उत्तरी ध्रुव अभियान में भारत का नाम रोशन कर रहे उत्तराखंड के लक्की, 22 देशों से पहुंचे छात्र
चकराता, देहरादून के लक्की रावत रूस के 'आइसब्रेकर ऑफ नॉलेज' अभियान में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो उत्तरी ध्रुव की ओर एक वैज्ञानिक यात्रा है। इ ...और पढ़ें


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संवाद सूत्र, चकराता (देहरादून)l विकासखंड चकराता के रजाणू गांव के छात्र लक्की रावत ने रूस के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक अभियान ‘आइसब्रेकर आफ नालेज’ में भारत के एकमात्र छात्र प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया है।
यह अभियान मंगलवार (चार अगस्त) से शुरू हुआ। लक्की की माता का गीता देवी और पिता का नाम राम सिंह ने इस पर खुशी जाहिर की है।
90 डिग्री उत्तरी अक्षांश तक की साहसिक यात्रा
रूस के मूरमान्स्क से शुरू हुए इस 10 दिवसीय अभियान में 22 देशों के 14 से 16 वर्ष आयु वर्ग के छात्र भाग ले रहे हैं। यह प्रतिभागी रूस के न्यूक्लियर आइसब्रेकर जहाज 50 लेट पोबेडी पर सवार होकर 90 डिग्री उत्तरी अक्षांश तक की साहसिक यात्रा कर रहे हैं।
इस यात्रा के लिए लक्की को तीन चरणों की कठिन प्रतियोगिता से गुजरना पड़ा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्रों को ध्रुवीय विज्ञान, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और आधुनिक तकनीक, विशेषकर परमाणु ऊर्जा के बारे में व्यावहारिक ज्ञान देना है।
जौनसार-बावर के क्षेत्रवासियों का कहना है कि लक्की की यह उपलब्धि यहां के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
सेपियंस स्कूल विकासनगर के दसवीं के छात्र लक्की रावत की इस उपलब्धि पर विद्यालय अध्यक्ष इंदिरा रानी, रशिता सपरा, निदेशक रश्मि गोयल, प्रधानाचार्य नवीन तनेजा, गीता नेगी, नंदी बिष्ट, अश्विनी कुमार, सुमालती उनियाल, बेबी राठौर ने उनकी सराहना की है।