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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजस्व उपनिरीक्षकों ने कलम बंद हड़ताल को चेताया, जानिए वजह

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Updated: Mon, 03 Jun 2019 03:15 PM (IST)

पदोन्नति को लेकर भूलेख संवर्गीय कर्मचारी महासंघ और संग्रह अमीन महासंघ के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है।

राजस्व उपनिरीक्षकों ने कलम बंद हड़ताल को चेताया, जानिए वजह
राजस्व उपनिरीक्षकों ने कलम बंद हड़ताल को चेताया, जानिए वजह

देहरादून, जेएनएन। नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति को लेकर भूलेख संवर्गीय कर्मचारी महासंघ और संग्रह अमीन महासंघ के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। संग्रह अमीन महासंघ के लेखपालों की नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति पर सवाल उठाने के बाद अब उत्तराखंड भूलेख संवर्गीय महासंघ ने भी संग्रह अमीन को पदोन्नति दिए जाने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन का एलान किया है। इस कड़ी में 10 से 15 जून तक प्रदेशव्यापी कार्यबहिष्कार और अगले चरण में कलम बंद हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है।

गांधी रोड स्थित एक होटल में उत्तराखंड भूलेख संवर्गीय कर्मचारी महासंघ (रजिस्ट्रार, कानूनगो, राजस्व निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक और राजस्व सेवक) की रविवार शाम बैठक हुई। प्रांतीय अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह कुमाई ने कहा कि मंत्रिमंडल उपसमिति ने नायब तहसीलदार के पदों पर छह फीसद कोटा संग्रह अमीनों के लिए निर्धारित करने का निर्णय लिया है, महासंघ इसका विरोध करता है। आरोप लगाया कि उपसमिति का यह निर्णय एकतरफा है, उन्हें पक्ष रखने का अवसर तक नहीं दिया। महासंघ महासचिव विजयपाल सिंह मेहता ने कहा कि पटवारी-लेखपाल स्नातक शैक्षिक योग्यता के साथ एक वर्ष तीन माह का प्रशिक्षण व तीन माह का कानूनगो का प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, तब राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति हासिल करते हैं। 

इसके बाद दूसरी पदोन्नति नायब तहसीलदार पद पर मिलती है, लेकिन संग्रह अमीन की शैक्षिक योग्यता व प्रशिक्षण की कमी होने के बाद भी उन्हें सीधे नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति देना उचित नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि उपसमिति जल्द से जल्द अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे, अन्यथा महासंघ 10 से 15 जून तक कार्यबहिष्कार पर जाएगा। इसके बाद यदि निर्णय के संबंध में शासनादेश जारी होता है तो इसी दिन से कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। बैठक में महासंघ संरक्षक राधेश्याम पैन्यूली, उपाध्यक्ष ताराचंद घिल्डियाल, सहसचिव महिपाल पुंडीर, जिनेंद्र रावत, युनूस अली आदि मौजूद रहे।

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