Jagran Forum Dehradun Highlights: देहरादून में जागरण फोरम संपन्न, छह सत्रों में की गई उत्तराखंड की बात
उत्तराखंड के और बेहतर विकास पर महामंथन के लिए शनिवार को देहरादून में दैनिक जागरण का फोरम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में छह सत्र आयोजित हुए।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित किया गया जागरण फोरम।
जागरण संवाददाता, देहरादून। Dehradun Jagran Forum Live: अपनी स्थापना के 25 वर्ष के सफर में तमाम चुनौतियों के बीच विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर होते मध्य हिमालयी राज्य उत्तराखंड के और बेहतर विकास पर महामंथन के लिए शनिवार को दैनिक जागरण का फोरम सजा।
देहरादून में राजपुर रोड स्थित होटल मैरियट बाय फेयरफील्ड में छह सत्रों में आयोजित जागरण फोरम का उद्घाटन देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ ही अनेक विशेषज्ञ भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में छह सत्र आयोजित किए गए। अगले वर्ष भी जागरण फोरम आयोजित किया जाएगा।
Jagran Forum Dehradun Live: भारत अपनी संप्रभुता से खिलवाड़ नहीं करेगा बर्दाश्त- राज्यपाल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत क्षेत्रों की तस्वीर बदली है। उन्होंने माणा को अंतिम नहीं, बल्कि प्रथम गांव माना।वाइब्रेंट विलेज योजना के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की गई। उरी, बालाकोट और अब ऑपरेशन सिंदूर से स्पष्ट संदेश गया है कि भारत अपनी संप्रभुता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा।
राष्ट्रगान के साथ जागरण फोरम का आखिरी सत्र संपन्न हो गया।
Jagran Forum Dehradun Live: हमें समाज को नशे से बचाना है- राज्यपाल
आज समाज के सामने कई चुनौतियां हैं। नशा एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। हमें इससे समाज को बचाना है। हर किसी में राष्ट्र प्रथम की भावना विकसित करनी है। समाज की एकजुटता भी बहुत महत्वपूर्ण है। पूर्व सैनिकों का आह्वान करते उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी में राष्ट्र प्रथम का भाव विकसित करें।
Jagran Forum Dehradun Live: पूर्व सैनिक पर्वतीय क्षेत्रों के विकास में बनें भागीदार - राज्यपाल
ग्रामीण क्षेत्रों का विकास एक बड़ी चुनौती। पलायन एक बड़ा मुद्दा है। एक सैनिक दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र की हर परिस्थिति से अभ्यस्त होता है। पूर्व सैनिक पर्वतीय क्षेत्रों के विकास में भागीदार बनें। कहा कि सैनिक कभी रिटायर नहीं होते। वह भूतपूर्व नहीं अभूतपूर्व हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: सेना आज मॉडर्न वारफेयर के लिए हो रही है तैयार - राज्यपाल
आज सुरक्षा के मोर्चे पर नई चुनौतियां खड़ी हैं। बदलते वक्त के साथ आज हमारी सोच बदली है। स्पष्ट है कि जो भी लक्ष्मण रेखा लांघेगा उसे घर में घुसकर मरेंगे।ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक बानगी है। सेना आज मॉडर्न वारफेयर के लिए तैयार हो रही है।
Jagran Forum Dehradun Live: उत्तराखंडी वीरों के साहस और पराक्रम के असंख्य किस्से- राज्यपाल

सैन्य इतिहास में उत्तराखंडी वीरों के साहस और पराक्रम के असंख्य किस्से दर्ज है। उन्होंने बलिदानी जसवंत सिंह का जिक्र करते कहा कि यहां के सैनिक पूजनीय हैं। कहा कि एक उत्तराखंडी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बने। पहले सीडीएस उत्तराखंड से और दूसरे भी उत्तराखंड से ही बने। जाहिर है कि उत्तराखंड में कुछ बात है। उत्तराखंड ने देश की सैन्य शक्ति को काफी ताकत दी है। कई वीर दिए हैं। इस समय भी कई लोग उच्च पदों पर सेवा दे रहे हैं। सोमनाथ शर्मा घायल होने के बाद भी आखिरी सांस तक वहां पर लड़ते रहे। उनके लड़ने का जज्बा था, उसने हमें जीत हासिल करवाई। कारगिल में मेजर बृजेश सिंह अधिकारी का साहस भी अलग था। जब उत्तराखंड का साहस हो, जोश हो गाथा हो तो बात कुछ अलग हो जाती है। हमें नया क्या करना है, वह विचार करना है।
Jagran Forum Dehradun Live: उत्तराखंड के खाते में 104 वीर और 190 शौर्य चक्र- राज्यपाल
हम इतिहास में झांके तो प्रथम विश्व युद्ध में गब्बर सिंह नेगी का शौर्य अनुकरणीय है। भारतीय सेना के गढ़वाल रेजीमेंट में जय बदरी विशाल का उद्घोष जोश काबिले तारीफ है। कुमाऊं रेजीमेंट, कालिका माता की जय का उद्घोष जोश भरता है। प्रदेश में सैन्य धाम का निर्माण हो रहा है। यह पांचवें धाम के रूप में सामने आ रहा है। यह प्रेरणास्रोत बनेगा। अरुणाचल प्रदेश में जसवंत सिंह रावत के नाम से वहां मंदिर बना है। हमारे रणबांकुरों को पूरे भारत में पूजा जाता है। 104 वीर चक्र 190 शौर्य चक्र हमारे प्रदेश के खाते में आए हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: उत्तराखंड सिर्फ देवभूमि ही नहीं वीरभूमि भी - राज्यपाल
रणबांकुरों की भूमि उत्तराखंड विषय पर आयोजित सत्र में राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड सिर्फ देवभूमि ही नहीं वीरभूम भी। प्रदेश के हर घर में एक सैनिक।हरेक उत्तराखंडी के दिल में देश बसता है।इस राज्य का सेना से अटूट नेता।द्वितीय विश्व युद्ध से लेकर अब तक हुए विभिन्न युद्ध व ऑपरेशन में इसके अनेक उदाहरण मिलते हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: आखिरी सत्र शुरू
जागरण फोरम कार्यक्रम का छठवां और आखिरी सत्र 'उत्तराखंड: संभावनाओं का नया द्वार' शुरू हो गया है। इस सत्र के वक्ता उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: पांचवां सत्र समाप्त
जागरण फोरम का पांचवां सत्र समाप्त हो गया है। कुछ देर में आखिरी सेशन शुरू होगा।
Jagran Forum Dehradun Live: विनोद खन्ना का प्रशंसक रहा हूं- सुनील शेट्टी
मैं अभिनेता विनोद खन्ना का फैन रहा हूं। एक दुकान पास से वह गुजरते थे। मैं उस दुकान के पास बैठ जाता था और उन्हें देखकर हाथ हिलाता था, वह भी जवाब में हाथ हिलाते थे। कहा कि अगर मैं अगर सनराइज न देखूं तो लगता यह क्या हो गया है मेरी जिंदगी मैं। कहा कि सोशल मीडिया में जितनी पॉजिटिव चीजें उतनी निगेटिव चीजें भी हैं। दामाद क्रिकेटर केएल राहुल के मैदान पर होने के सवाल पर सुनील शेट्टी ने कहा कि अगर मैच कल होगा तो मैं टीवी से दूर न्यूज से दूर हो जाता हूं, वाइफ के पास जाता हूं, वह हाथ हिलाती है, मैं समझ जाता हूं। गेम के बाद मैच के हाइलाइट्स देखता हैं। बहुत प्रेशर होता हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: बॉर्डर फिल्म ने मुझे जिंदा रखा- सुनील शेट्टी
दस साल में नहीं रखा तो, मुझे बॉर्डर ने मुझे जिंदा रखा है। यह मेरे लिए बार्डर फिल्म आक्सीजन है। आठ-दस एक्टर थे,बाकी फौजी थे। वह सब कहते थे हम देश केलिए अपनी जान देंगे। कौन कहता है कि मर्दों को रोना नहीं चाहिए, मैं कहता हूं मर्दों को रोना चाहिए सबके सामने रोना चाहिए। इस दौरान सुनील शेट्टी ने बार्डर फिल्म का अपना चर्चित डायलाग "साहब जी, इसने मेरी मां को गाली दिया है साहब जी। ये धरती मेरी मां है साहब जी, ये धरती मेरी माँ है!" भी बोला। उन्होंने कहा जब आप फिल्म में फौजी का किरदार निभाते तो वही सैनिक का समर्पण चाहिए।
Jagran Forum Dehradun Live: नेपोटिज्म कोई गलत चीज नहीं - सुनील
नेपोटिज्म पर उन्होंने कहा कि नेपोटिज्म क्या होता है, डॉक्टर का बेटा आसानी से बेहतर डॉक्टर बन सकता है। वह एक माहौल में रहता है, इसलिए ये कोई गलत चीज नही है।
यूनिफार्म का मजाक उड़ाना गलत
यूनिफार्म का मजाक उड़ाना गलत है। सीआइएसएफ का मायना उतना ही है, जितना बीएसएफ का है। सभी को सम्मान देना जरूरी है।
Jagran Forum Dehradun Live: मैंने खुद को फिट रखा है- सुनील शेट्टी
मैं 65 साल का हूं, मैंने खुद को फिट रखा हुआ। इसलिए रिलिवेंट भी हूं। फिट रहना डीएनए का हिस्सा हो गया है।
Jagran Forum Dehradun Live: फिल्मों के फ्लॉप होने के बाद लंबा दौर गुमनामी में बीता - सुनील शेट्टी
कई कारणों से फिल्में फ्लॉप हो जाती है, लेकिन अपने आपको को मजबूत बनाए रखा। फिल्मों के फ्लॉप होने के बाद लंबा दौर गुमनामी में बीता, लेकिन मीडिया ने मुझे जिंदा रखा।
Jagran Forum Dehradun Live: मीडिया ने मुझे जिंदा रखा- सुनील शेट्टी
सुनील शेट्टी को किसी ने जिंदा रखा वह मीडिया ने रखा। मैं खुली किताब हूं। मेरा माइंडसेट अलग है, मीडिया के प्यार के चलते मैं टिका रहा।
Jagran Forum Dehradun Live: बलवान फिल्म से स्टारडम मिला - सुनील शेट्टी
सुनील शेट्टी ने कहा कि एक्टिंग करने के बारे कभी सोचा नही था। लेकिन तकदीर लेकर मुंबई पहुंच गया। बलवान फिल्म से स्टारडम मिला।
Jagran Forum Dehradun Live: अभिनेता सुनील शेट्टी पहुंचे

जागरण फोरम के पांचवें सत्र में पहुंचे एक्टर सुनील शेट्टी ने कहा कि पहाड़ का वादियां मन को लुभाती हैं। यह के लोग बहुत प्यारे हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: जनता नेता की कार्यशैली देखती है- सीएम धामी
चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता नेता की कार्यशैली को देखती है। उन्होंने हंसी को लेकर कहा कि एक चेहरा तभी अच्छा हो सकता है, जब अंदर अच्छी बात हो।
इसके बाद चौथा सत्र समाप्त हो गया।
Jagran Forum Dehradun Live: अब तक 6000 से ज्यादा कालनेमी की पहचान- मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री धामी ने ऑपरेशन कालनेमी को लेकर कहा कि कालनेमी शब्द रामचरितमानस में भी उल्लेख है। इस समय ऐसे कालनेमी जिन्होंने धार्मिक कार्यों के नाम पर गलत किया। अब तक छह हजार से ज्यादा की पहचान की गई। जो जहां का है वहीं भेजा है। उत्तराखंड को स्वच्छ और देवभूमि की मर्यादा को रखना है।
Jagran Forum Dehradun Live: हमारा संकल्प भावी पीढ़ी को सुरक्षित उत्तराखंड देना है - सीएम धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा सबसे बड़ा संकल्प भावी पीढ़ी को सुरक्षित उत्तराखंड देना है। मदरसा बोर्ड खत्म करने के पीछे की मंशा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में ऐसे मदरसे चल रहे थे, जिनमें पहचान छिपाकर रह रहे थे, अलग ही शिक्षा दी जा रही थी। अब जो भी मदरसे संचालित होंगे, उनमें बोर्ड के आधार पर शिक्षा दी जाएगी। कहा कि आजकल सोशल मीडिया में गलत प्रचार को देख ऐसा लगता की देश की इंटरनेट मीडिया उत्तराखंड में आ गई। हमारे ऊपर और कार्यशैली पर विश्वास करते हैं अंततः वह कोहरा छंटता है और साफ दिख जाता है।
Jagran Forum Dehradun Live: हमारा उद्देश्य किसी को टारगेट करना नहीं - सीएम धामी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि का देवत्व बना रहना चाहिए। नाम बदलकर पहचान छिपाकर बहन-बेटियों के भविष्य को बर्बाद किया। इसलिए यहां लव और लैंड जिहाद कानून बनाना पड़ा। हमारा उद्देश्य किसी को टारगेट करना नहीं है। यहां के लोग भावनाओं में जीने वाले हैं, लेकिन किसी भी कीमत पर सुनियोजित षड्यंत्र के तरह मतांतरण और सरकारी जमीनों पर कब्जा करने, दंगा करने पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। बनभूलपुरा की घटना हुई, इसलिए दंगा रोकने के लिए सख्त कानून लेकर आए।
Jagran Forum Dehradun Live: कांग्रेस जहां सत्ता से बाहर गई, वहां वापस नहीं लौटी - सीएम
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांग्रेस जहां से सत्ता से बाहर गई, इसके बाद वहां वापस नहीं लौटी। ऐसे कई राज्यों के उदाहरण भी हैं। उन्होंने कहा कि मन साफ हो और नीयत स्पष्ट हो तो कोई भी कार्य कठिन नहीं है। राज्य की जनता को वचन दिया कि सरकार बनेगी तो समान नागरिक संहिता को लागू करेंगे।
Jagran Forum Dehradun Live: साढ़े चार वर्ष में 27 हजार नियुक्ति दी गईं - सीएम धामी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि साढ़े चार वर्षों में 27 हजार नियुक्ति पारदर्शिता के आधार पर मिल चुकी है। अभी दो हजार और जोड़े जाएंगे। अब नकल विरोधी कानून की प्रशंसा हो रही है। जिसे पेपर लीक कहा गया वह पेपर लीक का मामला नहीं था। वह नकल का मामला था, लेकिन प्रचारित ऐसा किया कि पेपर लीक लगे।
Jagran Forum Dehradun Live: अंकिता के माता-पिता ने सीबीआइ जांच के बात कही - सीएम धामी
मुख्यमंत्री धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कहा कि यह मुद्दा बहन बेटी अंकिता की घटना पीड़ा दायक थी। इससे सभी लोगों को कष्ट हुआ। 18 सितंबर को घटना के बाद तत्काल करवाई के बाद जो आरोपित थे, सभी को पकड़ लिया था। महिला आइपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एसआइटी टीम का गठन कर सभी को जेल भेजा गया। एक बड़ी चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की गई। साथ ही कहा गया कि किसी के पास इस मामले की सूचना है तो दे दीजिए। सुप्रीम कोर्ट के बाद हाई कोर्ट के बाद संतुष्टि पाई और तीनों आरोपितों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इधर पति-पत्नी या जो भी कहें , उनके बीच की आपसी मित्रता और ऑडियो लीक हो जाते हैं। इसी आधार पर यह मुद्दा पकड़ लिया। दिल्ली में जाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं, इसका मतलब कि यहां कि मीडिया पर उनका भरोसा नहीं था। हमें तो पता नहीं था कि हुआ क्या। अफवाह, झूठ का माहौल बना दिया गया।
इस मामले में पहले तीन लोगों को सजा ही चुकी थी, लेकिन माहौल बनाया गया की किसी को बचाया तो नहीं जा रहा। मैने अंकिता के माता पिता से बात की तो उन्होंने सीबीआई जांच के बात कही तो हमने यहां मुकदमा दर्ज कर सीबीआई को केस रेफर कर दिया। कोई भी ऐसे कृत्य करने से रूह कांपे इस तरह कार्रवाई की जा रही है।
Jagran Forum Dehradun Live: 50 सालों तक देहरादून को नहीं होगी पानी की कमी - सीएम धामी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आने वाले समय में यहां पेयजल चुनौती बनने वाला है। सांग डैम से अगले 50 साल में पानी की कमी नहीं होगी। कुमाऊं में जमरानी बांध का कार्य शुरू हो गया। वर्ष 2028 तक पूरा होगा। पंत नगर हवाई अड्डा, हेली सेवाएं बेहतर चल रही है। दिल्ली देहरादून एलिवेटेड रोड का कार्य पूरा हो गया।
Jagran Forum Dehradun Live: बहुत सारी नीतियों को हमने किया सरल- सीएम धामी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रुद्रपुर में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक पर ग्राउंडिग पर कार्य शुरू किया। बहुत सारी नीतियों को हमने सरल किया। मिशन एप्पल, मिशन कीवी, मिशन सगंध क्रांति और मिशन टीमरू शुरू किया। देहरादून में लखवाड़ बांध बनने की स्वीकृति के बाद इस पर कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वित्त मैनेजमेंट बनाने में भी कार्य किया। इन्वेस्टर ग्लोबल समिट में 50 से ज्यादा देशों ने भाग लिया। दिसंबर 2023 में समिट मे हाऊस ऑफ हिमालयाज की शुरुआत हुई थी।
Jagran Forum Dehradun Live: खनन का रेवेन्यू 1200 करोड़ पार हो गया- सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खनन के क्षेत्र में कार्य किया। पहले खनन का रेवन्यू 300 से 400 करोड़ रुपये था, लेकिन नई पॉलिसी आने के बाद अब यह रेवेन्यू 1200 करोड़ पार हो गया है।
Jagran Forum Dehradun Live: चौथ सत्र शरू
चौथ सत्र शरू हो गया है।
Jagran Forum Dehradun Live: कुछ देर में शुरू होगा चौथा सत्र
चौथा सत्र 'देवभूमि सत्र: माटी के संदेश' कुछ देर में शुरू होगा। इस सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वक्ता हैं। वह कार्यक्रम में पहुंच चुके हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: तीसरा सत्र समाप्त, सीएम धामी फोरम में पहुंचे

तीसरा सत्र समाप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी फोरम में पहुंच चुके हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: अपने पर्व और परम्परा की ओर लौटने के लिए और जोर देना होगा - स्वामी अवधेशानंद गिरी
रमा गोयल ने कहा कि आज की नई पीढ़ी जो रीति-रिवाज को मानने को तैयार नहीं है, उन्हें कैसे समझाएं। इस पर स्वामी ने कहा कि अमेरिका में किसी भी पर्व उसी दिन मनाया जायेगा, जिस दिन रविवार होगा। लेकिन अब बदलाव आया है कि जिस दिन दिवाली और होली होगी उसे दिन मनाएंगे। यह बदलाव युवाओं ने ही किया है। वहां के युवाओं ने हल्की सी अंगड़ाई ली है। अपने पर्व और परम्परा की ओर लौटने के लिए और जोर देना होगा।
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Jagran Forum Dehradun Live: सवाल-जवाब का दौर शुरू
सवाल-जवाब: अवधेश शर्मा ने कहा कि समाज उन्नति कर रहा है। समाज में ऐसा वर्ग भी है जो नशे की ओर जा रहे है। आराध्य देव को पूजते हैं, लेकिन एक वर्ग पतंग उड़ाकर मजाक बना रहा है। इस पर स्वामी ने कहा कि एक समय बीड़ी पर हनुमानजी, डालडा पर रथ थे। प्रतीकों का अपमान नहीं होना चाहिए। समाजिक जागरूकता होनी जरूरी है और ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार हों। सरकार बड़ी विवश हैं, इतनी निचली स्तर तक सरकार भी निगरानी नहीं कर पाती, ऐसे में समाज को जागरूक होना जरूरी है। स्वामी ने कहा कि अच्छे दिन यही है कि क्लास में गीता आ गई है और कोर्ट से गीता कक्षा तक पहुंच गई है।
Jagran Forum Dehradun Live: असुर विचारों वालों को भारत ही दिशा देगा - स्वामी अवधेशानंद गिरी
उन्होंने कहा कि लोग शब्द लोक से बना है। लोक का मतलब सभी लोग सभी सुखी हों से है। हम सबकी बात करते हैं, लेकिन यह बड़ा कठिन है। भारतीय स्वाभिमान और अतीत की ओर लौटकर देखें कि हम क्या हैं? कुछ दिनों बाद भारत का अनुसरण करेगा। दानवी और असुरों के विचारों वालों को भारत ही दिशा देगा। स्वामी ने कहा कि जिस तरह सऊदी अरेबिया में योग हो रहा है। वहां की सरकार ने कहा कि यह हराम नहीं है, यह धार्मिक स्वीकार नहीं, बल्कि जीवन की सिद्धि के लिए है। सोशल मीडिया को लेकर कहा कि कुछ समय बाढ़ का है। जिसमें बहुत कुछ दिखाई देगा, लेकिन गंगा अलग ही होगी।
Jagran Forum Dehradun Live: हम पश्चिमी का अंधाधुनीकरण करेंगे तो न घर के रहेंगे और न घाट के - स्वामी अवधेशानंद गिरी
स्वामी ने कहा कि यदि हम पश्चिमी का अंधाधुनीकरण करेंगे तो न घर के रहेंगे और न घाट के। अपने मूल में लौटेंगे तो पाएंगे हम सुखी हैं। अपनी सत्ता यदि मुझे पहचान में आती है तो रूप आदि का अभाव नहीं दिखेगा। पश्चिमी ने आजकल इस तरह हो गया कि चिंता लुक्स की है। जब हम अपनी अस्तित्व की ओर लौटेंगे तो सच्चे मार्ग वही होगा। पश्चिमी सोच इतनी है कि उस ओर चलेंगे तो कुछ भी अच्छा नहीं होगा। भारत इंक्लूसिव की बात करता है, एक्सक्लूसिव की नहीं। भारत गौरव सम्मान की बात करता है।
Jagran Forum Dehradun Live: हम भगवान की संतान है, जानवर की नहीं - स्वामी अवधेशानंद गिरी
उन्होंने कहा कि आदमी शब्द एडम से बना है और लिखा है कि आदमी सामाजिक जानवर है। लेकिन हमारे ग्रंथों ने हमें जानवर कभी नहीं बताया है। हम भगवान की संतान है, जानवर नहीं। लेकिन उनके धर्म आदमी को जानवर बताता है। इसलिए सत्य को पहचानना जरूरी है।
Jagran Forum Dehradun Live: जब आप भारतीयता की ओर लौटेंगे तो प्रकाशवान बनेंगे - स्वामी अवधेशानंद गिरी
स्वामी ने कहा कि भारतीय मूलों के साथ जीवन जीने से अपनों को जोड़ता है। लेकिन पश्चिमी की आत्मीयता अभिव्यक्ति की तरह नहीं दिखती, वह सिर्फ बाजार है। इतना भी आधुनिक होना ठीक नहीं हैं। यह बड़ा संकट उत्तर भारत में आया है। अपने से हमें पहल भी करनी होगी। जब आप भारतीयता और भारत की ओर लौटेंगे तो प्रकाशवान बनेंगे।
Jagran Forum Dehradun Live: लॉर्ड मैकाले आए और हमें बाबूगिरी सिखा दी - स्वामी अवधेशानंद
स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि लॉर्ड मैकाले आए और हमारी गुरुकुल ध्वस्त हो गई। भारत ने कभी नौकरी नहीं ढूंढी, बल्कि वो सम्पन्न था। लॉर्ड मैकाले आए और बाबूगिरी हमें सिखा दी। आज व्यक्ति अपनी जड़ों की ओर लौट रहा है, लेकिन आज भी पश्चिम हम पर छाया है। महानायक ने बर्फी, लड्डू और कोई अन्य मीठा नहीं, बल्कि कुछ और ही का विज्ञापन दिखाया। हम महानायक को आदर्श मानते हैं, उन्हीं पर चल रहे हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: महानगरों में रात 11 बजे तक हो रहा भोजन - स्वामी अवधेशानंद गिरी
उन्होंने कहा कि यदि प्राकृतिक नियमों का निर्वहन करते हुए सूर्य की गति के साथ चलें तो और नियम बनाएंगे तो बहुत आगे जा सकते हैं। महानगरों में रात 11 बजे तक भोजन हो रहा है। जो व्यक्ति जड़ों की ओर लौटता है, उसके जीवन में सिद्धि और सफलता आती है।
Jagran Forum Dehradun Live: कुंभ स्नान के बाद एक्टिव हुई सूर्य नाड़ी - स्वामी अवधेशानंद गिरी
स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि जिन्होंने विशेष पर्व पर स्नान किए उनके स्पर्म नहीं बन रहे थे, लेकिन कुंभ स्नान के बाद सूर्य नाड़ी एक्टिव हुई। अपने बच्चों को संभालें, तन-मन के स्वास्थ्य के लिए आगे आएं, मानसिक तनाव में मन एक जगह नहीं रहता।
Jagran Forum Dehradun Live: जितना भारत सम्मान व अधिकार के लिए चिंतित ऐसा कोई देश नहीं - स्वामी अवधेशानंद गिरी

स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि जो मानवता को दिशा देंगे, वहीं बेहतर होगा। जेन-जी का धर्म यह भी है अपने देश को ही न देखें ओर देश में शांति का संदेश भी दें। जेन जी भारत का तरुण है, जिसमें अध्यात्म विज्ञान है। नया युवा प्रभुत्व को चुनौती देना चाह रहा है। कहता है कि थोड़ी सुरक्षा लाएं और व्यक्ति को सम्पन्नता कीजिएगा। भारत अपने धर्म से कभी विमुख नहीं हो सकता। जितना भारत अन्यों के सम्मान अधिकार के लिए चिंतित है ऐसा कोई भी देश नहीं है। किशोरों को परिवार की जिम्मेदारी धर्म से अध्यात्म को लेकर कहा कि जो आज तरुण है उसके सामने करियर सजेस्ट ग्रोथ है उसी में ही उलझा हुआ है। आज हम तिलक लगाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है कि तिलक लगा लीजिए। उत्तर क्षेत्र में हमें आचार विचार और संस्कार का कुछ पता ही नहीं है। हम बच्चे की ज्यादा चिंता कर रहे हैं उसकी प्रसिद्धि हो। लेकिन हम उसे संस्कार नहीं सिखा पा रहे हैं। उसे अपने गोत्र का पता भी नहीं। इतिहास को नकारना हमारी बड़ी भूल होगी। भारत के टुकड़े होंगे, अन्य देशों के नारे लगे तो इसका नाम अभिव्यक्ति नहीं है। इसमें हमे बच्चों को समझाना होगा कि संस्कार, मूल्य और इतिहास क्या रहा है।
Jagran Forum Dehradun Live: इस फोरम में नई सोच और दिशा में विचार-विमर्श बेहतर प्रयास - स्वामी अवधेशानंद गिरी
जूना अखाड़ा हरिद्वार के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि एक जेन-जी कहता है कि सबके अधिकार सुरक्षित हों। सबके वैयक्तिकता का ध्यान रखा जाए। जब अहंकार ऊपर उठ जाता है तो वह व्यक्ति का पतन करने साथ समाज को भी दूसरी दिशा में मोडं लेता है। जेन-जी युवा नहीं किशोर और किशोरियां हैं। बांग्लादेश में में कोई कानून नहीं था तो हिंसक होगा और विखंडन होगा। लेकिन वो क्या जेन-जी आंदोलन, जिसमें हिंसा हो। कहा कि जागरण के इस फोरम में नई सोच और दिशा में विचार-विमर्श बेहतर प्रयास है।
Jagran Forum Dehradun Live: तीसरा सत्र शरू

जागरण फोरम का तीसरा सत्र शुरू हो गया है। तीसरा सत्र: 'धर्म सत्र: जेन-जी का धर्म' है। जिसके वक्ता जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: लघु सत्र समाप्त
राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आयोजित लघु सत्र समाप्त हो गया है। अब कुछ देर में तीसरा सत्र शुरू होगा।
Jagran Forum Dehradun Live: भारतीय संस्कृति की जड़ को नहीं छोड़ना चाहिए - प्रो सुरेखा डंगवाल
प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति की जड़ को नहीं छोड़ना चाहिए। इसलिए नए बच्चों को इसी आधार पर कार्य करना होगा। यूनिवर्सिटी में हिंदू अध्ययन की स्थापना कर पद भी सृजित कर दिए हैं। भारतीय ज्ञान परंपरागत केंद्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में बता सके। जिसके बाद यह लघु सत्र समाप्त हो गया।
Jagran Forum Dehradun Live: आइआइटी मद्रास ने दून यूनिवर्सिटी को अपना स्कोप बनाया - प्रो डंगवाल
प्रो डंगवाल ने कहा कि आइआइटी मद्रास ने दून यूनिवर्सिटी को अपना स्कोप बनाया। यह सशक्त भारत की परिकल्पना है। दून यूनिवर्सिटी वही कर रहा है, जो प्रधानमंत्री का शिक्षा को लेकर सपना है। यूनिवर्सिटी ने एनआरएफ के दो प्रोजेक्ट सेक्शन किए। 2027 तक भारत को सशक्त राष्ट्र तभी बनेगा जब साइंस और टेक्नोलॉजी को साथ लेकर आगे चले।
Jagran Forum Dehradun Live: यह नहीं कहा जा सकता कि अंग्रेज चले गए - प्रो सुरेखा डंगवाल
दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने कहा कि अपनी मातृभाषा में पढ़ाएंगे, इसका मतलब यह नहीं कहा जा सकता कि अंग्रेज चले गए। यूनिविसिटी में चार-पांच साल से यहीं पर अच्छी प्रतिशत के साथ छात्र विभिन्न कोर्स कर रहे हैं। जबकि पहले दिल्ली आदि शहरों में जाते थे। केंद्र सरकार ने विभिन्न प्रॉजेक्ट के माध्यम से लैब को बेहतर किया। तय किया है कि यदि किसी भी कॉलेज में कोई रिसर्च कर रहा हो तो उसे परेशानी न हो।
Jagran Forum Dehradun Live: प्राथमिक से राष्ट्रीय फोकस में है शिक्षा
लघु सत्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर चर्चा करते हुए दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने कहा कि शिक्षा प्राथमिक से राष्ट्रीय फोकस में है। 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश में लाना पड़ा परिवर्तन था। इससे पहले शिक्षा के लिए बनाए गए आयोग के बार बार कहने पर भी ज्यादा कुछ नहीं हो पा रहा था। जब सिलेबस डिजाइन कर रहे हैं उसमें इंडस्ट्री और मीडिया के अनुभवी लोगों का होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जो सिलेबस बनया गया क्या उसे पढ़ाने के लिए बेहतर क्या हो सकता है। उपस्थिति आज एक बड़ा विषय हो गया है। पढ़ाने और सीखने को बढ़ावा मिलना चाहिए, बच्चे को लगे कि जो उन्हें यहां मिल रहा है, वो कहीं दूसरी जगह नहीं मिल पाएगा। दून यूनिवर्सिटी ने अपना एलएमएस जारी किया है। आज सीधे यूनिवर्सिटी को पूछा जाता है कि आपका प्लेसमेंट का प्रतिशत क्या है?
Jagran Forum Dehradun Live: राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर लघु सत्र शुरू

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर लघु सत्र शुरू हो गया है। इस सत्र में दून विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल वक्ता हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: सवाल-जवाब के बाद दूसरा सत्र समाप्त
इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने वक्ताओं से सवाल भी पूछे। जिसके बाद दूसरा सत्र समाप्त हो गया।
Jagran Forum Dehradun Live: इकोलॉजी का सबसे बड़ा डिजास्टर सिर पर - डॉ अनिल जोशी

वक्ता डॉ अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि संस्कार, अध्यात्म और परंपराओं में प्रकृति संरक्षण शामिल है। आज के समय में चुनौती बढ़ रही है। प्रभु और प्रकृति में कोई अंतर नहीं। प्रकृति आपके साथ हमेशा है। हवा मिट्टी पानी को आपने हमेशा भोगा है। जो मुफ्त में मिलता है, उसका कोई मूल्य नहीं माना जाता।
सबसे महत्वपूर्ण बात है कि जब मानव संस्कृति की नींव रखी गई, तभी से प्रकृति को पूजा जाता रहा है। अब प्रकृति को भोगे तो जोड़े भी की आवश्यकता है। आप पहाड़ में जंगल में जाकर कुछ नहीं कर सकते, लेकिन जहां भी है वहां छोटे छोटे प्रयास कर प्रकृति को बचा सकते हैं।
हम क्यों न अपना व्यवसाय प्रकृति आधारित बनाएं। इकोलॉजी का सबसे बड़ा डिजास्टर सिर पर है। लेकिन, हवा, पानी, मिट्टी बेचकर उन्हें बचाने के लिए उसका प्रयोग करें।
पहाड़ों को बचाने के लिए अब फार्मिंग के कॉन्सेप्ट पर काम करना होगा।
हमें ग्रीन बोनस दिया जाए, लेकिन उसके लिए विज्ञान को आधार बनाएं और उसकी मार्केटिंग की जाए। उम्मीद है आने वाले समय में इस दिशा में कदम बढ़ेंगे।
Jagran Forum Dehradun Live: तकनीक व ब्रांडिंग संग पहाड़ के उत्पाद को दिला सकते हैं पहचान - प्रो रजत अग्रवाल
प्रो रजत अग्रवाल ने कहा कि हमारे पहाड़ के क्षेत्रों में जो खेती हो रही है, उन्हें ट्रांसपोर्टेशन, सप्लाई चैन, मार्केटिंग समेत अन्य पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा। तकनीक और ब्रांडिंग के साथ पहाड़ के उत्पाद को पहचान दिला सकते हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: बच्चे की तरह सेंसेटिव बन जाएंं - रजत अग्रवाल

वक्ता रजत अग्रवाल ने कहा कि बच्चे की तरह सेंसेटिव बन जाएंं, जिससे वे अपने आसपास होने वाले हर चीज के बारे में ध्यान रखें। शिक्षा का अपना रोल है लेकिन जो सामाजिक व्यवहार है, उसकी अलग जिम्मेदारी है कि पर्यावरण के प्रति किस तरह हम संवेदनशील हो सकें। नदियों का ज्यादातर जल नहरों के माध्यम से सिंचाई के लिए डाल देते हैं, जबकि इसकी उतनी जरूरत नहीं होती।
Jagran Forum Dehradun Live: नदियों में आने वाले गाद का वैल्यू एडिशन के रूप में चुगान हो - पंकज गुप्ता

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में वक्ता पंकज गुप्ता ने कहा कि समावेशी विकास के लिए, नदियों में आने वाले गाद का वैल्यू एडिशन के रूप में चुगान हो, वनों से होने वाली उपज का प्रयोग हो। खाद्य प्रसंस्करण यूनिट लगाई जाएं। उत्तराखंड के उत्पादों को उद्योग के रूप में स्थापित किया जाए।
Jagran Forum Dehradun Live: दूसरा सत्र शुरू

जागरण फोरम कार्यक्रम के तहत दूसरा सत्र 'मंथन सत्र: हरित विकास' शुरू हो चुका है। इस सत्र में प्रख्यात पर्यावरणविद् पद्मभूषण डा. अनिल प्रकाश जोशी, आइआइटी रुड़की के प्रो रजत अग्रवाल और उत्तराखंड उद्योग संगठन के अध्यक्ष पंकज गुप्ता वक्ता हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: उद्घाटन सत्र समाप्त
जागरण फोरम का उद्घाटन सत्र समाप्त हो चुका है। कुछ देर में दूसरा सत्र शुरू होगा।
Jagran Forum Dehradun Live: जागरण फोरम नए आइडिया और विकास के विजन को आगे बढ़ाने का मंच

उपराष्ट्रपति ने कहा कि कृषि, पर्यटन, उद्यान के क्षेत्र में यह राज्य अग्रणी रहा है। कौशल विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। जागरण फोरम नए आइडिया और विकास के विजन को आगे बढ़ाने का मंच है। मेरी शुभकामनाएं उत्तराखंड के साथ हैं। मैं देवभूमि के बेहतर भविष्य की उम्मीद करता हूं। जो 25 साल का शानदार सफर राज्य ने पूरा किया है, वह आगे और भी शानदार होगा।
इसके बाद उपराष्ट्रपति का संबोधन समाप्त हो गया और राष्ट्रगान गाया गया।
Jagran Forum Dehradun Live: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का सम्बोधन

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का सम्बोधन शुरू हुआ। उन्होंने कहा यह मेरा पहला उत्तराखंड दौरा है। मैं अटल विहारी वाजपेयी जी का स्मरण करता हूंं। उन्होंने इस राज्य की नींव रखी। उत्तराखंड सत्यम शिवम सुंदरम की भावना को रेखांकित करता है। प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उन्होंने राज्य के विकास को हमेशा वरीयता दी है।
Jagran Forum Dehradun Live: यह मंच राष्ट्र निर्माण की चेतना जगाने का माध्यम - राज्यपाल

उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा उपराष्ट्रपति जी का आगमन खास है। उनका अनुभव और दृष्टि नई राह देती है। जागरण फोरम की थीम विकास का सार है। यह मंच राष्ट्र निर्माण की चेतना जगाने का माध्यम है। जागरण समूह ने विकासशील पत्रकारिता का नया आयाम गढ़ा है। देवभूमि ने राष्ट्र प्रेम की भावना का जागृत किया है।
Jagran Forum Dehradun Live: सादगी से प्रभावित दिखे सीएम धामी
सीएम धामी ने उपराष्ट्रपति के बारे कहा कि आपसे पहली बार जब मिला तो सादगी ने काफी प्रभावित किया। जागरण फोरम के मंच पर आपके विचारों का साथ मिलेगा।
Jagran Forum Dehradun Live: उपराष्ट्रपति का पहली बार उत्तराखंड आना गौरव का पल- धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जागरण फोरम में उपराष्ट्रपति जी का आज खास पल है। वे तमिलनाडु के एक साधारण परिवार से आये हैं। आपने जनकल्याण के कार्यक्रमों को वरीयता दी। आपकी सोच देश को मजबूती देती है।
Jagran Forum Dehradun Live: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया उद्घाटन
राजपुर रोड स्थित होटल मैरियट बाय फेयरफील्ड में दैनिक जागरण फोरम का उद्घाटन उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया। छह सत्रों में आयोजित जागरण फोरम के उद्घाटन अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद हैं। हरित विकास सत्र के वक्ता प्रख्यात पर्यावरणविद् पद्मभूषण डा. अनिल प्रकाश जोशी, आइआइटी रुड़की के प्रो रजत अग्रवाल और उत्तराखंड उद्योग संगठन के अध्यक्ष पंकज गुप्ता हैं। जेन-जी का धर्म सत्र के वक्ता जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज, देवभूमि सत्र: माटी के संदेश के वक्ता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मनोरंजन सत्र : उत्तराखंड बना बालीवुड का नया ठिकाना के वक्ता बालीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी और वीरभूमि सत्र: रणबांकुरों की भूमि के वक्ता राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम हुआ शुरू

उत्तराखंड के 25 वर्ष पूरे होने पर देहरादून में आयोजित जागरण फोरम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन पहुंचे। साथ में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम शुरू हो गया।
Jagran Forum Dehradun Live: यूसीसी लागू करने समेत कई ऐतिहासिक निर्णय

समान नागरिक संहिता लागू करने समेत कई ऐतिहासिक निर्णय भी इस कालखंड में लिए गए। इन उपलब्धियों के साथ ही उत्तराखंड के भविष्य को और बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है। इसकी रफ्तार कैसे तेज हो, इससे जुड़े विषयों को लेकर ही जागरण फोरम में गहनता से चर्चा होगी। साथ ही विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में उत्तराखंड के योगदान पर भी मंथन होगा।
Jagran Forum Dehradun Live: यहां देख सकते हैं कार्यक्रम का लाइव प्रसारण
जागरण फोरम कार्यक्रम का लाइव प्रसारण आप नीचे दिए गए लिंक में देख सकते हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: कुछ देर में पहुंचेंगे उपराष्ट्रपति

जागरण फोरम का मंच तैयार हो चुका है। उपराष्ट्रपति किसी भी समय कार्यक्रम में पहुंच सकते हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: देहरादून हवाई अड्डे पर पहुंचे उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति डोईवाला - देहरादून हवाई अड्डे पर पहुंचे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं राज्यपाल स्वागत के लिए मौजूद रहे।
Jagran Forum Dehradun Live: फोरम में ये होंगे सत्र

- उदघाटन सत्र :- उत्तराखंड : संभावनाओं का नया द्वार (सुबह 10 से दोपहर 12.30 बजे तक)
मुख्य अतिथि: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी रहेंगे उपस्थित।
- मंथन सत्र: हरित विकास (दोपहर 12.30 बजे से 1.30 बजे तक )
वक्ता: प्रख्यात पर्यावरणविद् पद्मभूषण डा अनिल प्रकाश जोशी, आइआइटी रुड़की के प्रो रजत अग्रवाल और उत्तराखंड उद्योग संगठन के अध्यक्ष पंकज गुप्ता।
- धर्म सत्र : जेन-जी का धर्म (अपराह्न 3.00 से 4.00 बजे तक)
वक्ता: स्वामी अवधेषानंद गिरी महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर, जूना अखाड़ा
- देवभूमि सत्र: माटी के संदेश (शाम 3.00 से 4.00 बजे तक)
वक्ता: पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड।
- मनोरंजन सत्र : उत्तराखंड बना बालीवुड का नया ठिकाना (शाम 5.00 से 6.00 बजे तक)
वक्ता:- सुनील शेट्टी, बालीवुड अभिनेता।
- वीरभूमि सत्र: रणबांकुरों की भूमि (शाम 6.30 से 7.30 बजे तक)
वक्ता: लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि), राज्यपाल, उत्तराखंड।
Jagran Forum Dehradun Live: पहले सत्र में चर्चा का विषय
जागरण फोरम के उद्घाटन सत्र में उत्तराखंड को अगले 25 वर्षों में कैसे ऊंचाई तक ले जाया जा सकता है, इस पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। उद्घाटन के बाद फोरम के अलग-अलग सत्रों में राज्य से जुड़े विषयों पर विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां अपने अनुभव साझा करने के साथ ही आगे की राह सुझाएंगी।
Jagran Forum Dehradun Live: उत्तराखंड ने पूरी की 25 साल की यात्रा

नैसर्गिक सुंदरता से परिपूर्ण देवभूमि उत्तराखंड ने 25 वर्ष की यात्रा में पर्यावरण, पर्यटन-तीर्थाटन, योग-वेलनेस व अध्यात्म, औद्योगिक विकास, शिक्षा, इन्फ्रास्टक्चर, रोड-रेल-रोपवे व हवाई कनेक्टिविटी, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य कौशल विकास, प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी समेत तमाम क्षेत्रों में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं।
Jagran Forum Dehradun Live: उद्घाटन सत्र में सुबह 10 बजे तक ही प्रवेश

जागरण फोरम का उद्घाटन उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन करेंगे। उपराष्ट्रपति के प्रोटोकाल और सुरक्षा कारणों के चलते फोरम के उद्घाटन सत्र में सुबह 10 बजे तक ही प्रवेश पा सकेंगे। सत्र में प्रवेश के लिए निमंत्रण पत्र अथवा ई-निमंत्रण के साथ ही फोटोयुक्त कोई भी पहचान पत्र अपने पास रखें। इसके साथ ही सत्र में प्रवेश के दृष्टिगत समय का ध्यान रखें।