विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Coronavirus: कोरोना से जंग में अग्रिम पंक्ति में खड़ी हैं नर्सें Dehradun News

By Bhanu Prakash SharmaEdited By: Bhanu Prakash Sharma
Updated: Tue, 07 Apr 2020 01:03 PM (IST)

इस वक्त भी नर्सें कोरोना के खिलाफ जंग में अग्रिम पंक्ति पर खड़ी हैं। वे निष्ठा आत्मीयता त्याग और समर्पण के साथ मरीजों की सेवा में जुटी हैं।

News Article Hero Image

देहरादून, जेएनएन। किसी भी बीमार व्यक्ति की सेवा जिस निष्ठा, आत्मीयता, त्याग और समर्पण के साथ एक नर्स करती है, शायद परिवार का कोई सदस्य भी न करे। इस वक्त भी नर्सें कोरोना के खिलाफ जंग में अग्रिम पंक्ति पर खड़ी हैं। 

आज जब देश कोरोना संकट से जूझ रहा है तो नर्स भी दिन रात किसी योद्धा की तरह डटी हैं। अपने सेवा भाव से मरीजों को ठीक करने के साथ ही वह उनमें सकारात्मकता का भाव भी जगा रही हैं। कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में नर्सें अग्रिम पंक्ति में खड़ी दिखाई दे रही हैं।

दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में अभी कोरोना संक्रमित दस मरीज भर्ती हैं। तीन मरीज पूर्णत: स्वस्थ होकर यहां से डिस्चार्ज हो चुके हैं। जिसमें नर्सिंग स्टाफ की अहम भूमिका रही है। यही वजह है कि उन्हें स्वास्थ्य सिस्टम की रीढ़ माना जाता है। तभी इस बार का विश्व स्वास्थ्य दिवस भी उन्हें समर्पित है। 

दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में भी एएनएस रामेश्वरी नेगी, तुलसा चौधरी, अंजना नोक्स की अगुआई में नसिर्ंग स्टाफ इस मुश्किल घड़ी में पूरी शिद्दत के साथ अपनी ड्यूटी कर रहा है। एएनएस रामेश्वरी नेगी ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी के लिए नर्सिंग स्टाफ के चार ग्रुप बनाए गए हैं। प्रत्येक ग्रुप से सात दिन ड्यूटी कराने के बाद उन्हें 14 दिन की छुट्टी दी जा रही है।

इसमें भी नाइट शिफ्ट करने वालों को बीच में ब्रेक दिया जाता है। प्रत्येक दिन तीन शिफ्ट में नसिर्ंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई जा रही है। वर्तमान में सिस्टर एग्नेस, यामिनी, आयशा, त्रिभुवन, सपना, अंजना, पूजा पंत, सुशीला, भारती जुयाल, लोकेश व कल्पान अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी कर रही हैं। मरीज को समय पर दवा देना, मरीजों की फाइल बनाना, उनकी देखभाल और काउंसिलिंग का भार इनके कांधे पर है। वह लगातार पीपीई किट पहनकर शिद्दत के साथ अपना काम कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: Coronavirus: हरिद्वार जिले में ढाई हजार से ज्यादा लोग होम क्वारंटाइन Haridwar News

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना का कहना है कि इस वक्त नसिर्ंग स्टाफ डॉक्टरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ अपना काम कर रहा है। मरीज की देख-रेख में नर्से जिस तरह से कार्य कर रही हैं, वह सराहनीय है। कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में उनका अहम योगदान है।

यह भी पढ़ें: Coronavirus: पनियाला गांव में घर-घर जाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच Haridwar News