Indian Military Academy के 94 साल के इतिहास में होगी ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड, पहली बार महिला कैडेट होंगी शामिल
भारतीय सैन्य अकादमी की 13 जून की पासिंग आउट परेड ऐतिहासिक होगी, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सलामी लेंगी।

देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में 13 जून को होगी पासिंग आउट परेड।
HighLights
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लेंगी पासिंग आउट परेड की सलामी
94 साल में पहली बार महिला कैडेट करेंगी कदमताल
सैन्य प्रशिक्षण में लैंगिक समानता की दिशा में बड़ा कदम
जागरण संवाददाता, देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी में 13 जून को होने वाली पासिंग आउट परेड इस बार ऐतिहासिक होने जा रही है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बतौर रिव्यूइंग अफसर परेड की सलामी लेंगी। खास बात यह है कि भारतीय सैन्य अकादमी के 94 साल के इतिहास में यह पहली बार होगा जब महिला कैडेट भी पुरुष कैडेटों के साथ ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करती नजर आएंगी।
यह बदलाव अकादमी की परंपरा में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। लंबे समय तक केवल पुरुष कैडेटों के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में पहचान रखने वाली आइएमए में अब महिला कैडेटों की सक्रिय भागीदारी शुरू हो चुकी है, जिससे सैन्य प्रशिक्षण प्रणाली में लैंगिक समानता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सेना से जुड़े सूत्रों के अनुसार महिला कैडेटों के प्रवेश को देखते हुए आइएमए में बुनियादी ढांचे से लेकर आवास, प्रशिक्षण व्यवस्था, खेल सुविधाओं और मेडिकल यूनिट तक में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान समान अवसर और मानकों को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
अब तक भारतीय सेना में महिला अधिकारी मुख्य रूप से चैन्नई स्थित आफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त कर कमीशन पाती रही हैं, लेकिन आइएमए में महिला कैडेटों का प्रशिक्षण एक बड़े संरचनात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
दिसंबर 2023 में अकादमी ने एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए ‘जेंटलमैन कैडेट’ शब्द को बदलकर ‘आफिसर कैडेट’ कर दिया था, जिसे सैन्य संस्थान में समानता और आधुनिक सोच की दिशा में अहम कदम माना जाता है।
13 जून की यह पासिंग आउट परेड न केवल एक औपचारिक समारोह होगी, बल्कि 94 वर्षों की परंपरा और भविष्य के नए सैन्य ढांचे के बीच एक ऐतिहासिक सेतु के रूप में भी देखी जा रही है।
आठ महिला कैडेट ले रही हैं प्रशिक्षण
अगस्त 2022 में 19 महिला कैडेटों का पहला बैच राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में शामिल हुआ था। तीन वर्ष के कठोर प्रशिक्षण के बाद मई 2025 में इनमें से 18 कैडेट स्नातक हुईं।
इनमें से आठ कैडेटों ने भारतीय सेना में सेवा का विकल्प चुना और 15 जुलाई 2025 को भारतीय सैन्य अकादमी में प्रवेश लिया। ये सभी महिला कैडेट अब आइएमए में एक वर्ष का कठोर सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। यह सभी 13 जून को अंतिम पग भरेंगी।
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