घर में है शादी समारोह तो कितने LPG सिलिंडेर मिलेंगे? इस पर उत्तराखंड सरकार ने जारी किए आदेश
शादी समारोहों के लिए अस्थायी कनेक्शन के साथ दो व्यावसायिक गैस सिलिंडर मिलेंगे। चारधाम यात्रा के लिए केंद्र से अतिरिक्त ईंधन मांगा जाएगा। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, देहरादून। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के बीच राज्य सरकार ने गैस, ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
आमजन को राहत देते हुए निर्णय लिया गया है कि शादी समारोहों के लिए अस्थायी कनेक्शन के साथ दो व्यावसायिक गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे आयोजनों में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके साथ ही आगामी चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए सरकार अतिरिक्त तैयारियों में जुट गई है।
राज्य सरकार केंद्र से अतिरिक्त ईंधन की मांग करेगी, ताकि यात्रा अवधि में प्रतिदिन लगभग 1.11 लाख किलो गैस, यानी करीब 4500 एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति सुचारू रूप से बनी रहे।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में शनिवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इस संबंध में व्यापक समीक्षा की गई।
बैठक में घरेलू व व्यावसायिक गैस उपलब्धता, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों की जरूरतों के साथ ही उर्वरकों की स्थिति, पीएनजी पाइपलाइन विस्तार, सीएनजी आपूर्ति, कालाबाजारी नियंत्रण, अफवाह प्रबंधन और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी स्तर पर आपूर्ति बाधित न हो और मांग-आपूर्ति का संतुलन हर हाल में बनाए रखा जाए।
जनमानस को राहत, कोई कमी नहीं, पैनिक न करें
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य में गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है। किसी प्रकार की कमी नहीं है, इसलिए नागरिक अनावश्यक घबराहट से बचें।
उन्होंने कहा कि यह समय वैश्विक चुनौतियों को अवसर में बदलने का है। विदेशी आयात पर निर्भरता घटाते हुए 2070 तक कार्बन न्यूट्रल लक्ष्य हासिल करने के लिए ग्रीन एनर्जी को तेजी से अपनाना जरूरी है।
सभी विभागों को घरेलू, औद्योगिक और परिवहन क्षेत्रों में वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
चारधाम यात्रा के लिए विशेष तैयारी
चारधाम यात्रा के दौरान गैस की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। मुख्य सचिव ने बताया कि इस अवधि में प्रतिदिन करीब 1.11 लाख किलो गैस यानी 4500 सिलिंडरों की अतिरिक्त आवश्यकता पड़ती है।
उन्होंने पर्यटन और पूर्ति विभाग को निर्देशित किया कि मांग का सटीक आकलन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।
साथ ही केंद्र सरकार से समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त ईंधन की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई
सरकार ने गैस, कच्चे तेल और उर्वरकों की कालाबाजारी व जमाखोरी पर सख्त रुख अपनाया है। नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य आपूर्ति आयुक्त आनंद स्वरूप के अनुसार नौ से 27 मार्च के बीच प्रदेशभर में 672 घरेलू और 139 व्यावसायिक सिलिंडर जब्त किए गए।
इसके अलावा एक कांटा, दो रीफिलिंग किट और एक पिकअप वाहन भी पकड़ा गया। सात आरोपितों की गिरफ्तारी हुई, 15 मुकदमे दर्ज किए गए, 4479 निरीक्षण और 87 छापों के दौरान 85,100 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
नियमित प्रेस ब्रीफिंग होगी
अफवाहों पर नियंत्रण के लिए राज्य और जिला स्तर पर प्रतिदिन प्रेस ब्रीफिंग आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि सही और समय पर सूचना देना बेहद जरूरी है। गैस एजेंसियों और वितरकों की नियमित निगरानी, स्टॉक रजिस्टर की दैनिक जांच और आपूर्ति में असंतुलन होने पर तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, एलएल फैनई सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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