भारी बारिश से मसूरी-देहरादून मार्ग प्रभावित: सड़क पर आईं दरारें, लगा लंबा जाम
मूसलाधार बारिश के कारण मसूरी-देहरादून मार्ग पर 'पानी वाले बैंड' के पास मुख्य सड़क पर दरारें आ गई हैं, जिससे यातायात और सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। ...और पढ़ें
HighLights
मसूरी-देहरादून मार्ग पर 'पानी वाले बैंड' के पास दरारें
भारी बारिश से मलबा गिरने, भूस्खलन का खतरा बढ़ा
सड़क पर लंबा ट्रैफिक जाम, जनजीवन अस्त-व्यस्त
जागरण संवाददाता, देहरादून। भारी वर्षा के बाद देहरादून-मसूरी राजमार्ग का करीब 10 मीटर हिस्सा पानीवाला बैंड के पास सोमवार दोपहर को धंस गया। राजमार्ग के इस भाग पर निचली तरफ की रिटेनिंग वाल ध्वस्त हो गई।
जिस कारण सड़क का निचला हिस्सा खोखला हो गया। नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए शाम को उपजिलाधिकारी मसूरी के आदेश पर राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है।
हालांकि, शाम को आवाजाही प्रतिबंधित किए जाने से पहले इस पर सिंगल लेन ट्रैफिक का संचालन पुलिस की देखरेख में कराया जा रहा था।
इस तरह छोटे वाहनों को गुजरने की अनुमति दी जा रही थी। लेकिन मौसम के मिजाज को देखते हुए यह आशंका थी कि सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो सकती है।
मसूरी मार्ग पर वाहनों का संचालन अचानक बंद कर दिए जाने के बाद दोनों तरफ भारी जाम की स्थिति रही। तमाम वाहनों के वापस लौटने और उसी दिशा में वाहनों के आगमन के कारण करीब एक घंटे तक राजमार्ग पैक नजर आया।
लोनिवि ने संभाला मोर्चा, पहाड़ी का कटान कर दी जाएगी अतिरिक्त चौड़ाई
पानीवाला बैंड के पास सड़क में निचली तरफ से धंसाव के बाद फौरी तौर पर लोनिवि प्रांतीय खंड की मशीनरी ने पहाड़ी का कटान शुरू कर दिया है।
प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि तत्काल राहत के लिए पहाड़ी की दिशा में कटान का कार्य किया जा रहा है।
ताकि प्रभावित वाले भाग पर अस्थायी सड़क तैयार की जा सके। उन्होंने कहा कि सोमवार देर रात या मंगलवार सुबह तक रजमार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा।
रिटेनिंग वाल के उपचार में लगेगा समय
अधिशासी अभियंता राजेश कुमार के अनुसार रिटेनिंग वाल के आसपास कहीं पानी का स्रोत है। जिस कारण रिटेनिंग वाल अपनी जगह से खिसक गई है।
क्योंकि पानी के निरंतर बहाव ने जमीन को कमजोर किया है। उन्होंने बताया कि रिटेनिंग वाल के उपचार के लिए एस्टीमेट तैयार किया जाएगा और उसके अनुसार मरम्मत या पुनर्निर्माण का काम किया जाएगा। हालांकि, इसमें अभी कुछ समय लग सकता है।
2020 में इसी जगह ध्वस्त हो गया था सड़क का 50 मीटर भाग
10 अगस्त 2020 को भारी वर्षा के बीच मसूरी राजमार्ग का करीब 50 मीटर भाग पूरी तरह ध्वस्त हो गया था। जिसके बाद लंबे समय तक मसूरी राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई थी।
खबरें और भी
सितंबर और अक्टूबर 2020 के दरम्यान लोनिवि की मशीनरी सड़क को वापस पुरानी स्थिति में ला सकी थी।
वर्तमान में पूर्व की भांति क्षति तो नहीं हुई है, लेकिन उसी भाग पर रिटेनिंग वाल का ढहना कमजोर संरचना या संवेदनशील भौगिलिक स्थिति के संकेत भी देता है।
मसूरी रोड पर सबसे बड़े भूस्खलन जोन का उपचार अंतिम चरण में
मसूरी राजमार्ग पर गलोगी पावर हाउस के पास सबसे बड़ा भूस्खलन जोन हमेशा से सिरदर्द बना रहा है। वर्ष 2021 में यहां पर भारी भूस्खलन के चलते सड़क का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया था।
जिसके बाद अप्रैल 2024 में इसका उपचार शुरू किया जा सका। लोनिवि अधिकारियों के मुताबिक यह कार्य अंतिम चरण में है।
हालांकि, अभी चंद रोज पहले इसी क्षेत्र में भूस्खलन हो जाने से चुनौतियां भी बढ़ रही हैं।
यह भी पढ़ें- रुद्रप्रयाग में बारिश का दौर जारी: ऊखीमठ में सर्वाधिक 77 MM वर्षा, कई सड़क बंद; केदारनाथ यात्रा जारी
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में वर्षा का प्रकोप: देहरादून समेत 3 जिलों में आज भारी बारिश का रेड अलर्ट