Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    देहरादून में फिर सजेगा ‘जागरण संवादी’, 13 और 14 जून को जुटेंगे देशभर के दिग्गज

    Updated: Tue, 09 Jun 2026 10:36 PM (IST)

    देहरादून में 13 और 14 जून को 'जागरण संवादी' का आयोजन होगा, जिसमें देशभर के विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर गहन मंथन करेंगे। यह 'हिंदी हैं हम' अभियान के तहत ...और पढ़ें

    मसूरी डायवर्जन रोड स्थित होटल फेयरफील्ड बाय मैरियट में होगा ‘संवादी’ के तीसरे संस्करण का आयोजन।

     मसूरी डायवर्जन रोड स्थित होटल फेयरफील्ड बाय मैरियट में होगा ‘संवादी’ के तीसरे संस्करण का आयोजन।

    HighLights

    1. देहरादून में 13-14 जून को 'जागरण संवादी' का आयोजन

    2. अर्थ, राजनीति, धर्म, कला, साहित्य पर विशेषज्ञ करेंगे मंथन

    3. 'हिंदी हैं हम' अभियान के तहत अभिव्यक्ति का उत्सव

    जागरण संवाददाता, देहरादून। 13 जून से एक बार फिर दून में ‘जागरण संवादी’ का मंच सजने जा रहा है, जिसमें देशभर से आए विशेषज्ञ दो दिन भाषा व विधा की परिधि से बाहर निकलकर अर्थ, राजनीति, धर्म, कला, साहित्य, संस्कृति जैसे विषयों पर गहन मंथन करेंगे।

    यह ऐसा मंच है, जिसमें ‘हिंदी हैं हम’ अभियान के तहत अभिव्यक्ति का उत्सव मनाया जाता है। साथ ही आप और हम विशेषज्ञों के साथ अपने विचार भी साझा करते हैं।

    वर्ष 2014 में लखनऊ से शुरू हुए ‘जागरण संवादी’ ने 12 वर्षों के अंतराल में अपनी एक मजबूत पहचान बना ली है। साल-दर-साल अपना दायरा बढ़ाते जा रहे ‘संवादी’ ने वर्ष 2024 में पहली बार दून को अपना पड़ाव बनाया था और इस बार फिर अपने तीसरे संस्करण को लेकर हमारे बीच आ रहा है। इस बार 13 व 14 जून को दून में ‘जागरण संवादी’ की छटा बिखरेगी।

    ‘दैनिक जागरण’ हमेशा से आम और खास पाठकों, लेखकों, चिंतकों, विचारकों और संस्कृति कर्मियों के बीच सेतु की भूमिका निभाकर एक संवादधर्मी समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का प्रयास करता आ रहा है। उसकी इसी सोच की परिणति है अभिव्यक्ति का उत्सव ‘जागरण संवादी’।

    ‘संवादी’ का अर्थ होता है संवाद करने वाला, इसलिए इसे अभिव्यक्ति का उत्सव कहा जाता है। ‘संवादी’ कोई लिटरेचर फेस्टिवल नहीं, बल्कि भाषा का ऐसा अनुष्ठान है, जिसके तहत साहित्य, कला, धर्म, अर्थ, राजनीति व गीत-संगीत से लेकर सिनेमा और खेल जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मंच सजता है।

    खबरें और भी

    बीते वर्षों में हिंदी के इस मंच से देश के विभिन्न शहरों में न केवल हिंदी, बल्कि अन्य भारतीय भाषाओं के बीच भी संवाद हुआ है। साथ ही साहित्यिक विमर्श को भी स्थान मिलता रहा है। यही वजह है कि संवादी ने विषय और वक्ताओं के चयन से अपनी एक अलग पहचान बनाई है और आज वह विमर्श के सबसे बड़े मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।

    ‘जागरण संवादी’ को देशभर के प्रतिष्ठित लेखकों का साथ मिला है और हर साल बड़ी संख्या में लेखक, कलाकार, संस्कृतिकर्मी और नेता इसका हिस्सा बनते रहे हैं। अपनी स्थापना का 13वां वर्ष मनाने जा रहे ‘जागरण संवादी’ ने इस बार उत्सव को खास बनाने के लिए 13 विशेष सत्र आयोजित किए हैं, ताकि दूनवासी उसका हिस्सा बन सकें।

    13-14 जून को दून में मसूरी डायवर्जन रोड स्थित होटल फेयरफील्ड बाय मैरियट में यह आयोजन होगा। ...तो तैयार हो जाइए, अपने परिवार व मित्र-परिचितों के साथ अभिव्यक्ति के उत्सव ‘जागरण संवादी’ की बहुरंगी छटा का आनंद उठाने को।

    ‘हिंदी हैं हम’ अभियान

    दैनिक जागरण का ‘हिंदी हैं हम’ अभियान भाषा एवं कला के जरिये हिंदी के प्रचलन को उचित माहौल तैयार करने का प्रयास है। इसका मुख्य उद्देश्य ‘जागरण संवादी’ समेत विभिन्न मंचों के माध्यम से हिंदी को हृदय में, सोच में और अभिव्यक्ति में प्रतिष्ठित करना है। यह युवाओं को मातृभाषा से जोड़ने का भगीरथ प्रयास भी है।

    यह भी पढ़ें- Lucknow Jagran Samvadi 2025: प्रशासनिक अनुभव रचनात्मकता का ईंधन, अफसराें ने अनुभव की स्याही से रचा साहित्य

    यह भी पढ़ें- Lucknow Jagran Samvadi 2025: जब तक निर्णय लेने वाला जानकार नहीं होगा सिनेमा में आती रहेंगी चुनौतियां