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गृह मंत्री अमित शाह का एलान, 'अब तारीख पर तारीख नहीं मिलेगी... तीन साल के अंदर होगा इंसाफ'

Published: Sat, 07 Nov 2026 10:21 AM (IST)Updated: Sat, 07 Nov 2026 10:24 AM (IST)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि मई 2027 के बाद दर्ज आपराधिक मामलों में तीन साल के भीतर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

अमित शाह।

अमित शाह।

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जागरण संवाददाता, देहरादून। न्याय के लिए वर्षों तक अदालतों के चक्कर काटने की मजबूरी से आमजन को निजात दिलाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। मई 2027 के बाद दर्ज होने वाले आपराधिक मामलों में दोषियों को तीन वर्ष के भीतर सजा दिलाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

इसके लिए पुलिस की जांच से लेकर अभियोजन और न्यायालय की प्रक्रिया तक को डिजिटल माध्यम से आपस में जोड़ा जा रहा है, ताकि अपराध की जांच और न्यायिक कार्यवाही में अनावश्यक देरी न हो। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन देहरादून में उत्तराखंड पुलिस के राष्ट्रपति पुलिस निशान अलंकरण समारोह में यह घोषणा की।

डिजिटल समन्वय

गृहमंत्री ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों का उद्देश्य केवल कानून बदलना नहीं, बल्कि देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।

तकनीक और फारेंसिक विज्ञान के इस्तेमाल से जांच की गुणवत्ता बढ़ेगी और न्याय मिलने में होने वाली देरी कम होगी। पुलिस, अभियोजन और न्यायालय के बीच डिजिटल समन्वय इस बदलाव की अहम कड़ी बनेगा।

उन्होंने उत्तराखंड पुलिस के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि करीब 13 हजार जवानों से शुरू हुआ पुलिस बल आज 26 हजार से अधिक की संख्या तक पहुंच चुका है।

विषम भौगोलिक परिस्थितियों, प्राकृतिक आपदाओं और हर साल बढ़ते पर्यटक दबाव के बीच उत्तराखंड पुलिस ने साहस, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई है। इस अवसर पर उन्होंने कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले 206 वीर जवानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

तीन साल में नशामुक्ति और पलायन पर प्रहार

केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तराखंड को अगले तीन वर्ष में नशामुक्त बनाने का लक्ष्य भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत क्षेत्रों का विकास करने और पलायन रोकने के लिए वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम चलाया जा रहा है। सीमावर्ती गांवों में बुनियादी सुविधाओं और विकास को गति देने के साथ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना भी प्राथमिकता है।

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