उत्तराखंड में अवैध मदरसों पर कार्रवाई तेज, हरिद्वार में 102 ने खुद बंद किए
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सख्ती के बाद हरिद्वार में 102 मदरसों ने स्वेच्छा से संचालन बंद कर दिया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

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राज्य ब्यूरो, देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त रुख का असर अवैध मदरसों के बंद होने के रूप में दिखने लगा है। सरकार की ओर से मानक पूरे न करने वाले मदरसों के विरुद्ध चल रही जांच और कार्रवाई के बीच हरिद्वार जिले में 102 मदरसा प्रबंधकों ने स्वयं ही संचालन बंद कर दिया है।
वहीं, नियमों के दायरे में आने के लिए 76 मदरसों ने शिक्षा विभाग के समक्ष मान्यता और पंजीकरण के प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। जिनमें से 45 को मान्यता देने की तैयारी की जा रही है।
हरिद्वार के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी चंद्र प्रकाश रावत ने शासन को भेजे पत्र में यह जानकारी दी है हरिद्वार जिले से पूर्व पंजीकृत 269 मदरसों में से अभी भी 60 से अधिक मदरसे पंजीकरण के लिए आगे नहीं आए हैं। इन मदरसों का स्थलीय निरीक्षण और सत्यापन कार्रवाई चल रही है।
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अब भी 98 मदरसे पंजीकरण को नहीं आए आगे
प्रदेशभर में पूर्व में संचालित 452 मदरसों में से 35 मदरसों को सरकार की ओर से मान्यता दी जा चुकी है। 17 अवैध संचालित मदरसे सील कर दिए गए हैं। अब तक करीब 200 मदरसों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है। जबकि 98 मदरसे न बंद हुए हैं और न पंजीकरण के लिए आगे आए हैं। उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के चेयरमैन डा. सुरजीत सिंह गांधी ने इसकी पुष्टि की।
