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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रेमनगर सर्राफा लूटकांड: लोकल नेटवर्क के जरिये अंजाम दी वारदात

By Sunil NegiEdited By:
Updated: Thu, 10 Oct 2019 08:29 PM (IST)

दून के प्रेमनगर में देव ज्वैलर्स को लूटने को बदमाश पूरी प्लानिंग से देहरादून आए थे। बदमाशों ने पहले यहां लोकल नेटवर्क तैयार किया और फिर वारदात को अंजाम दिया।

प्रेमनगर सर्राफा लूटकांड: लोकल नेटवर्क के जरिये अंजाम दी वारदात
प्रेमनगर सर्राफा लूटकांड: लोकल नेटवर्क के जरिये अंजाम दी वारदात

देहरादून, जेएनएन। प्रेमनगर में देव ज्वैलर्स को लूटने को बदमाश पूरी प्लानिंग से देहरादून आए थे। बदमाशों ने पहले यहां लोकल नेटवर्क तैयार किया और फिर करीब एक हफ्ते तक ज्वैलरी शॉप की हर गतिविधि की बारीकी से रेकी की। इतना ही नहीं, बदमाशों ने वारदात के बाद देहरादून से भागने के रास्तों पर पुलिस की मुस्तैदी भी देखी थी, ताकि भागते समय वह पुलिस की नजरों में न आएं। वहीं, पुलिस बाइक के प्रेमनगर में दाखिल होने से पहले और भागने के बाद बाइक के आगे-पीछे चल रहे अन्य वाहनों के मूवमेंट की भी तफ्तीश में जुटी है। इसे लेकर पुलिस बुधवार देर शाम इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालती रही, ताकि यह पता चल सके कि बदमाशों को वारदात के लिए दून में बैकअप किसने दिया। 

प्रेमनगर के न्यू मोहनपुर रोड स्थित देव ज्वैलर्स के यहां बीते सोमवार को हुई करीब दो किलोग्राम सोने के आभूषणों और ढाई लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस बदमाशों के उस लोकल नेटवर्क को खंगाल रही है, जिसकी मदद से बदमाश इतनी बड़ी वारदात को न केवल अंजाम देने में कामयाब रहे, बल्कि जिले से बाहर निकल भागने में भी सफल रहे। पुलिस को लोकल नेटवर्क का अंदाजा तब हुआ, जब पुलिस ने न्यू मोहनपुर और आसपास के इलाकों की घटना से पूर्व एक हफ्ते तक की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। इस फुटेज में बदमाश एक स्थान पर पहुंच कर बार-बार ओझल हो जा रहे थे।

पुलिस ने उस इलाके में मुखबिर तंत्र सक्रिय किया तो कई हैरान करने वाली जानकारियां मिलीं। कुछ अहम सुराग मिलने के बाद बुधवार को पुलिस ने बाइक के आने-जाने के दौरान दिख रहे अन्य वाहनों को भी राडार पर ले लिया। इसमें कुछ वाहनों को पुलिस ट्रेस भी कर ले गई, लेकिन फिलहाल घटना से उसके लिंक के बारे में कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी है। बदमाशों को बैकअप देने वाले कुछ संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है, लेकिन अभी तक बदमाशों के बारे में कोई खास इनपुट नहीं मिल सका है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर दबिश

बदमाशों के भागने के रूट की पड़ताल करते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बदमाशों की कुंडली भी खंगाल रही है। कुछ बदमाशों का पिछले एक सप्ताह से देहरादून में मूवमेंट की जानकारी मिली है, जिसके आधार पर पुलिस कई एंगल पर काम कर रही है और हर एक गैंग और बदमाश से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी को खंगाल रही है।

अपराधियों का लोकल नेटवर्क बड़ी चुनौती

यह कोई पहला मामला नहीं, जब बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने से पहले स्थानीय स्तर पर नेटवर्क तैयार किया। इससे पहले ईश्वरन डकैती कांड की वारदात को अंजाम देने वाले वीरेंद्र ठाकुर गैंग ने सैलून संचालक मुजीबुर रहमान व फुरकान को यहां अपना खबरी बना रखा था। इन्हीं दोनों की रेकी के बाद 22 सितंबर को अभिमन्यु क्रिकेट ऐकेडमी के संचालक आरपी ईश्वरन और उससे पहले 26 मई को आरटीओ के आरआइ आलोक कुमार के घर पर वारदात को अंजाम देने में कामयाब हुए। यही नहीं, केरल के क्रिप्टो करेंसी कारोबारी अब्दुल शकूर की हत्या में भी बदमाशों ने प्रेमनगर में अपने स्थानीय संपर्कों के जरिये ही ठिकाना बनाया था। 22 जून को प्रेमनगर से पकड़े गए महाराष्ट्र के रावण गैंग के शूटरों ने भी अपने स्थानीय संपर्कों का सहारा लेकर यहां कई दिन तक छिपने में कामयाब रहे थे। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि देहरादून में बैठे डकैतों-बदमाशों के संपर्कों को पुलिस कैसे खंगालेगी, क्यों कि वह तो यहां किसी काम-धंधे की आड़ में रहते हुए खबरी के तौर पर काम कर रहे हैं।

64 मिनट में उत्तराखंड सीमा से बाहर हो गई बाइक

प्रेमनगर  में सराफा दुकानदार को लूटने में प्रयुक्त बाइक लेकर जा रहे बदमाश महज 64 मिनट में देहरादून ही नहीं उत्तराखंड की ही सीमा से भी बाहर हो गए। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि बदमाशों ने लूट की वारदात को सोमवार दोपहर 3.13 बजे अंजाम दिया। इसके बाद बदमाश गोरखपुर चौक, शिमला बाईपास, आइएसबीटी, हरिद्वार रोड होते हुए दूधली रोड पहुंचे। यहां से डोईवाला होते हुए हरिद्वार से श्यामपुर के रास्ते भागे। श्यामपुर पार करते समय एक फुटेज में 4.17 बजे बदमाश वहां से गुजरते दिख भी गए हैं। गंभीर तो यह है कि इस 64 मिनट के दौरान बदमाशों का कहीं भी पुलिस से आमना-सामना नहीं हुआ।

दूधली पर बदमाशों के निकलने के तीन मिनट बाद पहुंची पुलिस

लूटकांड की वायरलेस सेट पर सूचना फ्लैश होने में देरी पर एसएसपी का गुस्सा यूं ही सातवें आसमान पर नहीं था। दरअसल बदमाशों ने जब दूधली बैरियर को पार किया, उसके तीन मिनट बाद पुलिस बैरियर पर पहुंची। एसएसपी का मानना है कि यदि सूचना सही समय पर सर्कुलेट हुई होती तो तय था कि बदमाशों की दूधली में ही पुलिस से मुठभेड़ हो जाती। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने कहा कि सूचना फ्लैश में हुई इस गंभीर चूक की समीक्षा की जा रही है। इसमें जिस किसी के भी स्तर से लापरवाही पायी जाएगी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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एसएसपी अरुण मोहन जोशी का कहना है कि सराफा लूटकांड की तफ्तीश में एसपी सिटी और एसपी देहात दोनों के नेतृत्व में टीमें काम कर रही हैं। बदमाशों के बारे में कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिन पर काम किया जा रहा है। जल्द ही घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।

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