लैंड जिहाद की आंच: देहरादून में समुदाय विशेष को जमीन बेचने पर शासन ने बिठाई जांच
उत्तराखंड सरकार ने देहरादून के धौलास क्षेत्र में 20 एकड़ कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त में 'लैंड जिहाद' की आशंका पर जांच बिठाई है। गोपनीय जानकारी मिली थी क ...और पढ़ें

देहरादून के ग्राम हरियावाला धौलास क्षेत्र में स्थित जमीन।

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अश्वनी त्रिपाठी, जागरण देहरादून। उत्तराखंड में जनसांख्यिकीय बदलाव रोकने के लिए गंभीर धामी सरकार ने देहरादून के धौलास क्षेत्र में बड़े स्तर पर हुई जमीन की खरीद-फरोख्त में लैंड जिहाद की आंच महसूस कर जांच बैठा दी है।
लगभग 20 एकड़ कृषि भूमि समुदाय विशेष के लोगों को अवैध रूप से बसाने के लिए बेचने की जानकारी राज्य सरकार को मिली थी। इसके बाद शासन स्तर से जांच शुरू कर पता लगाया जा रहा कि कृषि भूमि को आवासीय टुकड़ों के आकार में क्यों बेचा गया।
जमीन बेचने में सभी वर्गों के लोग शामिल किए गए या समुदाय विशेष को ही जमीन बेची गई।
इन तथ्यों के आधार पर सरकार जमीन बेचने के पीछे की मंशा का पता लगा रही है। डीएम देहरादून प्रकरण की जांच करा रहे हैं। मामला ग्राम हरियावाला-धौलास पछवादून परगना विकासनगर से जुड़ा है।
एनडी तिवारी सरकार में यहां 20 एकड़ भूमि शेखुल हिंद एजुकेशन चेरिटेबल ट्रस्ट ने शैक्षणिक संस्थान बनाने के लिए खरीदी थी।
सैन्य क्षेत्र के नजदीक होने के कारण स्थानीय लोगों ने निर्माण का विरोध किया। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा और जमीन को कड़ी शर्तों के साथ वर्तमान भू-उपयोग में ही बेचने की अनुमति दी गई।
सरकार को मिला इनपुट, छोटे टुकड़ों में बेची जमीन
डेमोग्राफी चेंज को लेकर गंभीर प्रदेश सरकार को यह गोपनीय जानकारी मिली कि शेखुल हिंद एजुकेशन चेरिटेबल ट्रस्ट की जिस जमीन पर स्कूल बनना था, वह समुदाय विशेष के लोगों को ही बेची गई है। आवासीय कालोनी की तरह कृषि भूमि को छोटे टु़कड़ों में तारिक, शोएब, आसिफ, अमजद, तारीख, साहिल, शहजाद, इरशाद, मंजर, सलीम, वसीम व शाकिर को बेचा गया है।
शेखुल हिंद एजुकेशन चेरिटेबल ट्रस्ट की जमीन बिक्री के सभी दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। टीम मौके पर भेजी गई थी। जांच की जा रही है कि बिक्री में नियमों का पूरी तरह पालन किया गया या नहीं। विस्तृत रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
-विनोद कुमार, एसडीएम, विकासनगर
यह क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आता है। इस कृषि भूमि पर अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही थी। इसकी सूचना पर एमडीडीए की टीम ने मौके पर निर्माण को ध्वस्त करा दिया था। भविष्य में भी इस भूमि पर किसी प्रकार की प्लाटिंग नहीं होने दी जाएगी।
-बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण(एमडीडीए)
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