VIDEO: युवा अफसरों ने गाया ‘कदम-कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा, ये जिंदगी है कौम की’, हर कोई भर उठा जोश से
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में 157वीं पासिंग आउट परेड में नव सैन्य अधिकारियों ने 'कदम-कदम बढ़ाए जा' गीत गाया, जिससे माहौल देशभक्ति से भर गया। ...और पढ़ें

दून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड।
HighLights
157वीं पासिंग आउट परेड में देशभक्ति का रंग
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने किया परेड का निरीक्षण
महिला कैडेट्स का प्रशिक्षण इस वर्ष से शुरू
आइएमए गीत गाते नव सैन्य अफसर।
जागरण संवाददाता, देहरादून: दून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) के ड्रिल स्क्वायर में शनिवार को आयोजित 157वीं पासिंग आउट परेड के दौरान एक ऐसा क्षण आया, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को रोमांच और गर्व से भर दिया।
जैसे ही नव सैन्य अधिकारियों ने एक साथ आइएमए गीत ‘कदम-कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा, ये जिंदगी है कौम की, तू कौम पे लुटाए जा…’ गाया, पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग गया। इस ऐतिहासिक पल को युवा अधिकारियों के स्वजन और मित्रों ने अपने मोबाइल फोन और कैमरों में कैद किया।
थल सेनाध्यक्ष रहे रिव्यूइंग अफसर
भारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड (पीओपी) में थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बतौर रिव्यूइंग अफसर परेड का निरीक्षण किया और पासआउट हुए आफिसर कैडेट्स की सलामी ली।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी दिसंबर 1984 में आइएमए से पास आउट हुए थे। 41 वर्ष बाद उसी ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर पर बतौर रिव्यूइंग अफसर उनकी वापसी ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया।
1932 में हुई थी आइएमए की स्थापना
भारतीय सैन्य अकादमी की स्थापना एक अक्टूबर 1932 को हुई थी। पहले बैच से 40 कैडेट्स पासआउट हुए थे। अब आइएमए के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ चुका है, क्योंकि इस वर्ष जुलाई से यहां महिला कैडेट्स का प्रशिक्षण भी प्रारंभ हो गया है।
पिपिंग सेरेमनी में भावुक हुए स्वजन
पासिंग आउट परेड के अंतिम पग के बाद पिपिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वजन ने नव सैन्य अधिकारियों के कंधों पर सितारे लगाए। इसके बाद एक साथ आइएमए गीत गाया गया, जिससे ड्रिल स्क्वायर देशभक्ति, जोश और गर्व से गूंज उठा। इस यादगार क्षण को देखने के लिए मौजूद हर व्यक्ति भावुक और उत्साहित नजर आया।