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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

75 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए ऊर्जा निगम का जेई गिरफ्तार Dehradun News

By Sunil NegiEdited By:
Updated: Fri, 17 Jan 2020 09:06 PM (IST)

पुलिस अधीक्षक सतर्कता सेक्टर के निर्देश पर ट्रैप टीम ने विद्युत वितरण खंड सेलाकुई कार्यालय से 75 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए अवर अभियंता मुनीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

75 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए ऊर्जा निगम का जेई गिरफ्तार Dehradun News
75 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए ऊर्जा निगम का जेई गिरफ्तार Dehradun News

देहरादून, जेएनएन। बिजली कनेक्शन और पोल लगाने की एवज में 75 हजार रुपये रिश्वत लेते सतर्कता विभाग ने ऊर्जा निगम के जेई को रंगेहाथों में पकड़ लिया। उसके मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 

एक व्यक्ति ने इसी महीने 15 जनवरी को सतर्कता विभाग के पुलिस अधीक्षक को अवर अभियंता के खिलाफ शिकायती पत्र दिया था। एसपी के अनुसार शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने अपने घर पर स्थायी विद्युत कनेक्शन व विद्युत पोल लगवाने के लिए ऊर्जा निगम के सेलाकुई वितरण उपखंड कार्यालय में आवेदन किया था। आरोप लगाया कि उपखंड के अवर अभियंता मुनीश कुमार ने कनेक्शन स्वीकृत करने और पोल लगाने के लिए 85 हजार रुपये की मांग की। 

एसपी ने बताया कि शिकायतकर्ता ने रकम को ज्यादा बताकर अवर अभियंता से रकम कम करने का आग्रह किया तो वह 75 हजार रुपये में दोनों काम करने को तैयार हो गया। जेई ने रकम मिलने के बाद ही काम करने की बात कही। शिकायत की जांच कराई गई और आरोप सही पाए गए। शुक्रवार को शिकायतकर्ता तय रकम लेकर विद्युत वितरण खंड सेलाकुई कार्यालय पहुंचा। जैसे ही उसने जेई को रिश्वत की 75 हजार की रकम थमाई तभी सतर्कता विभाग की टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। 

बैंक ऑफ बड़ोदा के मैनेजर को सीबीआइ ने रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा

सीबीआइ ने बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर जुनैद खान को पचास हजार रुपये की रिश्वत लेते 21 सितंबर 2019 की शाम रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।  पुलिस के अनुसार अमित कुमार शर्मा दून कंसल्टेंसी फर्म चलाते हैं। यह फर्म विभिन्न बैंकों के लिए रिकवरी का काम करती है, जिसमें बैंक ऑफ बड़ौदा भी शामिल है। कुछ दिन पहले रिकवरी के बदले बैंक ने 19 और 20 सितंबर को फर्म को आठ लाख रुपये का पेमेंट किया। इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात रिकवरी सेल के मैनेजर जुनैद खान ने अमित से कहा कि वह उन्हें पचास फीसदी कमीशन नहीं देगा तो आगे से उसे रिकवरी का काम नहीं मिलेगा।

अमित ने कहा कि इतनी रकम अभी वह बैंक से नहीं निकाल सकता। इस पर जुनैद ने कहा कि पचास हजार रुपये अभी दे दो, बाकी रकम बाद में ले लेगा। पचास हजार रुपये पर सहमति बनने के बाद जुनैद ने अमित को एस्ले हाल चौक पर बुलाया। मगर रिश्वत देने से पहले उसने सीबीआइ को पूरा प्रकरण बता दिया। सीबीआइ ने ट्रैप टीम तैयार की और एस्ले हाल चौक के पास जैसे ही जुनैद ने रकम हाथ में ली, सादे कपड़ों में आसपास तैनात सीबीआइ के इंस्पेक्टर प्रशांत कांडपाल और नवनीत मिश्रा ने उसे दबोच लिया। एसपी सीबीआइ अखिल कौशिक ने बताया कि जुनैद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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