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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अब 'रानी लक्ष्मीबाई' बनेंगी उत्‍तराखंड के सरकारी स्कूल की बेटियां, दी जाएगी जूडो-कराटे और ताइक्वांडो की ट्रेनिंग

    Updated: Wed, 18 Sep 2024 01:48 PM (IST)

    Girls Self Defense Training in School सरकारी स्कूलों की बेटियां अब रानी लक्ष्मीबाई सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग के तहत जूडो कराटे और ताइक्वांडो का प्रशिक्षण ...और पढ़ें

    Girls Self Defense Training in School: छठवीं से 12वीं तक की छात्राओं को दिया जाएगा जूडो-कराटे और ताइक्वांडो का प्रशिक्षण
    Girls Self Defense Training in School: छठवीं से 12वीं तक की छात्राओं को दिया जाएगा जूडो-कराटे और ताइक्वांडो का प्रशिक्षण

    HighLights

    1. आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने और आत्मरक्षा के गुर सिखाने की सरकार की पहल
    2. समग्र शिक्षा अभियान के तहत दी जानी है तीन महीने की रानी लक्ष्मीबाई सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग
    3. चयनित विद्यालयों के प्रधानाचार्य प्रशिक्षक का चयन खुद करेंगे, उन्हें मानदेय भी दिया जाएगा

    अशोक केडियाल, जागरण देहरादून । Girls Self Defense Training in School: सरकारी स्कूल की बेटियां अब आत्म सुरक्षा के गुर सीखेंगी। इससे जहां किसी भी शोहदे या मनचले से टकराने पर वह उसे सबक सीखा सकेंगी वहीं उनके अभिभावकों की भी चिंता दूर होगी। बेटियां स्कूल, बाजार में बिना किसी डर के आ-जा सकेंगी। छात्राओं को बोल्ड बनाने की यह कोशिश सरकार की ओर से की जा रही है।

    रानी लक्ष्मीबाई सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग के तहत उन्हें स्कूल में ही जूडो, कराटे, ताइक्वाडो मार्शल आर्ट का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले चरण में छठवीं से 12वीं कक्षा तक की 2,550 छात्राओं को खुद की सुरक्षा में आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। स्कूल के प्रधानाचार्य स्थानीय स्तर पर ट्रेंड प्रशिक्षक की व्यवस्था करेंगे, जो तीन महीने तक इसका प्रशिक्षण देगा।

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    प्रधानाचार्य को प्रशिक्षक का चयन खुद करना होगा

    इस प्रशिक्षण के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रारंभिक शिक्षा के 680 और माध्यमिक शिक्षा के 1870 विद्यालयों का चयन किया गया है। इन चयनित विद्यालयों के प्रधानाचार्य को क्षेत्र के प्रशिक्षक का खुद चयन करना होगा और कालेज में अलग समय पर आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना होगा।

    तीन महीने तक बेटियों को जूडो, कराटे और ताइक्वाडो का अलग-अलग प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वह मनचलों को पलक झपकते ही सबक सीखाने में कामयाब हो सकें। साथ ही एक साथ कई हमलावरों से बचने के उपायों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

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    खास बातें

    • चयनित प्रत्येक विद्यालय को प्रतिमाह पांच हजार रुपये की राशि तीन महीने तक प्रदान की जाएगी।
    • सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग के अंतर्गत तीन करोड़ 82 लाख 50 हजार रुपये का प्रविधान किया है।
    • प्रत्येक विद्यालय में विभिन्न कलाओं में पारंगत कोच छात्राओं का इसका प्रशिक्षण देंगे।

    किशोरियों के साथ हो रही आपराधिक घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने और बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत रानी लक्ष्मीबाई सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग पर जोर दिया जा रहा है। चयनित विद्यालयों के मुखिया को प्रशिक्षक का चयन करना होगा। प्रशिक्षण प्रत्येक कार्य दिवस पर तीन महीने तक दिया जाएगा। इसकी रिपोर्ट फोटो के साथ ली जाएगी। यदि आत्मरक्षा अभियान से जुड़कर 20 हजार बेटियां भी आत्मरक्षा में निपुण हो जाती हैं तो यह राज्य के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। - डा. मुकुल कुमार सती, अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा।