षेत्र का दौरा कर परिंदों की जांच कराएगा, ताकि बर्ड फ्लू के बारे में पता चल सके। रेंजर आसन जवाहर सिंह तोमर व वन बीट अधिकारी प्रदीप सक्सेना के अनुसार बर्ड फ्लू को देखते हुए सतर्कता बढ़ायी गयी है। पशु चिकित्साधिकारी से जांच के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि यहां पर बर्ड फ्लू से प्रभावित कोई परिंदा न हो।
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