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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    प्‍यार का खौफनाक अंजाम: मतांतरण के लिए तैयार नहीं हुई हिंदू लड़की, आसिफ और उसके घरवालों ने खाई से फेंका

    Updated: Fri, 31 Jan 2025 12:08 PM (IST)

    Uttarakhand Crime प्यार की आड़ में एक हिंदू लड़की की दर्दनाक हत्या का मामला सामने आया है। देहरादून में एक मुस्लिम लड़के और उसके परिवार ने 17 साल की लड ...और पढ़ें

    Uttarakhand Crime: पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रही है. Jagran
    Uttarakhand Crime: पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रही है. Jagran

    HighLights

    1. प्रेमी पर शादी का दबाव बना रही थी किशोरी, मतांतरण के लिए नहीं मानी तो हुआ दोनों में विवाद
    2. 26 जनवरी को लखीमपुर खीरी से किशोरी का अपहरण करने के बाद एक दिन बिजनौर में ही रखा

    जागरण संवाददाता, देहरादून। Uttarakhand Crime: 17 वर्षीय हिंदू लड़की को मुस्लिम प्रेमी और उसके परिवार वालों ने सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया, क्योंकि वह अपना धर्म नहीं बदलना चाहती थी। साजिश के तहत किशोरी को प्रेमजाल में फंसाकर अपहरण और उसकी हत्या की परतें जब खुलीं तो आरोपितों की खौफनाक करतूतें भी सामने आ गईं।

    जब आरोपितों को लगा कि किशोरी मतांतरण के दबाव में नहीं आएगी तो वह उसे जंगल में ले गए और गला दबाकर मार डाला। वह शव को ऐसे ठिकाने लगाना चाहते थे, जिससे जानवर उसे नोच खाएं और अवशेष भी न मिलें। इसके लिए उन्होंने शव को गहरी खाई में फेंका, लेकिन शव एक पेड़ पर अटक गया। उन्हें लगा कि शव खाई में गिर गया है और वह बेखौफ होकर घर लौट आए।

    काफी समय से थी दोनों में जान-पहचान

    पुलिस के अनुसार, आरोपित आसिफ उर्फ छोटू व किशोरी की काफी समय से जान-पहचान थी। दोनों के घर भी लखीमपुर खीरी में आसपास ही हैं। आसिफ ने किशोरी को प्रेमजाल में फंसा लिया और देहरादून में शादी कर यहीं बसने का झांसा दिया, लेकिन किशोरी को यह नहीं पता था कि आसिफ उसका मतांतरण कराकर उसे मुस्लिम बनाने की साजिश रच रहा था।

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    जब आसिफ देहरादून में आकर रहने लगा तो किशोरी उस पर शादी के लिए दबाव डालने लगी। इसी के चलते 26 जनवरी को आरोपित आसिफ किशोरी को लखीमपुर खीरी से बाइक पर बैठाकर पहले बिजनौर लाया। रात में दोनों वहीं रुके और अगले दिन 27 जनवरी की शाम देहरादून पहुंचे।

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    इस बीच किशोरी के पिता ने गुमशुदगी दर्ज कराई तो लखीमपुर पुलिस ने सीसीटीवी खंगालने शुरू कर दिए। सीसीटीवी फुटेज में आसिफ व किशोरी बाइक पर जाते दिखे। पुलिस भी उनके पीछे-पीछे बिजनौर और उसके बाद बुधवार रात देहरादून पहुंच गई।

    न्नी से गला दबाकर हत्या कर दी

    देहरादून से गिरफ्तार आसिफ के सगे भाइयों ने पुलिस को बताया कि जब किशोरी ने मतांतरण से मना किया तो उन्होंने उसे ठिकाने लगाने की योजना बना ली। वह उसे बहाने से कंडोली के जंगल में ले गए। यहां एक किलोमीटर पैदल चलकर अंदर घने जंगल में पहुंचे, जहां सभी आरोपितों ने मिलकर किशोरी की चुन्नी से गला दबाकर हत्या कर दी।

    इसके बाद उसके शव को खाई में फेंक दिया। शव नीचे पेड़ से अटक गया, लेकिन आरोपितों को लगा कि शव गहरी खाई में जा चुका है और उसका पता नहीं लगेगा। ऐसे में वह वापस घर आ गए। बुधवार देर रात जब लखीमपुर खीरी व दून पुलिस उनके घर पहुंची तो उन्होंने सब उगल दिया।

    जंगल में चार घंटे चला पुलिस का आपरेशन

    लखीमपुर खीरी व प्रेमनगर थाना पुलिस ने किशोरी के शव की तलाश के लिए चार घंटे आपरेशन चलाया। शव बरामद करने को पुलिस टार्च की रोशनी में जंगल छानती रही। घने जंगल में आरोपित भी सटीक जानकारी नहीं दे पाए कि उन्होंने शव कहां फेंका है। रात 11 बजे शुरू हुए आपरेशन में किशोरी का शव गुरुवार तड़के तीन बजे मिला। किसी तरह पुलिस ने शव को खाई से निकाला और पोस्टमार्टम के लिए कोरोनेशन अस्पताल पहुंचाया।

    शरीर पर चोटों के निशान, कपड़े भी फटे मिले

    पुलिस के अनुसार, मृतक के शरीर पर चोटों के निशान हैं और कपड़े भी फटे हुए थे। शव तीन दिन पुराना होने के चलते स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि किशोरी के साथ दुष्कर्म हुआ है या नहीं। चिकित्सकों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया है। फोरेंसिक टीम ने स्लाइड बनाकर फोरेंसिक साइंस लैब भेजी हैं। फोरेंसिक जांच के बाद दुष्कर्म की पुष्टि हो पाएगी।

    घटना के बाद आसिफ हो गया था फरार

    27 जनवरी की रात किशोरी की हत्या के बाद आरोपित आसिफ देहरादून से फरार हो गया। आरोपित लंबे समय से देहरादून में मकान के लेंटर के लिए शटरिंग का काम कर रहे थे। इसके चलते आरोपित देहरादून के सभी क्षेत्रों से परिचित थे। यही कारण रहा कि उन्होंने हत्या के लिए कंडोली के घने जंगल को चुना।