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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 23, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बदरीनाथ और केदारनाथ में स्‍थापित होंगे हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर, जानिए

By Sunil NegiEdited By:
Updated: Tue, 23 Apr 2019 07:54 PM (IST)

बीते वर्षों में हृदयघात समेत सांस की दिक्कत के चलते कई लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। स्वास्थ्य विभाग बदरीनाथ व केदारनाथ में हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर स्थापित करेगा।

बदरीनाथ और केदारनाथ में स्‍थापित होंगे हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर, जानिए
बदरीनाथ और केदारनाथ में स्‍थापित होंगे हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर, जानिए

 देहरादून, जेएनएन। अगले माह शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। बीते वर्षों में हृदयघात समेत सांस की दिक्कत के चलते कई लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। इससे सबक लेते हुए स्वास्थ्य विभाग बदरीनाथ व केदारनाथ में हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर स्थापित करेगा। जहां किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु खुद को सामान्य रख सकेंगे।

बदरीनाथ-केदारनाथ की ऊंचाई साढ़े 11 हजार फीट से अधिक है। ऐसे में यहां अक्सर ही ऑक्सीजन की कमी बनी रहती है। उन लोगों को परेशानी होती है, जिनको हृदय या सांस संबंधी रोग होते हैं। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2017 में चारधाम यात्रा के दौरान तकरीबन 112 यात्रियों की जान गई, जबकि 2018 में 106 लोगों की मौत हुई। इनमें न केवल दुर्घटनाओं बल्कि ब्लडप्रेशर, हार्ट अटैक, दमे की बीमारियों के कारण लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रविंद्र थपिलयाल ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बदरीनाथ और केदारनाथ में हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर बनवाए जा रहे हैं। इसमें ऑक्सीजन का प्रेशर मेंटेन रखा जाएगा। यहां पर जाकर इस तरह के लक्षण वाले व्यक्ति सामान्य महसूस कर सकेंगे।

30 विशेषज्ञों डॉक्टरों की होगी तैनाती

चारधाम यात्रा रूट पर इस बार कुल 30 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है, जबकि कुल 84 डॉक्टरों को रोटेशन प्रणाली के तहत तैनात किया जा रहा है। केदारनाथ, बदरीनाथ एवं अगस्त्यमुनि में टेलीमेडिसन की सुविधा भी श्रद्धालुओं को प्रदान की जाएगी। वहीं, चारधाम यात्रा मार्गों पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट व फस्र्ट मेडिकल रिस्पोंडर की भी व्यवस्था की जा रही है।

बर्फ बनी परेशानी

केदारनाथ में अब तक बर्फ जमी हुई है। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग समेत दूसरे विभागों के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है। दरअसल, केदारनाथ के 18 किमी के मार्ग पर जगह-जगह बर्फ जमी है, जिससे तमाम भवन बर्फ से ढ़के पड़े हैं। ऐसे में यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि यहां पर कार्य किस प्रकार शुरू किए जाएं।

सिक्स सिग्मा बदरीनाथ में भी देगा सेवा 

हाई एल्टीट्यूड मेडिकल कैंप लगाने वाला एनजीओ सिक्स सिग्मा हेल्थ केयर इस बार केदारनाथ के साथ ही बदरीनाथ में भी अपनी सेवा देगा। पिछले साल इस एनजीओ ने 12 हजार फुट की ऊंचाई पर अस्पताल खोला था। 10 बेड के इस अस्पताल में मरीजों को मुफ्त उपचार दिया गया। एनजीओ से जुड़े वालंटियर केदारनाथ आपदा के दौरान भी अपनी सेवा दे चुके हैं।

यात्रियों को ठंड से बचाएगा वार्म रूम

केदारनाथ धाम समेत पैदल यात्रा पड़ावों पर ठंड से बचने के लिए वार्म रूम तैयार किए गए हैं। ठंड के चलते तबीयत बिगड़ने पर अब यात्री इनका उपयोग कर सकेंगे। खासकर हृदय रोगियों के लिए ये काफी मददगार साबित होंगे।

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