विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Uttarakhand Student Union Election: मसूरी के कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव प्रक्रिया पर रोक, ये है वजह

Published: Sat, 26 Sep 2026 08:37 AM (IST)

मसूरी के एमपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव प्रक्रिया को भारी हंगामे के बाद रोक दिया गया है।

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

संवाद सहयोगी, मसूरी। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (एमपीजी कालेज) मसूरी में छात्रसंघ चुनाव प्रक्रिया के दौरान भारी हंगामा हुआ। चुनाव प्रबंधन समिति की कार्यप्रणाली और निर्णयों से असंतुष्ट एबीवीपी और एनएसयूआइ, जौनपुर छात्र संगठन और मसूरी छात्र संगठन के पदाधिकारियों ने प्राचार्य कक्ष में जमकर हंगामा किया।

हंगामे के बीच छात्र नेता प्राचार्य कक्ष में ही धरने पर बैठ गए। कालेज परिसर में बिगड़ते माहौल को देखते हुए प्राचार्य डा. सुनील पंवार ने गढ़वाल विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर आगामी दिशा-निर्देश मिलने तक संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

विवाद और हंगामे की सूचना मिलते ही मसूरी कोतवाली प्रभारी नरेंद्र गहलावत पुलिस बल के साथ कालेज पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।

मुख्य चुनाव अधिकारी डा. अमिताभ भट्ट की मौजूदगी में प्राचार्य डा. सुनील पंवार ने बताया कि छात्रों के भारी विरोध और हंगामे के कारण निष्पक्ष चुनाव कराना संभव नहीं था। इसलिए पूरी स्थिति से गढ़वाल विवि प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। विवि से स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलने तक चुनाव प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है।

विवाद का कारण: तीन पदों पर निर्विरोध चुनाव परिणाम की घोषणा

कालेज में विवाद की शुरुआत गुरुवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान हुई। गुरुवार को नामांकन पत्रों में कमियां पाए जाने के कारण एबीवीपी के प्रत्याशी तीन पदों पर पर्चा दाखिल करने से वंचित रह गए। चुनाव प्रबंधन समिति ने देर शाम अन्य कोई प्रत्याशी न होने पर एनएसयूआइ के तीन प्रत्याशियों को संबंधित पदों पर विजयी घोषित कर दिया।

इस फैसले से भड़की एबीवीपी ने शुक्रवार सुबह से ही कालेज में मोर्चा खोल दिया। छात्र नेताओं का कहना था कि जब तक नामांकन पत्रों की आधिकारिक जांच (स्क्रूटनी) पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी पद पर चुनाव परिणाम की घोषणा किस आधार पर की गई?

एनएसयूआइ के गंभीर आरोप: 'प्रशासन भाजपा के दबाव में'

हंगामे के बाद धरने पर बैठे एनएसयूआइ के छात्र नेताओं ने कालेज प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। एनएसयूआइ नेता जगपाल गुसांई ने कहा कि यदि महाविद्यालय प्रशासन भाजपा के दबाव में काम कर रहा है, तो उनके प्रत्याशियों के नामांकन पत्र वापस किए जाएं और वे सभी पदों पर चुनाव नहीं लड़ेंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक स्क्रूटनी (जांच) और उसके बाद नाम वापसी की समय-सीमा तय थी, लेकिन समिति ने न तो स्क्रूटनी कराई और न ही नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।