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दिल्ली से बदरी-केदार सिर्फ 4.5 घंटे में, नमो भारत और पहाड़ की ट्रेन मिलकर बदलेंगी सफर की परिभाषा

Published: Mon, 22 Jun 2026 06:01 AM (IST)

मुख्यमंत्री धामी ने मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन विस्तार के सर्वे को मंजूरी दी है, जिससे दिल्ली से बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा आसान होगी।

सांकेतिक तस्वीर।

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अश्वनी त्रिपाठी, देहरादून। मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन के विस्तार के लिए सर्वे को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहमति देकर बजट का प्रविधान कर दिया है।

मेरठ के रास्ते ऋषिकेश तक नमो भारत (रैपिड रेल) ट्रेन चली तो दिल्ली से बदरीनाथ व केदारनाथ की यात्रा काफी आसान हो जाएगी।

इसकी वजह प्रस्तावित दिल्ली-हरिद्वार-ऋषिकेश नमो भारत रैपिड रेल कारिडोर और निर्माणाधीन ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना है।

अभी दिल्ली से ऋषिकेश तक सड़क मार्ग से पहुंचने में सामान्यतः पांच से छह घंटे लग जाते हैं। इसके बाद पहाड़ी रास्तों से बदरीनाथ और केदारनाथ की यात्रा लंबी और थकान वाली हो जाती है।

यात्रा सीजन में जाम, बारिश व भूस्खलन की चुनौती यात्रियों की परेशानी बढ़ाती है। यदि दोनों परियोजनाएं परवान चढ़ीं तो दिल्ली से बदरीनाथ व केदारनाथ यात्रा का पूरा ढांचा बदल सकता है।

श्रद्धालु दिल्ली से नमो भारत के जरिए तेजी से ऋषिकेश पहुंचेंगे और वहां से रेल के जरिए सीधे कर्णप्रयाग तक जा सकेंगे।

इससे पहाड़ों पर सड़क की यात्रा काफी कम हो जाएगी। इससे केवल चारधाम यात्रा को फायदा नहीं होगा बल्कि पर्यटन, स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

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कैसे बदलेगी यात्रा

  • अभी दिल्ली-ऋषिकेश का सफर: 5 से 6 घंटे
  • ऋषिकेश–कर्णप्रयाग : सड़क मार्ग से लगभग 6 से 7 घंटे
  • कर्णप्रयाग-बदरीनाथ : लगभग 3-4 घंटे
  • कर्णप्रयाग–गौरीकुंड (केदारनाथ मार्ग) : लगभग 5-6 घंटे

परियोजनाएं पूरी होने पर

  • पहला इंजन- दिल्ली-ऋषिकेश : करीब 2.5-3 घंटे
  • दूसरा इंजन- ऋषिकेश-कर्णप्रयाग : रेल से लगभग 2 घंटे
  • कुल यात्रा समय में करीब सात घंटे की बचत संभव

नमो भारत रैपिड रेल

  • दिल्ली-एनसीआर से हरिद्वार-ऋषिकेश तक विस्तार प्रस्तावित
  • अभी सर्वे और योजना स्तर पर चर्चा
  • दिल्ली से ऋषिकेश की यात्रा समय घटाने पर फोकस
  • चारधाम यात्रियों और पर्यटकों को फायदा

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना

  • कुल लंबाई : 125 किलोमीटर
  • लक्ष्य : 2028 तक कार्य पूरा करने की कोशिश

फैक्ट फाइल

  • 80% से ज्यादा मार्ग: सुरंगों और पुलों से होकर गुजरेगा
  • 14.58 किमी: परियोजना में देश की सबसे लंबी परिवहन सुरंगों में एक
  • सात स्टेशन: योगनगरी ऋषिकेश, शिवपुरी, देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, गौचर और कर्णप्रयाग

राज्य में कनेक्टिविटी मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। नमो भारत और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल जैसी परियोजनाएं उत्तराखंड में तीर्थाटन, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देंगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने से चारधाम आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी लाभ पहुंचेगा।

-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

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