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IMA कमांडेंट परेड: बारिश भी नहीं डिगा सकी जांबाजों का हौसला, महिला कैडेटों का पहला बैच रचने जा रहा इतिहास

Published: Thu, 11 Jun 2026 03:38 PM (IST)

देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी की कमांडेंट परेड में बारिश के बावजूद कैडेटों का जोश और अनुशासन देखने को मिला।

देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी गुरुवार को आयोजित कमांडेंट परेड।

देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी गुरुवार को आयोजित कमांडेंट परेड।

HighLights

  1. बारिश के बीच भी कैडेटों का अद्भुत जोश और अनुशासन

  2. महिला कैडेटों का पहला बैच भारतीय सैन्य इतिहास में नया अध्याय

  3. कमांडेंट ने चरित्र, प्रतिबद्धता और करुणा को सैन्य पहचान बताया

जागरण संवाददाता, देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में गुरुवार को आयोजित कमांडेंट परेड में भावी सैन्य अधिकारियों का अद्भुत जोश, आत्मविश्वास और कड़ा अनुशासन देखने को मिला।

रिमझिम बारिश के बीच भी कैडेटों का उत्साह कम नहीं हुआ और उन्होंने ड्रिल स्क्वायर पर शानदार परेड की। परेड के समापन पर जब कैडेटों ने 'अंतिम पग' पार किया, तो हेलीकाप्टरों से हुई पुष्पवर्षा ने पूरे माहौल को गौरव और उत्साह से भर दिया।

'कदम-कदम बढ़ाए जा' की धुन पर थिरके कदम

पासिंग आउट परेड (POP) के अंतिम पूर्वाभ्यास के रूप में आयोजित इस समारोह में भारतीय और मित्र देशों के आफिसर कैडेटों ने हिस्सा लिया। ‘कदम-कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा’ की पारंपरिक धुन के बीच कैडेटों ने सटीक कदमताल और सैन्य अनुशासन का बेजोड़ प्रदर्शन किया।

IMA Dehradun

सैन्य अधिकारी की असली पहचान: चरित्र और प्रतिबद्धता

परेड की सलामी आईएमए के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह ने ली। कैडेटों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि "सेना की प्रतिष्ठा अब इन युवा अधिकारियों के कंधों पर है। चरित्र, सामर्थ्य, प्रतिबद्धता और करुणा ही एक सैन्य अधिकारी की वास्तविक पहचान होती है।"

उन्होंने आगे कहा कि सैन्य अधिकारी बनने की राह चुनौतियों से भरी होती है, लेकिन कठोर प्रशिक्षण के बल पर कैडेटों ने यह गौरवपूर्ण मुकाम हासिल किया है। उन्होंने सभी भावी अधिकारियों से हर जवान के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और उनके भरोसे पर खरा उतरने का आह्वान किया।

IMA parde reviews officer Dehradun

परेड की कुछ मुख्य विशेषताएं

  • ऐतिहासिक क्षण: कमांडेंट ने महिला कैडेटों के प्रथम बैच के पासिंग आउट को भारतीय सैन्य इतिहास का एक ऐतिहासिक पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि यह भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और अवसरों का जीवंत प्रतीक है।
  • वैश्विक कूटनीति: विदेशी कैडेटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इन कैडेटों ने यहाँ न केवल मित्रता के अमिट संबंध स्थापित किए हैं, बल्कि अपने देशों का भी शानदार प्रतिनिधित्व किया है। यह भविष्य में भारत और मित्र देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
  • भविष्य की चुनौतियाँ: लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह ने विश्वास जताया कि आईएमए में विकसित अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और एकजुटता की भावना भविष्य की वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अंत में, कमांडेंट ने आफिसर कैडेटों को अकादमी के उच्च प्रशिक्षण मानकों को सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि वे अपने निस्वार्थ आचरण, कर्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व क्षमता से अपने परिवार, भारतीय सेना और पूरे राष्ट्र को गौरवान्वित करेंगे।

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