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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

घर में आराम फरमा रहे प्रापर्टी डीलर से लूट के आरोपित पुलिसकर्मी

By BhanuEdited By:
Updated: Fri, 12 Apr 2019 08:12 PM (IST)

दून के प्रापर्टी डीलर से मोटी रकम लूटने के आरोपित पुलिसकर्मी फिलहाल अपने घरों में आराम फरमा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि उन्हें पुलिस लाइन से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है।

घर में आराम फरमा रहे प्रापर्टी डीलर से लूट के आरोपित पुलिसकर्मी
घर में आराम फरमा रहे प्रापर्टी डीलर से लूट के आरोपित पुलिसकर्मी

देहरादून, जेएनएन। दून के प्रापर्टी डीलर से मोटी रकम लूटने के आरोपित पुलिसकर्मी फिलहाल अपने घरों में आराम फरमा रहे हैं। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि उन्हें पुलिस लाइन से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। साथ ही सीसीटीवी से तीनों की निगरानी करने के सभी के मोबाइल सर्विलांस पर डाल दिए गए हैं।

बता दें, बीते चार अप्रैल को प्रापर्टी डीलर अनुरोध पंवार निवासी बल्लूपुर से तीन पुलिस कर्मियों ने राजपुर रोड पर चुनावी चेकिंग के नाम पर मोटी रकम लूट ली थी। कई दिन तक अफसर वारदात को छिपाते हुए पुलिस कर्मियों के बचाव का रास्ता तलाशते रहे, ताकि खाकी पर कोई नया कलंक न लगे। 

जब सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस ने वारदात की पूरी पटकथा को उजागर कर दिया तो अफसरों को विवश होकर आरोपित पुलिसकर्मियों पर लूट और साजिश रचने का मुकदमा दर्ज कराना पड़ गया। तहरीर का मजमून भी ऐसा तैयार किया गया, जिसे पढ़कर आसानी से समझा जा सकता है कि आला अधिकारियों ने इस पूरे प्रकरण पर पर्दा डालने की पूरी कोशिश की गई। 

इस कोशिश में पुलिस कामयाब नहीं हो सकी। अफसरों का कहना है कि आरोपित पुलिस कर्मियों को पुलिस लाइन में नजरबंद कर दिया गया है। तीनों की सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है और उनके मोबाइल को सर्विलांस पर लगा दिया गया है। हैरान करने वाली बात यह कि चंद ग्राम स्मैक या छोटे से अपराध में लोगों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज देने वाली पुलिस ने यहां अपने ही मानक बदल दिए। अब हवाला दिया जा रहा है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खुद रख रहे सरकारी गाड़ी की चाबी

प्रापर्टी डीलर से लूट की वारदात को आइजी गढ़वाल की सरकारी स्कार्पियो से अंजाम दिया गया था। इस वारदात के बाद आइजी गढ़वाल से लेकर तमाम अधिकारी आफिस से घर पहुंचने के बाद सरकारी गाड़ी की चाबी अपने पास रखने लगे हैं। साथ ही आइजी ने सभी सरकारी वाहनों के लॉग बुक को हर समय अपडेट करते रहने और उसकी नियमित निगरानी का भी निर्देश दिया है। 

साक्ष्य जुटाने के बाद होगी गिरफ्तारी

सीओ डालनवाला जया बलूनी ने कहा कि मामले की विवेचना इंस्पेक्टर डालनवाला राजीव रौथाण कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल की लोकेशन से पूरी कहानी खुद ही साजिश को बयां कर देती है, लेकिन अफसरों का कहना है कि साक्ष्यों को लिखापढ़ी में लाए बिना उन्हें पुख्ता नहीं माना जा सकता है। 

विवेचना के बाद होगी कार्रवाई 

आइडी गढ़वाल अजय रौतेला के अनुसार तीनों पुलिसकर्मियों को निगरानी में रखा गया है। विवेचना आरंभ कर दी गई है, जो तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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