मसूरी होमस्टे में दिल्ली की सॉफ्टवेयर इंजीनियर की संदिग्ध मौत, मजिस्ट्रेटी जांच शुरू
मसूरी के कियाना होमस्टे में नवविवाहिता सॉफ्टवेयर इंजीनियर राधा गायत्री की संदिग्ध मौत की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। ...और पढ़ें

दिल्ली निवासी नवविवाहिता साफ्टवेयर इंजीनियर राधा गायत्री की संदिग्ध हालात में मौत का मामला
HighLights
नवविवाहिता सॉफ्टवेयर इंजीनियर राधा गायत्री की संदिग्ध मौत का मामला
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ
जिला प्रशासन ने एसडीएम मसूरी को मजिस्ट्रेटी जांच सौंपी
जागरण संवाददाता, देहरादून। मसूरी-धनोल्टी मार्ग स्थित कियाना होमस्टे में गत 15 जून को नवविवाहिता साफ्टवेयर इंजीनियर परुपुड़ी राधा गायत्री की रहस्यमय मौत के मामले में जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने के बाद जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया है। उप जिलाधिकारी मसूरी राहुल आनंद को जांच अधिकारी नामित किया गया है, जो 17 जुलाई तक इस मामले से जुड़े साक्ष्य और पक्षकारों के बयान दर्ज करेंगे।
राधा गायत्री मूल रूप से आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम की रहने वाली थीं और दिल्ली के किदवई नगर ईस्ट में रहकर गुरुग्राम की एक आइटी कंपनी में कार्यरत थीं। उनके पति सोमयाजुला श्रीचरण पुणे की एक साफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत हैं। दोनों का विवाह नवंबर 2025 में हुआ था।
15 जून की सुबह मृत मिली थीं राधा गायत्री
गत 13 जून को दोनों दिल्ली से उत्तराखंड घूमने आए थे। पहले ऋषिकेश में रुके और 14 जून की रात मसूरी-धनोल्टी रोड स्थित टिपरीधार के कियाना होमस्टे में ठहरे थे, जहां 15 जून की सुबह राधा गायत्री मृत मिली थीं।
पति ने पुलिस को बताया था कि रात में दोनों ने शराब पी थी और करीब साढ़े तीन बजे सोए थे। सुबह उठने पर पत्नी कमरे के फर्श पर अचेत अवस्था में मिलीं। उनके नाक से खून निकल रहा था, जिसके बाद होमस्टे कर्मियों को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस की टीम ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जांच के दौरान कमरे से शराब की खाली बोतलें और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी मिले थे।
पति पर दर्ज है हत्या का मुकदमा
मृतका के पिता पी. सुधाकर की शिकायत पर पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। स्वजनों ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद से उनकी बेटी का उत्पीड़न किया जा रहा था और उसकी मौत सामान्य नहीं है। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
खबरें और भी
17 जुलाई तक दे सकते हैं साक्ष्य
संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के पास घटना से संबंधित कोई तथ्य, दस्तावेज या साक्ष्य है तो वह 17 जुलाई तक किसी भी कार्यदिवस में उप जिलाधिकारी मसूरी के न्यायालय अथवा कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर या लिखित रूप में प्रस्तुत कर सकता है।
जिला प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी तथा सभी उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।