Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    नए चुनाव आयुक्त एसएस संधू का है उत्तराखंड से खास नाता, मुख्य सचिव रहते कराए थे अहम काम; गडकरी ने की थी तारीफ

    Updated: Thu, 14 Mar 2024 08:27 PM (IST)

    Sukhbir Singh Sandhu गुरुवार को चुनाव आयुक्त चुने गए डा एसएस संधू ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव पद पर रहते हुए प्रदेश में चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना ऋष ...और पढ़ें

    नए चुनाव आयुक्त डॉ. एसएस संधू का है उत्तराखंड से खास नाता
    नए चुनाव आयुक्त डॉ. एसएस संधू का है उत्तराखंड से खास नाता

    HighLights

    1. डॉ सुखबीर सिंह संधू बने चुनाव आयुक्त
    2. उत्तराखंड के मुख्य सचिव भी रहे हैं डॉ सुखबीर सिंह संधू

    राज्य ब्यूरो, देहरादून। चुनाव आयुक्त के रूप में चयनित किए गए डॉ सुखबीर सिंह संधू उत्तराखंड के मुख्य सचिव रहे हैं। डॉ एसएस संधू भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1988 बैच के उत्तराखंड कैडर के अधिकारी हैं। उनका जन्म छह जुलाई 1963 को हुआ। उन्होंने पंजाब से एमबीबीएस मेडिसिन के साथ ही एमए व एलएलबी की डिग्री भी प्राप्त की है।

    डॉ सुखबीर सिंह संधू उत्तराखंड में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद वह इसी वर्ष फरवरी में उत्तराखंड में ही लोकायुक्त के सचिव पद पर नियुक्त किए गए थे।

    मुख्य सचिव रहते हुए कराए ये काम

    गुरुवार को चुनाव आयुक्त चुने गए डॉ एसएस संधू ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव पद पर रहते हुए प्रदेश में चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और जमरानी बांधी परियोजना जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति प्रदान की। केंद्र की कई बड़ी योजनाओं को वह उत्तराखंड में धरातल पर उतारने में कामयाब रहे।

    इन महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं एसएस संधु

    उत्तराखंड में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री पद पर रहने के बाद 2019 में वह केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर चले गए थे, जहां उन्होंने अक्टूबर 2019 में एनएचएआइ के चेयरमैन के रूप में पदभार संभाला। एनएचएआइ के चेयरमैन के रूप में उन्होंने रिकॉर्ड संख्या में सड़कों का निर्माण और इससे संबंधित विवादों का निपटारा किया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संधु के एनएचएआइ में किए गए कार्यों की तारीफ भी की थी। उन्होंने जुलाई 2021 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार में मुख्य सचिव का दायित्व ग्रहण किया।

    नौ साल तक उत्तराखंड में दी सेवाएं

    डॉ संधु ने आईएएस अधिकारी के रूप में शुरुआती दौर में नौ वर्ष तक उत्तराखंड में अपनी सेवाएं दी। इसके बाद वह दो बार इंटर स्टेट डेपुटेशन पर पंजाब गए। पहली बार वह 1997 से लेकर 2002 और उसके बाद वर्ष 2007 से लेकर 2012 तक पंजाब में डेपुटेशन पर रहे। उन्हें पंजाब में दी गई सेवाओं के लिए याद किया जाता है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के एक अन्य सेवानिवृत्त मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह वर्तमान में लोकसभा महासचिव का पद संभाल रहे हैं।

    खबरें और भी

    नौ साल तक उत्तराखंड में दी सेवाएं

    डॉ संधु ने आईएएस अधिकारी के रूप में शुरुआती दौर में नौ वर्ष तक उत्तराखंड में अपनी सेवाएं दी। इसके बाद वह दो बार इंटर स्टेट डेपुटेशन पर पंजाब गए। पहली बार वह 1997 से लेकर 2002 और उसके बाद वर्ष 2007 से लेकर 2012 तक पंजाब में डेपुटेशन पर रहे। उन्हें पंजाब में दी गई सेवाओं के लिए याद किया जाता है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के एक अन्य सेवानिवृत्त मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह वर्तमान में लोकसभा महासचिव का पद संभाल रहे हैं।

    यह भी पढ़ें: UCC in Uttarakhand: जमीन पर उतरने जा रहा चुनाव में किया वादा,यूसीसी के लिए बन रही नियमावली; सीएम धामी ने बनाई समिति